दांतों के रोग का घरेलू इलाज

Ayurveda For Teeth Problems In Hindi.

दांतों का फोड़ा (Dental Abscess)Ayurveda For Teeth Problems In Hindi.

दांतों की जड़ों के आसपास की त्वचा अथवा कोशिकाओं में छोटे-छोटे सूराख हो जाते हैं और खाद्य पदार्थों के सड़ने से उनमें पस पड़ जाती है |

कारण

दांतों में फंसे भोजन का सड़ना, मसूड़ों का कमजोर पड़ जाना इस रोग के कारण हैं | यह जबड़े की पूरी हड्डी में फैल जाता है | यदि इसका इलाज न किया जाए तो नीचे हड्डी तक पहुंच जाता है |

लक्षण

कोई भी चीज खाते समय भयंकर दर्द होता है | यदि फोड़ा फट जाए तो कुछ आराम अनुभव होता है | परन्तु फोड़े से गले की ग्रंथियां प्रभावित होती हैं और मुंह पर सूजन भी हो जाती है | बुखार भी आ सकता है |

उपचार

चिकित्सक पस निकालकर एण्टीबायटिक दवाइयां देते हैं |

मसूड़ों का फूलना (Gum Disease)

दांतों को ठीक से साफ न करने से दांतों की जड़ों में पपड़ी सी जमने लगती है और धीरे-धीरे यह कड़ी हो जाती है और मसूड़े खराब होने लगते हैं | वास्तव में दांतों के पीछे का भाग अच्छी तरह साफ नहीं हो पाता और धीरे-धीरे वहां पपड़ी जम जाती है | इससे कीटाणु पनपते हैं | इससे दांत के नीचे का मसूड़े वाला भाग सूजने लगता है |

जो लोग उंगली से दांत साफ करते हैं, उनके दांतों के जोड़ों और जड़ों में मैल जमा होता रहता है और धीरे-धीरे कड़ा हो जाता है | उंगली से मसूड़ों की मालिश हो सकती है और दांत भी साफ हो जाते हैं परन्तु दांतों की जड़ों के पास जमा मैल साफ नहीं होता | इसलिए उन्हें चाहिए कि कभी-कभी ब्रश से दांतों की जड़ों को साफ करते रहें |

दांत की सड़न (Tooth Abscess)

दांत का फोड़ा, सड़ना या दर्द होना या दांत में खोड़ हो जाना एक जैसे रोग हैं | दांत गन्दे रहें तो उनमें खोड़ हो जाती है और उसमें खाने के अंश जमा होते रहने से उनमें सड़न पैदा हो जाती है और दांत में भयंकर दर्द हो जाता है | दांत का यह दर्द काफी असह्य हो जाता है |

उपचार

दांतों की भली-भांति नियमित सफाई करें व चिकित्सक की सलाह लें |

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1 Comment

  1. You can also rub the juice from neem leaves on your teeth and gums, allow it to sit for 5 minutes and then rinse it off with warm water. Do this daily.

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