अजवायन के औषधीय गुण और 24 फायदे Ajwain Ke Fayde in Hindi

Ajwain water ke fayde for weight loss

अजवायन के औषधीय गुण और फायदे Ajwain Medicinal Benefits Aur Ajwain Ke Fayde in Hindi.

अजवाइन का पयोग हम घरों पर अक्सर करते हैं. जाड़े के दिनों में ठण्ड लग जाने पर इसका प्रयोग किया जाता है. Ajwain ke fayde for weight loss ke liye bhi hai. Ajwain ko pani me daalkar ubaalkar piya jaata hai. Ajwain ke pani ke nuksaan bhi ho sakte hai yadi use sahi tareke se na liya jaye.

अजवायन के औषधीय गुण

इसका पौधे वैसे तो सारे भारतवर्ष में लगाया जाता है, लेकिन बंगाल, दक्षिणी प्रदेश और पंजाब में अधिकता से पैदा होता है | इसके पौधे 2-3 फूट ऊँचे और पत्ते छोटे अकार में कुछ कंटीले होते हैं |डालियों पर सफेद पुष्प गुच्छे के रूप में लगते हैं, जो पक कर एवं सूख जाने पर अजवायन के दानों में परिवर्तित हो जाते हैं | ये दाने ही हमारे घरों में मसाले के रूप में और औषधियों में उपयोग किए जाते हैं ।

अजवायन के विभिन्न भाषाओं में नाम

संस्कृत – यवानी, यवानिका । हिन्दी-अजवायन, अजवाइन । मराठी—ओवा । गुजरती – अजमो , जवाइन । बंगाली-यमानी ।अंग्रेजी -विशप्स वीडसीड  (Bishop’s weed seed) । लेटिन-केरम कोपटिकम  (Carum copticum) टाइकोटिस अजोवान (Ptychotis ajowan) ।

अजवायन के गुण ajwain benefits ayurveda

अजवायन की प्रशंसा में आयुर्वेद में कहा गया है- ‘एका यमानी शतमन्न पाचिका’ अर्थात् इसमें सौ प्रकार के अन्न पचाने की ताकत होती हैं ।

आयुर्वेदिक मतानुसार अजवायन पाचक, चरपऱी. रूचिकारक, गरम, तीक्ष्ण, दीपन, कड़वी, शुक्रदोष निवारक, वीर्यजनक, पित्तजनफ, हदय के लिए हितकारी, कफ को हरने वाली, गर्भाशय को उत्तेजना देने वाली, ज्वर नाशक, शोथनाशक, मूत्रकारक, कृमिनाशक, वमन, शूल, उदर रोग, आमवात, बादी, बवासीर, प्लीहा के रोगों का नाश करने वाली, ऊष्णवीर्य औषधि है।

यूनानी मतानुसार अजवायन अमाशय अन्याय, यकृत, वृक्क को ऊष्णता और शक्ति देने वाली, आर्द्रता शोषक, वातनाशक, कामोद्दीपक, कब्ज दूर करने वाली, पसीना, मूत्र, दुग्ध, आर्त्तव निकालने वाली, तीसंरे दर्जे की गर्म और रुक्ष होती है ।

वैज्ञानिक मतानुसार अजवायन की रासायनिक संरचना में आर्द्रता 7.4, कार्बोहाइड्रेट 24.6, बसा 21.8, प्रोटीन 17.1, खनिज 7.9  प्रतिशत,  कैल्सियम,  फास्फोरस,  लोह,  पोटेशियम,  सोडियम,  रिबिफ्लेविन,  थायमिन,  निकोटिन एसिड  अल्प मात्रा में, आंशिक  रूप  से  आयोडीन,  शर्करा,  सेपोनिन,  टेनिन,  केरोटिन  और  स्थिर  तेल  14.8 प्रतिशत पाया जाता है  इसमें मिलने वाला सुगंधित तेल 2 से 4 प्रतिशत  होता है,  जिसमें  55 से 60  प्रतिशत मुख्य घटक थाइमोल (thymol) पाया जाता है । मानक रुप से अजवायन के तेल में थाइमोल 40% होना चाहिए |

अजवायन के फायदे ajwain ke fayde hindi me

वायु के दर्द या कफ जमने पर – किसी प्रकार का वायु दर्द हो या सन्धियों में पीड़ा हो अथवा उदर शूल हो या फिर सर्दी के कारण छाती में बलगम जम गया हो इन सभी मर्जो पर अजवायन के तेल की मालिश करनी चाहिये। अजवयान तेल वैसे तो बाजार में मिल जाता है। मगर यदि न मिले तो अजवायन को सरसों के तेल मे पकाकर भी काम चलाया जा सकता है। यह तेल दर्द में भी मुफीद है।

वेट कम करने के लिए अजवाइन (Ajwain ke fayde for weight loss) – यह वजन कम करने में भी सहायक हैं. वजन कम करने के लिए, अजवाइन का पानी सुबह और शाम को पियें. ऐसा करने से मेटाबोलिज्म में सुधार आता है और पाचन क्रिया मजबूत बनती हैं. जिससे अतिरिक्त चर्बी घटने लगती है. Motapa Kaise Kam Kare मोटापा और चर्बी कैसे कम करें

शूल पर- कैसा भी उदर शूल क्यों न हो 3-4 ग्राम अजवायन पीसकर थोंड़े से सेंधा नमक या काले नमक के साथ फांककर उपर से गुनगुना जल पीने से दर्द गायब हो जाता है।

हैजे में अजवाइन खाएं – कपूर के साथ अजवायन मिलाकर देना चाहिये। फिर अजवायन का अर्क 12 ग्राम प्यास लगने पर रोगी को पिलाते रहना चाहिये। मगर ध्यान रहे हैजे में जल कभी न दें उसके स्थान पर यही अर्क दें। अगर हैजे के रागी के हाथ पैर ठंडे पड़ गये हो तो अजवायन की पोटली बनाकर सेकना चाहिये।

उदर शूल हर चूर्ण- अजवायन 12 ग्राम काली मिर्च 12 ग्राम, काला नमक 6 ग्राम, सौठ 12 ग्राम तथा बड़ी इलायची 12 ग्राम। इन सभी चीजों को कूट पीसकर कपड़छन करके रख ले। यह चूर्ण 6 ग्राम सुबह और 6 ग्राम शाम को भोजनोपरानत सेंवन करने से समस्त प्रकार के उदर शूल दूर होते है। तथा वायु विकार भी नही हाने पाते, भोजन के बाद मुह में थोड़ी सी अजवायन रखकर धीरे-घीरे उसका रस चुसते रहने से भी पाचन शक्ति बढ़ती है। और पेट के विकार दूर होते है।

अजवायन का अर्क उदर शूल के लिए- अजवायन का अर्क निकलने का सबसे आसान तरीका यह है। कि डेढ़ या दो किलो अजवायन को चार किलो पानी में भीगों दो इसे दो रात रखा रहने दें फिर मुनक्के द्वारा आसवन विधी से भट्टी पर चढ़ाकर इसका अर्क उतार ले। फिर यह अर्क उदरशूल, वमन, मरोड़ आदि की रामबाण औसधि है।

बच्चो की सर्दी पर– अजवायन का बफरा देने से बच्चों की सर्दी दूर होती है।

☑ सिर दर्द में लाभकारी – यदि आपको सिर दर्द तो आप थोड़ी अजवायन पीसकर फांक लें या पानी में उबालकर पियें, आपको सिर दर्द में फायदा होगा. सिरदर्द (Head Ache) का घरेलू इलाज

☑ पेट में कृमि : एक चौथाई चम्मच नमकीन अजवायन बच्चों को दिन में 3 बार नियमित रुप से खिलाते  रहने से  कुछ ही दिनों में सारे कृमि मर जाएंगे । 4-5 बूंद अजवायन का तैल सोते समय देने से लाभ होता है।

☑ गठिया : जोडों के दर्द में पीड़ित स्थानों पर अजवायन के तेल की मालिश करने राहत  मिलेगी ।

☑ शीत पित्त : आधा चम्मच अजवायन और एक चम्मच गुड मिलाकर सेवन करें ।

☑ मिट्ठी  या कोयला खाने की आदत : एक चम्मच अजवायन का चूर्ण रात में सोते समय नियमित रूप से तीन हफ्ते  तक खिलाएं । इससे मिट्टी खाने की आदत छूट जाती है ।

☑ पेट दर्द : एक ग्राम काला नमक और दो ग्राम अजवायन गर्म पानी के साथ सेवन कराएँ ।

☑ स्त्री रोगों में : प्रसूता को एक चम्मच अजवायन और दो चम्मच गुड़ मिलाकर दिन से 3 बार खिलाने से  कमर का दर्द दूर होकर गर्भाशय की शुद्धि होती हे । साथ ही भूख लगती है एवं बल में वृद्धि होती है । मासिक धर्म की अनेक तकलीफें इसी प्रयोग से दूर हो जाती हैं ।

☑ खांसी : एक चम्मच अजवायन को अच्छी तरह चबाकर गर्म पानी सेवन करें । रात में लगने वाली खांसी को दूर करने के लिए पान के पत्ते में आधा चम्मच अजवायन लपेटकर चबाएं और चूस-चूसकर उसका रस निगल जाएं।

☑ बिस्तर में पेशाब करना : सोने से पूर्व एक ग्राम अजवायन का चूर्ण कुछ दिनो तक नियमित खिलाए ।

☑ बहुमूत्र : समान मात्रा में अजवायन और गुड़ मिलाकर 5-5 ग्राम की गोलिया बना लें। दिन में 3-4 बार सेवन कराएं।

☑ गैस :काला नमक और अजवायन समान मात्रा में पीसकर एक चम्मच की मात्रा में एक कप छाछ के  साथ दिन में दो बार भोजन के बाद पिलाएं ।

☑ मुंहासे : 2 चम्मच अजवायन को 4 चम्मच दही में पीसकर रात में सोते समय पुरे चेहरे पर मलकर लगाए और सुबह गर्म पानी से साफ कर लें ।

☑ दांत दर्द : पीडित दांत पर अजवायन का तेल लगाएं । एक घंटे बाद गर्म पानी में एक-एक चम्मच पिसी अजवायन और नमक मिलाकर कुल्ला फुल्ला करें।

☑ जुकाम : अजवायन को पीसकर एक पोटली बना लें , उसे दिन में कई बार सूंघें, इससे बंद नाक खुल जाएगी।

☑ अपच, मंदागिन में : भोजन के बाद नियमित रूप से एक चम्मच सिंकी हुई व सेंधानमक लगी अजवायन चबाएं ।

☑ जूं, लीख : एक चम्मच फिटकिरी और दो चम्मच अजवायन को पीसकर एक कप छाछ में मिलाकर बालों की जड़ों में सोते समय लगाए और सुबह धो लें ले ।

☑ त्वचा रोग : फुंसियों  दाद, खाज-खुजली पर गर्म पानी में पिसी हुई अजवायन का लेप दिन में तीन बार लगाएं।

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