मां बनने की जिम्मेदारी कैसे निभाएं Garbhavastha Ki Savdhaniya

Garbhavastha Ki Savdhaniya

Garbhavastha Ki Savdhaniya Hindi Me – मां बनने की जिम्मेदारी कैसे निभाएं

मां बनना जितना सुखद अनुभूति है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी है. आप की कोख में पल रहा आप का अंश इस हसीन पल का दीदार खिलखिलाकर करें, वह बुद्धिमान हो, सेहतमंद रहे, यह सब आप को ही सोचना है. इसलिए आपको चाहिए कि आप हर पल अपने शिशु के विकास का ध्यान रखें और मां बनने का पूरा-पूरा सुख और गौरव प्राप्त करें.

मां बनना निश्चय ही सबसे सुखद अनुभव है. बशर्ते सुरक्षित व स्वस्थ मातृत्व का सही तरीका आपको पता हो इसलिए हम आपको यहां पर कुछ ऐसे कारगर उपाय बताने जा रहे हैं, जिससे आपको आत्मविश्वासी मां बनने में सुविधा होगी.

मातृत्व का बोझ सहन करने और मां की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए आपका स्वस्थ होना बहुत जरूरी है. अच्छा स्वास्थ्य न केवल शिशु को सुरक्षित जन्म देने में सहायक है, बल्कि गर्भधारण के शुरु से ही शिशु के स्वास्थ्य का मजबूत आधार तैयार करने लगता है. स्वास्थ्य अच्छा हो इसके लिए आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना जरूरी है –

व्यायाम करे स्वस्थ रहें Garbhavastha Me Vyayam

गर्भधारण के शुरुआत से ही आप जितनी चुस्त-दुरुस्त रहेंगी, बच्चे के लिए उतना ही अच्छा रहेगा. इससे आपको प्रसव-वेदना सहन करने और प्रसवोपरांत शरीर को सही आकार में लाने में सहूलियत होगी.

अपनी डाइट सही रखें Apni Diet Ka Dhyan Rakhe

आपके कद के अनुपात में आपका वजन संतुलित होना चाहिए. इसके अलावा प्रत्येक स्त्री को गर्भधारण के 2 महीने पहले या बाद तक हर दिन कम से कम 500 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड युक्त आहार लेना चाहिए. यह दवा की दुकानों में आसानी से उपलब्ध है. यह न्यूरल ट्यूब में गड़बड़ी होने से रोकती है. फोलिक एसिड कुदरती रूप से गहरी हरी पत्तेदार सब्जियों, फलों और अनाज में भी पाया जाता है.

जर्मन मीजल्स से बचाव Rubella German Measles in Babies

जर्मन मीजल्स को रूबेला भी कहते हैं. यह एक साधारण सी बीमारी होती है, जो कुछ दिनों में ठीक हो जाती है. लेकिन यह गर्भस्थ शिशु को असाधारण नुकसान पहुंचा सकती है. गर्भधारण के पहले खून की जांच करवाकर यह जरूर पता कर लें, कि रूबेला के वायरस आपके अंदर तो नहीं है, इस वायरस के प्रति आपमें प्रतिरोधक क्षमता है या नहीं. इसकी जांच कराना आवश्यक होता है, यदि जरूरत हो तो जर्मन वैक्सीन भी ले.

मदिरा और तंबाकू से क्या परेशानी हो सकती है 

गर्भकाल में शराब, सिगरेट का सेवन बेहद खतरनाक है. यहां तक कि घर में किसी और के धूम्रपान का भी बच्चे पर बुरा असर पड़ता है. इसलिए यदि कोई इनका सेवन कर रहा हो तो तुरंत बंद कर दें.

गर्भधारण के शुरुआती महीने में गर्भपात की आशंका सबसे अधिक होती है. गर्भपात के निम्न लक्षण होते हैं –

  • थक्कों के साथ खून बहना और पेट या पेट के निचले हिस्से में ऐंठन के साथ भयंकर दर्द.
  • गर्भपात का कारण कुछ भी हो सकता है, जो प्रायः पता नहीं चलता. ऐसा भ्रूण के सही ढंग से विकसित न होने, मां की धूम्रपान करने या उच्च रक्तचाप, डायबिटीज अथवा इंफेक्शन के कारण हो सकता है.

ऐसे में क्या करना चाहिए

गर्भधारण के पहले पता कर लें, कि आपके परिवार में किसी के साथ समय पूर्व प्रसव, गर्भपात या कोई अनुवांशिक समस्या तो नहीं है. अल्ट्रासाउंड, कोरियोनिक वायल (Chorionic villus), सैंपलिंग (सी.पी.एस.) और Amniocentesis के कारण गर्भपात के मामले 200 में से एक होते हैं.

शराब और सिगरेट का पूर्णतया त्याग करें Koi Bhi Nasha Na Kare

रोज एक पैग शराब पीने से गर्भपात की आशंका दोगुनी हो जाती है. धूम्रपान करने से समय पूर्व प्रसव हो सकता है. अगर शराब और सिगरेट दोनों का सेवन किया जाता है, तो ईश्वर ही आपके बच्चे को बचा सकता है.

यदि आपको डायबिटीज या दमा की बीमारी है, तो गर्भधारण से पहले इन्हें दवाओं के द्वारा नियंत्रण में कर लें. उच्च रक्तचाप को भी काबू में कर लें.

Cervics की कमजोरी

अगर सर्विक्स में इतनी मजबूती नहीं है, कि गर्भधारण हो सके तो गर्भधारण के 3 माह के भीतर गर्भपात हो सकता है. गर्भाशय के निचले हिस्से में चोट लगने से शरीर कमजोर हो जाता है. सर्विक्स में टांके लगवाने से कुछ मामलों में कमजोरी भी आती है.

ऐसे कार्यों से बचें जिनमें ख़तरा अधिक हो 

पर्वतारोहण पैरा शूटिंग और घुड़सवारी जैसे खतरनाक खेलों से गर्भवती महिलाओं को बचना चाहिए अपनी खाने की खुराक से बहुत अधिक खाना नहीं खाना चाहिए आप उन सभी कार्यों से बचें जिनमें बहुत अधिक श्रम करना होता है.

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