तिल्ली के बढ़ने (Enlarged Spleen) पर घरेलू इलाज

Enlarged Spleen Treatment In Ayurveda In Hindi.Enlarged Spleen Treatment In Ayurveda In Hindi.

तिल्ली (Spleen) पेट के निचले भाग में पीछे बाईं ओर स्थित होती है | यह पेट की सभी ग्रंथियों में बड़ी Enlarged Spleen Treatment In Ayurveda In Hindi.Enlarged Spleen Treatment In Ayurveda In Hindi.और नलिकारहित है | इसका स्वरूप अंडाकार तथा लम्बाई लगभग तीन से पांच इंच होती है | तिल्ली शरीर के कोमल और भुरभुरे ऊतकों का समूह है | इसका रंग लाल होता है |

तिल्ली का मुख्य रोग इसका आकार बढ़ जाना है | विशेष रूप से टॉयफाइड और मलेरिया आदि बुखारों में इसके बढ़ जाने का भय रहता है |

उपचार

तिल्ली बढ़ जाने पर उपचार में स्वदेशी चिकित्सा पद्धति काफी कारगर रहती है |

1. पहाड़ी नीबू दो भागों में काटकर उसमें थोड़ा काला नमक मिश्रित कर हीटर या अंगीठी की आंच पर हल्का गर्म करके चूसने से लाभ होता है |

2. अजवाइन के चूर्ण में आधा ग्राम सेंधा नमक मिलाकर चूर्ण बना लें | भोजन के पश्चात गर्म पानी से कुछ दिन तक सेवन करने से तिल्ली के विकार दूर होते हैं |

3. गुड़ और बड़ी हरड़ के छिलके को कूट-पीसकर गोलियां बना लें | प्रातः-सायं हल्के गरम पानी से एक महीने तक सेवन करने से बढ़ी हुई तिल्ली ठीक हो जाती है |

4. छोटे कागजी नीबू को चार भागों में काट लें | एक भाग में काली मिर्च, दूसरे भाग में काला नमक, तीसरे में सोंठ और चौथे हिस्से में मिश्री अथवा चीनी भर दें | रातभर के लिए ढककर रखें | प्रातःकाल जलपान से एक घंटा पहले, हल्की आंच पर गरम करके चूसने से लाभ होता है |

5. तिल्ली के विकार में नियमित रूप से पपीते का सेवन लाभदायक है |

6. गाजर में राई आदि मिलाकर बनाया गया अचार खिलाने से बढ़ी हुई तिल्ली ठीक हो जाती है |

7. 25 ग्राम करेले के रस में थोड़ा सा पानी मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीने से बढ़ी हुई तिल्ली ठीक हो जाती है |

8. लम्बे बैंगनों की सब्जी नियमित खाने से बढ़ी हुई तिल्ली ठीक होती है |

9. कच्चे बथुए का रस निकालकर अथवा बथुए को उबालकर उसका पानी पीने से तिल्ली ठीक हो जाती है | इसमें स्वादानुसार नमक भी मिला सकते हैं |

10. आम का रस भी तिल्ली की सूजन और उसके घाव को ठीक करता है | 70 ग्राम आम के रस में 15 ग्राम शहद मिलाकर, प्रात:काल सेवन करते रहने से दो-तीन सप्ताह में तिल्ली ठीक हो जाती है | निरंतर इसका प्रयोग करते समय खटाई से बचे |

11. पेट पर लगातार एक माह तक चिकनी गीली मिट्टी लगाते रहने से भी तिल्ली रोग में लाभ होता है |

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3 Comments

  1. मेरा प्लीहा बढ़ा हुआ है। और में नोसादर और अंजीर का उपचार कर रही हूँ। क्या में दोनों उपचार एक साथ कर सकती हूँ। क्योंकि दोनों सुबह खाली पेट करने है। और मेरा हीमोग्लोबिन 7.7 है।

  2. If you have an enlarged spleen, avoid contact sports such as soccer, football and hockey and limit other activities as recommended by your doctor. Modifying your activities can reduce the risk of a ruptured spleen.

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