बच्चों के रोग एवं इनका घरेलू इलाज

काग ( कउआ) का गिरना

पहचान – इस रोग में गले के पास अंदर की तरफ जो काग होता है, उसमे सूजन आ जाती है तथा भयानक दर्द होता है |

1. यदि प्यास भी बहुत लगती हो तो पीपल की छाल को जलाकर थोड़े पानी में बुझाकर पानी पिलाये | इससे प्यास भी जाती रहेगी और काग को भी लाभ होगा |

2. काली मिर्च और चूल्हे की मिट्टी पीसकर अंगूठे पर लगाकर काग को उठा देने से वह फिर से नही गिरता |

बच्चों  के अन्य रोग

बच्चों की आँखों में सुर्खी– फिटकरी भूनकर तीन मासा फिटकरी में एक तोला गाय का मक्खन मिला दे | मक्खन को पानी से सात बार धो लें | सोते समय आँखों पर दो-तीन बार लेप करे | इससे सुर्खी जाती रहेगी और आंख साफ़ हो जायेगी |

खांसी –  दानेदार मक्के का भुट्टा जलाकर उसमे शहद या नमक मिलाकर खिलाने से खांसी ठीक हो जाती है |

दस्त ठीक न होना – सौफ को अच्छी प्रकार पीस कर छानकर उसमे शक्कर मिलाकर खिलायें | इससे दस्त साफ़ जायेगा|

काली खांसी – तवे की स्याही खुरच कर पानी में मिलाने से काली खांसी जाती रहती है|

बुखार – दिन में तीन बार एक एक रत्ती सत्त-गिलोय दें | इससे हर प्रकार का बुखार जाता रहेगा |

बच्चों का सूखा रोग–आज कल यह रोग बच्चो में प्राय: देखा जाता है | इसके लिए अद्भुत औषधि यह है कि रविवार या मंगलवार के दिन बंन भोगी की पत्तिया उखाड़ लावे और उस पत्ती को दोनों हाथों से मल-मल के उसके अर्क को बच्चो के कानो में चार बूंद टपकावे तथा सिर के तालू पर, हाथ पैर के उंगलियों के नहो में तथा पैर के तालू में अच्छी तरह लगा दे और थोड़ा पूरे शरीर में लगा दे | इससे सुखा रोग अवश्य दूर हो जाएगा |

बच्चों की मिर्गी – बारह दिन तक काली मिर्च गाय के दूध में भिगोवे रखे फिर निकाल कर सुखा दे | जब मिर्गी का दौरा हो तो पानी में घिसकर उसका हुलास दे | इससे दौरा बंद हो जायेगा |

बच्चों का चेचक रोग

1. रुद्राक्ष जिसकी माला बनती है, उसे पानी के साथ बारीक पीसकर बच्चे को पिलाये | इससे चेचक के दाने निकलने बंद हो जाएगे |

2. बड के किसी-किसी पत्ते पर जो दाने निकले रहते है, उन दानो को भी पीसकर पिलाना लाभदायक है |

3. सेमल के बीज के सात दाने पीसकर पीना या साबुत ही निगल जाना इसके लिए अच्छा इलाज है |

4. जिस समय बच्चा पैदा हो उसके पैर के तलुओ में मेहदी की पट्टी पीसकर लगाने से उम्र भर चेचक नही निकलती |

बच्चों का डब्बा रोग

1. मूंगे को गरम करके दोनों भौहों के बीच में दाग देने से तुरंत फायदा होता है |

2. पेट के ऊपर बकायन के पत्ते गरम करके बाँधने से शीघ्र लाभ होगा |

3. पेट के ऊपर अंडी का तेल मलने से बच्चे की पसली चलनी बंद हो जाएगी |

बच्चों के दांत – शहद के साथ भुना हुआ सुहागा मिलाकर मसूढ़ों पर मलने और चटाने से दांत आसानी से निकलते है |

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