अमलतास के गुण

amaltas flower

पीले फूलों वाला अमलतास का पेड़ सड़कों के किनारे और बगीचों में प्राय: मिल जाता है | इसकी फली का गूदा विशेषरूप से उपयोगी होता है साथ ही पत्र, पुष्प और जड़ का प्रयोग भी औषधि के रूप में किया जाता है |

इसका प्रयोग कई रोगों को ठीक करने में किया जाता है और इसके मुख्य प्रयोग नीचे दिये है :-

त्वचा रोग : त्वचा रोगों में इसका गूदा 5 ग्राम इमली और 3 ग्राम पानी में घोलकर नियमित प्रयोग से लाभ होता है | इसके पत्तों को बारीक पीसकर उसका लेप भी साथ-साथ करने से लाभ मिलता गये है |

कब्ज दूर करने के लिए : एक चम्मच फल के गूदे को एक कप पानी में भिगोकर मसलकर छान ले | इसके प्रयोग से कब्ज दूर हो जाता है |

सूखी खांसी ठीक करने के लिए : इसकी फूलों का अवलेह बनाकर सेवन करने से सूखी खांसी दूर हो जाती है |

बुखार ठीक करने के लिए : इसकी जड़ की छाल का काढ़ा ५० मिली. की मात्रा में नियमित प्रयोग से आमपाचन होकर बुखार ठीक हो जाता है |

गले की खरास ठीक करने के लिए: इसके लिए जड़ की छाल का काढ़ा बनाकर, गुनगुने काढ़े से गरारा करने से फायदा मिलता है |

एसिडिटी ठीक करने के लिए: फल के गूदे को पानी मे घोलकर हलका गुन्गुना करके नाभी के चारों ओर 10-15 मिनट  तक मालिस  करें । यह प्रयोग नियमित करने से स्थायी लाभ होता है ।

श्वास कष्ट ठीक करने के लिए अस्थमा के रोगी में कफ को निकालने और कब्ज को दूर करने के लिये फलों का गूदा दो ग्राम पानी में घोलकर गुनगुना सेवन करना चहिये ।

घाव ठीक करने के लिए : इसकी छाल के काढ़े का प्रयोग घावों को धोने के लिये किया जाता है । इससे संक्रमण नही  होता है ।

विशेष प्रयोग : पित्त कब्ज विकारों में अमलताश का प्रयोग संशोधन के  लिये और वात वैतिक विकारों  में संशमन के लिये सफलतापूर्वक किया जाता है ।

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