जूड़ी बुखार (विषम शीत ज्वर) का घरेलु आयुर्वेदिक उपचार

gharelu nuskhe for fever in hindi

जूड़ी बुखार का कारण व लक्षण

सामान्य बुखार की तरह इस बुखार में भी रोगी के शरीर का तापमान बढ़ने लगता है तथा उसके शरीर में टूटन होने लगती है। प्यास भी अधिक लगती है।

जूड़ी बुखार का घरेलु उपचार

1. जामुन के सिरके का प्रयोग करें –  जामुन का सिरका पीते रहने से विषम शीत ज्वर के कारण हुई पित्ती ठीक हो जाती है। इसके नियमित उपयोग से यह बुखार जाता रहता है।

2. अंजीर के सिरके करेगा फायदा – अंजीर को सिरके में डुबोकर सुबह-शाम प्रतिदिन खाने से काफी राहत मिलती है।

3. नीबू का सेवन करें – आधे नीबू के रस में चार चम्मच पानी तथा मीठा होने भर के लिए शक्कर मिला दें। इस पेय को 3-4 दिन तक रोगी को पिलाने से ज्वर में काफी आराम मिलता है।

4. आंवला का सेवन करें – गिलोय, आंवला और नागरमोथा का काढ़ा पीने से यह ज्वर जड़ से नष्ट हो जाता है।

5. संतरा का रस पियें – प्रतिदिन एक गिलास संतरे का रस पीएं, काफी आराम की अनुभूति होगी।

6. सेव का सेवन करें – सेव का सेवन रोगी के शरीर में नव-ऊर्जा का संचार कर देता है जिससे यह फीवर जल्द ही ठीक हो जाता है |

7. इस बुखार में बेल है फायदेमंद – पके हुए बेल के सेवन से विषम शीत ज्वर में काफी आराम मिलता है |

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