डायबिटीज़ रोगी के पैरों की देखभाल के नुस्खे

Diabetic Foot Care In Hindi.

Diabetic Foot Care In Hindi.मधुमेह (डाइबिटीज) में पैरों की समस्या अक्सर तंत्रिका (नर्व) और रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसेल्स) में क्षति के कारण उत्पन्न होती है । लंबे समय तक उच्च रक्त शर्करा (हाई ब्लडशुगर) रक्त वाहिकाओं और तंत्रिकाओं को प्रभावित करती है जो रक्त के प्रवाह को कम कर देती है । अगर पैरों में रक्त वाहिकाओं की आपूर्ति में रुकावट आए, तो पैरों की त्वचा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा ।

इन बातों पर दें ध्यानः अगर एक व्यक्ति को मधुमेह है, तो काफी संभावना है कि उसे पैर की समस्या भी हो जाए । इसे रोकने के लिए शुगर के स्तर को नॉर्मल बनाए रखना, ब्लडप्रेशर और कोलेस्टेरॉल को नियंत्रित रखना जरूरी है । हर दिन पैरों की अच्छी तरह से देखभाल करें और डॉक्टर से संपर्क बनाए रखना चाहिए | इसके अलावा धूम्रपान छोड़ना, सक्रिय रहना, नियमित व्यायाम करना और शरीर का स्वस्थ वजन बनाये रखना पैर में होने वाली समस्या के दुष्प्रभावों को रोकने में मदद करता है । मधुमेह रोगियों में धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों में गुर्दे और हृदय रोग होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है । इसलिये मधुमेह प्रबंधन और लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिये धूम्रपान छोड़ना सबसे अच्छी बात है।

उचित देखभालः रोगियों को पैर में नाखूनों की त्वचा की उचित देखभाल करनी चाहिए | हर दिन पैर की जांच करें, आजू-बाजू, तलवे, एड़ी और अपने पैर की उंगलियों के बीच का निरीक्षण करें | सूखी और क्रैक त्वचा, छाले या घाव या कट, लालिमा, गर्मी या पीड़ा और कोई भी ठोस या सख्त धब्बों की जांच करें | फटी एड़ी से बचने के लिए पैरों को नम रखना आवश्यक है, लेकिन सुनिश्चित करें कि बाद में पैर गीले या चिपचिपे न हों | पैर की उंगलियों के बीच नमी से बचें |

बचाव

अस्पताल में डाइबिटीज के लोगों के भर्ती होने की एक बड़ी वजह पैरों की समस्या है । डाइबिटीज एक ऐसा मर्ज है, जिसका सबसे बड़ा इलाज है – बचाव ।

जानें, समझें और निभाएं । बचाव के ये तीन नियम आपको स्वस्थ रखेंगे और बार-बार डॉक्टर के पास जाने से बचाएंगे |

जब काटें पैर के नाखून

मधुमेह के रोगी को पैर के नाखून काटने के लिए इन सुझावों पर अमल करना चाहिए-

1. पैरों को गर्म पानी से धोना शुरू करें | पानी का तापमान कोहनी से जांच सकते हैं | ऐसा इसलिए, क्योंकि आम तौर पर मधुमेह रोगी के पैरों में संवेदना कम होती है |

2. पैरों को पांच मिनट से अधिक पानी में नहीं डालना चाहिए ।

3. नाखूनों को ऊपर से काट लें और बहुत छोटा न काटें । किनारों को गोल बनाने या साइड से काटने की कोशिश न करें |

4. सैलून में पेडीक्योर से बचें, क्योंकि उनके औजार या उपकरण स्टेरलाइज नहीं होते है और छोटे से कट या खरोंच से संक्रमण हो सकता है |

5. पैर की उंगली में कोई समस्या हो तो डॉक्टर से परामर्श करें |

इसके अलावा जूते शाम को खरीदने चाहिए | ऐसा इसलिए, क्योंकि दिन के समय पैर थोड़े सूज जाते हैं । जूते की एड़ी एक इंच से अधिक नहीं होनी चाहिए अगर यह इससे अधिक है, तो पैर की बॉल (एड़ी) पर दबाव बढ़ जायेगा । यही वह भाग है, जहां पर अल्सर अधिकतर पनपते है ।

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