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जडी, बूटी एवं अनाज के गुण

इमली के औषधीय गुण

by Ghar Ka Vaidya on January 16, 2013

इमली के औषधीय गुण (१)    वीर्य – पुष्टिकर योग : इमली के बीज दूध में कुछ देर पकाकर और उसका छिलका उतारकर सफ़ेद गिरी को बारीक पीस ले और घी में भून लें, इसके बाद सामान मात्रा में मिश्री मिलाकर रख लें | इसे प्रातः एवं शाम को  ५-५ ग्राम दूध के साथ सेवन […]

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आँवला के औषधीय गुण

by Ghar Ka Vaidya on November 30, 2012

पेशाब में जलन होने पर : हरे आंवले का रस 50 ग्राम , शहद 20 ग्राम दोनों को मिलाकर एक मात्रा  तैयार करे | दिन में दो बार लेने से मूत्र पर्याप्त होगा और मूत्र मार्ग की जलन समाप्त हो जायेगी | कृमि पड़ना – खान–पान की गडबडी के कारण यदि पेट में कीड़े पड़ […]

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अरबी, घुईया के औषधीय गुण - जलना- जले हुए स्थान पर अरबी पीसकर लगाने से फेफोले नही पड़ते और जलन भी समाप्त हो जाती है। सूखी खासी- सूखी खासी में अरबी की सब्जी खाने से कफ पतला होकर बाहर निकल जाता है। हृदय रोग- बड़ी इलायची, काली मिर्च, काला जीरा, अदरक आदि से तैयार अरबी की सब्जी कुछ […]

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अदरक के औषधीय गुण

by Ghar Ka Vaidya on July 27, 2012

अदरक के औषधीय गुण अपस्कार मिरगी- गला रूध कर आवाज निकलना, बेहोशी, दात भिंच जाना, पीड़ा आदि की स्थिति में 25 ग्राम अदरक का रस निकालकर कुछ गर्म करके रोगी व्यक्ति को पिलाना चाहिये। बहुमूत्र- अदरक के रस में मिश्री मिलाकर सेवन कराने से बहुमूत्र में लाभ होता है। हृयद शूल या छाती की पीड़ा भी […]

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अजवायन के औषधीय गुण

by Ghar Ka Vaidya on July 27, 2012

अजवायन के औषधीय गुण वायु के दर्द या कफ जमने पर- किसी प्रकार का वायु दर्द हो या सन्धियों में पिड़ा हो अथवा उदर शूल हो या फिर सर्दी के कारण छाती में बलगम जम गया हो इन सभी मर्जो पर अजवायन के तेल की मालिश करनी चाहिये। अजवयान तेल वैसे तो बाजार में मिल जाता […]

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अलसी या तीसी के औषधीय गुण और रोगों के इलाज के बारे में नीचे दिया जा रहा है - श्वास कास- 1. अलसी के दाने कूट छानकर जल में उबाल ले। उसके बाद पिसी मिश्री 20 ग्राम (जाड़े की ऋतु में शहद) मिला सेवन कराते रहने से श्वास कास में लाभ होता है। 2. अलसी के साबुत दाने 5 ग्राम चादी (चादी न हाने पर कासा) की कटोरी में 40 ग्राम […]

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अडूसा के औषधीय गुण

by Ghar Ka Vaidya on July 27, 2012

अडूसा के औषधीय गुण निम्न है - खांसी में- अडूसे के पत्तों का रस आधा चाय का चम्मच भर और उतनी ही शहद मिलाकर रोज सुबह शाम सेवन करने से कुछ दिनों में ही खासी में लाभ होता है। फोड़ो पर- सडूसे की जड़ का लेप करने से फोड़ो की जलन ठीक होती है। और कुछ दिन में फोड़े […]

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राई के औषधीय गुण

by Ghar Ka Vaidya on July 27, 2012

राई के कई औषधीय गुण है और इसी कारण से इसे कई रोगों को ठीक करने में प्रयोग किया जाता है ।  कुछ रोगों  पर इसका प्रभाव नीचे दिया जा रहा है - हृदय की शिथिलता- घबराहत, व्याकुल हृदय में कम्पन अथवा बेदना की स्थिति में हाथ व पैरों पर राई को मलें। ऐसा करने से रक्त परिभ्रमण की गति तीव्र हो जायेगी हृदय की गति मे उत्तेजना आ जायेगी और मानसिक उत्साह भी बढ़ेगा। हिचकी आना- 10 ग्राम […]

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तिल के औषधीय गुण

by Ghar Ka Vaidya on July 27, 2012

तिल के औषधीय गुण नीचे दिये गये है - घाव होना- पानी में तिलों को पीसकर पुल्टिस बांधने से अशुद्ध घाव साफ होकर शीघ्र भर जाता है। गर्भाशय की पीड़ा- तिलों को बारीक पीसकर तिल के ही तेल में मिला किंचित् गर्म करके नाभि के भाग में धीरे धीरे लेप करने या मलने (मर्दन करने) से शीत जन्यपीड़ा शान्त हो […]

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मूगफली के औषधीय गुण

by Ghar Ka Vaidya on July 27, 2012

मूगफली के औषधीय गुण निम्न दिये जा रहे है - दस्त की शिथिलता- भोजन के साथ जैसे खिचड़ी, खीर, सब्जी आदि में मूगफली डालकर सेवन करने से दस्त साफ होता है। और स्वास्थ्य बनता है। स्तनों में दूध वृद्धि- कच्ची मूगफली का सेवन करनें से माता के स्तनों में दूध की वृद्धि हो जाती है। अतः जिनका दूध बच्चे के लिए […]

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