चेचक, शीतला व मसूरिया का ज्वर का घरेलु उपचार

Chechak ka ilaj lakhsan aur upay

यह एक ऐसा बुखार है जो बड़ी बीमारी का संकेत होता है | आइये जानते है इसके बारे में और इसके घरेलु इलाज के बारे में भी |

इस बुखार का कारण व लक्षण

शीतला, चेचक या मसूरिया निकलने से पूर्व ज्वर आता है, शरीर में खुजली होने लगती है, शरीर में फटन होती है। भूख नहीं लगती, त्वचा में सूजन आ जाती है। शरीर का रंग बदल जाता है तथा रोगी की आंखें रक्त के समान लाल हो जाती हैं। बुखार, सिरदर्द, उबकाई व बेचैनी आदि होती है। शरीर में रोग के प्रथम तीन-चार दिन पहले सिर, गर्दन व छाती पर लाल निशान दिखाई देने लगते हैं| इसके पश्चात सारे शरीर पर फुंसियों जैसे दाने  उभर आते हैं।

घरेलु उपचार Gharelu Upchar

1. आंवला का प्रयोग – आंवला, मुलहठी, बहेड़ा, मूर्वा, दारुहल्दी की छाल, नीलकमल, खस, लोधा तथा मजीठ-इन सबको पीसकर आंखों पर लेप करने से मसूरिया ठीक हो जाती है। आंवले के समभाग में लघुपंचमूल, बृहपंचमूल, रास्ना, खस, धमासा, गिलोय, धनिया व नागरमोथा को पानी में पीसकर पीने से वातज मसूरिया में लाभ होता है (उपरोक्त दोनों विधियों में आवले के अतिरिक्त प्रयुक्त सामग्री पंसारी की दुकान पर आसानी से मिल जाती है।)

2. बादाम से इलाज – पांच बादाम पानी में भिगोकर पीसकर रोगी को पिलाते रहने से चेचक के दाने शीघ्र ही भर जाते हैं व रोग जल्दी ठीक हो जाता है।

3. आडू के रस से इलाज –  आडू के रस में शुद्ध शहद मिलाकर पीने से मसूरिया में लाभ होता है।

4. सत्यानाशी के पत्ते – सत्यानाशी के कोमल पत्तों को गुड़ के साथ मिलाकर खाने से चेचक नहीं निकलती।

5. बेर का चूर्ण खाएं – बेर का चूर्ण गुड़ के साथ खाने से मसूरिया शीघ्र ही पक जाती है व रोगी जल्दी ठीक हो जाता है।

6. अनार का प्रयोग – मुनक्का के साथ मुलहठी, गिलोय, गन्ने की जड़ तथा मीठे अनार के छिलकों को पीसकर गुड़ मिलाकर पीने से चेचक में काफी लाभ होता है।

7. नारंगी के छिलके – नारंगी के छिलकों को सुखाकर पीस लें तथा इसके चार चम्मच में गुलाबजल मिलाकर पेस्ट बनाकर प्रतिदिन चेहरे पर मलें। इससे चेचक के दाग हो ठीक हो जाएंगे। यह उपचार तब तक करें, जब तक दाग पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाते।

8. अंगूर खाएं – गर्म पानी से अंगूर धोकर खाने से चेचक में काफी लाभ होता है।

9. मुनक्का खाएं – चेचक के रोगी को दिन में कई बार मुनक्के खिलाने की सलाह दी जाती है और यह भी कहा जाता है कि चेचक के रोगी के मुंह में मुनक्के हमेशा रखे रहने चाहिए। इससे चेचक में काफी राहत महसूस होती है।

10. किशमिश खाएं – चेचक के रोगी को किशमिश खिलाने से बहुत लाभ होता है। इससे उसकी रोग – प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) का भी विकास होता है।

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