पेटदर्द होने पर घरेलू नुस्खे

Home Remedy for stomach pain

पेट में दर्द होना एक आम समस्या है ,जिससे लगभग सभी व्यक्तियों को जीवन में बार बार सामना करना Home Remedy for stomach painपड़ता है | इनके कई अलग अलग काऱण हो सकते है । पेट में दर्द होना कोई गंभीर रोग अथवा स्थिति नहीं है किंतु दर्द की अधिकता से रोगी बेचैन हो उठता है और तुरंत दर्द से छुटकारा पाना चाहता है |

कारण

पेटदर्द का कोई निश्चित कारण नहीं है | यह सामान्य कारणों, जैसे अधिक भोजन करने, वायु बनने, अपच आदि के कारण भी हो सकता है तथा अलसर, कब्ज आदि दीर्घकालिक रोगों के फलस्वरूप भी हो सकता है | अतः बार-बार पेटदर्द होने पर किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें |

लक्षण

पेट में पीड़ा की लहरें उठना (दर्द होना) इस रोग का प्रमुख लक्षण है |

उपचार

सामान्य पेटदर्द की स्थिति में निम्न उपचार करें |

1. हींग का चूर्ण गर्म पानी में मिश्रित कर सेवन करें |

2. पानी में अजवाइन उबालकर छान लें और उसमें काला नमक मिलाकर पीएं | हींग को गरम पानी में घोलकर और मोटे सूती कपड़े को इस घोल में भिगोकर गरम-गरम सेंक देने से पेटदर्द में आराम पहुंचता है |

3. हैजे की प्रारम्भिक स्थिति में भयंकर पेटदर्द होता है | इसके उपचार के लिए प्याज छीलकर कहूकस करें और उससे निकले रस में काला नमक मिलाकर रोगी को पिलाएं | पेटदर्द में तुरन्त आराम मिलेगा |

4. बच्चों को पेटदर्द होने की स्थिति में अजवाइन के काढ़े में एक चम्मच शहद मिलाकर चटाने से तुरंत लाभ होता है | पेट पर हींग की गरम पट्टी का सेंक देने से भी बच्चों के पेटदर्द में लाभ होता है |

5. बाजार में मिलने वाली ‘अमृतधारा’ तथा पुदीन हरा औषधियों से पेट सम्बंधी लगभग सभी सामान्य विकार दूर होते हैं | इसकी दो-तीन बूंदें पानी में घोलकर या बताशे में डालकर सेवन करनी चाहिए | इस दवा से हैजे, अतिसार, पतले दस्त, आंव, खट्टी डकारें, अफारा, वायु तथा गैस आदि विकारों में तुरंत आराम पहुंचता है |

‘अमृतधारा’ स्वयं तैयार करें : घर पर ‘अमृतधारा’ तैयार करने के लिए समान मात्रा में कपूर, पोदीने का सत, पिपरमिंट और अजवाइन का सत एक छोटी शीशी में भरकर 15-20 मिनट तक उसे हिलाएं | आवश्यकता पड़ने पर इसकी तीन-चार बूंदें पानी या बताशे में डालकर सेवन करें | यदि फौरन आराम न मिले तो आधे घंटे बाद दोबारा प्रयोग करें |

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