बच्चों की पसली चलना का कारण व घरेलू उपचार

Pain of the ribs of Kids

बच्चों की पसली चलना आज एक आम समस्या हो गयी है जो अक्सर सर्दी के मौसम में अधिक पाए जाती है | कई इसके बारे में माता – पिता को पता ही नहीं चल पाता है | यह समस्या अक्सर छोटे बच्चों में दिखायी देती है | आइये जानते है इस रोग के लक्षण और घरेलु इलाज के बारे में –

पसली चलने का कारण व लक्षण

बच्चों को सर्दी लग जाने के कारण उनकी पसली चलने लग जाती है। इस रोग में बच्चों को छीक आती रहती हैं व नाक बहने लगती है तथा सांस तेज चलने लगती है। बच्चा रोता रहता है तथा चुप कराने पर भी आसानी से चुप नहीं होता।

पसली चलने का घरेलु इलाज

1. अरंडी का तेल: बच्चे के पेट में अरंडी के तेल की मालिश करके ऊपर से बकायन की पत्ती गरम करके बांधने से पसली का चलना रुक जाता है।

2. मुनक्काः मुनक्का एक दाना, काकड़ासिंगी तीन रत्ती, आधा रत्ती दालचीनी मिलाकर शुद्ध शहद के साथ बालक को चटाने से खांसी में काफी लाभ होता है व पसली चलना भी रुक जाता है। (एक रत्ती = ०.12 ग्राम )

3. बेल: बेल के पत्तों को पीसकर बच्चे की पसलियों पर लेप करने से पसली चलना बंद हो जाता है।

अन्य उपचार – बेल की जड़, छाल, पत्ते, नागरमोथा, त्रिफला और कटेरी की पांच-पांच ग्राम मात्रा लेकर 100 ग्राम पानी में काढ़ा तैयार कर लें। काढ़ा तैयार करते समय पानी को अच्छी तरह उबालें। थोड़ा सा गुड़ मिलाकर एक चम्मच काढ़ा दस-दस मिनट के अंतराल से बच्चे को पिलाते रहें। इससे बच्चे को काफी आराम मिलेगा।

loading...

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*