दमा रोग की चिकित्सा

पहिचान – इस मर्ज में खांसी आती है, कफ गिरता है और सांस बढ़ जाती है | कभी – कभी तो दम भी बहुत फूलता है|

  1. किसी मिट्टी के बर्तन में गेहू और हल्दी बराबर मात्रा में अलग – अलग जला दे फिर दोनो को बारीक पीस कर मिला दे | पहले दिन कुन-कुने पानी के साथ पाच मासे खाएं और थोड़ा- थोड़ा करके प्रतिदिन बढ़ाते जाए | इस प्रकार सात हप्ते तक इस्तेमाल करने पर अवश्य लाभ होगा |
  2. सौफ के अर्क में मुलहठी पीसकर छान ले | कुन-कुने पानी के साथ इसे पीने से सांस की खराबी तुरंत दूर हो जाती है और सांस आसानी से आती-जाती रहती है |
  3. आक की कलि एक भाग, सांभर नमक दो भाग, काली मिर्च ३ भाग | इन तीनो को कूटकर चने के बराबर गोलिया बना ले और एक गोली सुबह एक गोली शाम को भोजन से एक घंटे पहले या बाद में चूसें | हप्ते दो हप्ते इसका इस्तेमाल करने से दमा और खांशी को अवश्य फायदा होता है |
  4. अरण्ड के पत्ते को दो कच्ची रोटियों के बीच में पका ले | फिर इस पत्ते को निकालकर थोड़ा पान में रखकर खाएं, यह दवा शक्तिवर्धक भी है | यदि इसके इस्तमाल से गर्मी बढ़ती मालूम पड़े तो दूध और घी का प्रयोग अधिक करे इससे दमे को अवश्य लाभ होगा |
  5. थोड़ी थोड़ी महुवे की कच्ची शराब का प्रयोग करना इसके लिए लाभदायक है |
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