बाइपोलर डिसऑर्डर क्या है ? Bipolar Disorder And Treatment in Hindi

bipolar disorder treatment in hindi

बाइपोलर डिसऑर्डर क्या है ? What Is Bipolar Disorder And Treatment in Hindi ?– हमारा दिमाग चलता तो बहुत है पर कभी-कभी यह या तो बहुत ज्यादा चलता है या फिर एकदम से ठहर जाता है. आइए जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है-

बाइपोलर डिसऑर्डर के सिम्पटम्स bipolar disorder symptoms in hindi

कभी-कभी कुछ बच्चे हंसमुख और खुशहाल जिंदगी जी रहे होते हैं. लेकिन कुछ ही समय में उनमें एक अजीब सा बदलाव साफ-साफ नजर आने लगता है – जैसेकि वह जरा सी बात पर तेज गुस्सा हो जाते हैं या कभी मायूसी से गुम रह जाते हैं. किसी भी बात का ठीक से जवाब ना देकर मुंह लटकाए एक ही पोजीशन में देर तक बैठे रहते हैं और कभी भी हंसने लगते हैं. ऐसी चिंता उनके मां बाप को बहुत सताती है. लेकिन यदि ऐसे बच्चों को किसी मनोचिकित्सक के पास ले जाएं तो जांच-पड़ताल के बाद उसकी स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. मनोवैज्ञानिक उन बीमार बच्चों के साथ-साथ माता-पिता से भी कुछ जानकारी लेते हैं और ऐसी स्थिति में बाइपोलर डिसऑर्डर की स्थिति की संभावना अधिक होती है. जिसके कारण ऐसा अजीब व्यवहार हो रहा होता है

आइए जानते हैं कि बाइपोलर डिसऑर्डर क्या होता है (bipolar disorder kya hai).

बाइपोलर डिसऑर्डर bipolar disorder details in hindi

इस रोग में मरीज सुख-दुख पर कंट्रोल नहीं रख पाता. खुश होगा तो बेइंतहा, दुखी होगा तो दुखों के सागर में डूब जाएगा. यह एक तरह का सनकीपन होता है, जिसमें मरीज असामान्य व्यवहार करता है. उसकी एकाग्रता बिल्कुल खत्म सी हो जाती है. वह कई बार हाईपर तो कभी डिप्रेशन में रहने लगता है. नींद उससे कोसों दूर हो जाती है, क्योंकि दिमाग और वर्क करने लगता है. सोचने की रफ्तार तेज हो जाती है. कभी एनर्जी लेवल इतना बढ़ जाता है कि उसे निकालने का सही जरिया नहीं मिल पाता.

इसलिए गुस्से के अतिरिक्त वह कभी सनकी ड्राइविंग जैसा खतरनाक काम करता है, तो कभी रोडरेज में शामिल हो जाता है. बेमतलब किसी से उलझ पड़ना, धैर्य को देना. हमेशा असमंजसता की स्थिति में मल्टीटास्किंग की प्लानिंग करते हुए शेखचिल्ली सी सोच में डूब जाना. कभी ओवरकॉन्फिडेंस का प्रदर्शन तो कभी मायूसी में गहरी हीन भावना की चपेट में आ जाना. इस तरह का असामान्य बर्ताव स्वयं के साथ-साथ परिवार की जिंदगी भी मुश्किल में डाल देता है. इंतहा तो तब हो जाती है, जब मायूसी के कारण मरीज आत्महत्या पर उतारू हो जाता है. जिसमें कभी-कभी वह सफल भी हो जाता है

क्यों होता है बाइपोलर डिसऑर्डर bipolar disorder causes

आजकल की लाइफस्टाइल, इस रोग के लिए काफी हद तक जिम्मेदार मानी जा सकती है. रिश्तो का कमजोर होना, खाने में मिलावट, प्रदूषण के साथ आधुनिक जीवन की गलाकाट प्रतियोगिता के चलते मारामारी और निराशा दिमाग का सुकून छीन लेती है. बच्चों और किशोरों में भी बेचैनी, गुस्सा, खीझ , चिड़चिड़ापन, उसी तरह उभरकर सामने आते हैं. वैसे वयस्कों में कभी-कभी माहौल के अलावा यह रोग आनुवंशिक कारण से भी हो सकता है. इसका एक और कारण है बायोकेमिकल, इसमें दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर्स का असंतुलन हो जाता है जिसके चलते व्यक्ति का दिमाग गड़बड़ा जाता है. कई बार जीवन में कोई गहरा सदमा बर्दाश्त ना कर पाने के कारण, नशे के आदी होने तथा लड़कियों, औरतों में हार्मोनल असंतुलन भी बाइपोलर डिसऑर्डर का कारण बन जाते हैं.

बाइपोलर डिसऑर्डर का उपचार bipolar disorder treatment in hindi

इस बीमारी का कोई उपचार नहीं है, यह धारणा बनाना गलत है. यह एक मनोरोग है और इसका उपचार मनोवैज्ञानिक तरीके से ही बेहतर होता है. एलोपैथी की मदद गंभीर केस में ली जा सकती है. वैसे कुछ बातें जो हर एक के हक में हैं, उन पर खास ध्यान देना होगा – जैसे हर समय घर में सौहार्दपूर्ण वातावरण, आपसी विश्वास, अपनापन, खुलापन, पॉजिटिव सोच और छोटी-छोटी बातों में खुशियां ढूंढ लेने की कला होना अति आवश्यक है. यदि आपके घर में या आपके पड़ोस में किसी को इस तरह की बीमारी है, तो उनको सलाह दें या उन्हें लेकर जाएं किसी मनोचिकित्सक के पास. जो इसकी जांच कर यह बताने में समर्थ होगा, कि उसको कौन सा इलाज किस तरह से करना बेहतर होगा.

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