अजवायन के औषधीय गुण

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अजवायन के औषधीय गुण

  • वायु के दर्द या कफ जमने पर– किसी प्रकार का वायु दर्द हो या सन्धियों में पिड़ा हो अथवा उदर शूल हो या फिर सर्दी के कारण छाती में बलगम जम गया हो इन सभी मर्जो पर अजवायन के तेल की मालिश करनी चाहिये। अजवयान तेल वैसे तो बाजार में मिल जाता है। मगर यदि न मिले तो अजवायन को सरसों के तेल मे पकाकर भी काम चलाया जा सकता है। यह तेल दर्द में भी मुफीद है।
  • उदर शूल पर- कैसा भी उदर शूल क्यों न हो 3-4 ग्राम अजवायन पीसकर थोंड़े से सेंधा नमक या काले नमक के साथ फांककर उपर से गुनगुना जल पीने से दर्द गायब हो जाता है।
  • विसूचिका (हैजे) में- कपूर के साथ अजवायन मिलाकर देना चाहिये। फिर अजवायन का अर्क 12 ग्राम प्यास लगने पर रोगी को पिलाते रहना चाहिये। मगर ध्यान रहे हैजे में जल कभी न दें उसके स्थान पर यही अर्क दें। अगर हैजे के रागी के हाथ पैर ठंडे पड़ गये हो तो अजवायन की पोटली बनाकर सेकना चाहिये।
  • उदर शूल हर चूर्ण- अजवायन 12 ग्राम काली मिर्च 12 ग्राम, काला नमक 6 ग्राम, सौठ 12 ग्राम तथा बड़ी इलायची 12 ग्राम। इन सभी चीजों को कूट पीसकर कपड़छन करके रख ले। यह चूर्ण 6 ग्राम सुबह और 6 ग्राम शाम को भोजनोपरानत सेंवन करने से समस्त प्रकार के उदर शूल दूर होते है। तथा वायु विकार भी नही हाने पाते, भोजन के बाद मुह में थोड़ी सी अजवायन रखकर धीरे-घीरे उसका रस चुसते रहने से भी पाचन शक्ति बढ़ती है। और पेट के विकार दूर होते है।
  • अजवायन का अर्क उदर शूल के लिए- अजवायन का अर्क निकलने का सबसे आसान तरीका यह है। कि डेढ़ या दो किलो अजवायन को चार किलो पानी में भीगों दो इसे दो रात रखा रहने दें फिर मुनक्के द्वारा आसवन विधी से भट्टी पर चढ़ाकर इसका अर्क उतार ले। फिर यह अर्क उदरशूल, वमन, मरोड़ आदि की रामबाण औसधि है।
  • बच्चो की सर्दी पर– अजवायन का बफरा देने से बच्चों की सर्दी दूर होती है।
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