ऑनलाइन गर्भपात के खतरे और सावधानियां Garbhpat Ke Khatre Aur Saavdhaniya

ऑनलाइन गर्भपात के खतरे और सावधानियां Garbhpat Ke Khatre Aur Saavdhaniya

ऑनलाइन गर्भपात के खतरे और सावधानियां Garbhpat Ke Khatre Aur Saavdhaniya – आज हम बात करेगें Pregnancy Khatam Karne Ki Dawa और इसके स्वतः लेने के नुक्सान के बारे में. एक महिला का अपने सहकर्मी के साथ प्रेम संबंध था. अक्सर ऑफिस के काम से उन्हें साथ में ही शहर से बाहर जाना पड़ता था. काम के दौरान मौज-मस्ती के बीच एक दिन पता चला कि वह प्रेग्नेंट है.

घर परिवार व समाज में बदनामी के डर से उसने खुद से ही गर्भपात करने का निश्चय किया. गर्भपात करने की जानकारी के लिए उसने इंटरनेट सर्च करना शुरू किया, ताकि बिना किसी डॉक्टर से संपर्क किए उसे जानकारी मिल सके. उसने चिकित्सालय (Hospitals) भी देखने शुरू किए जहां से वह गर्भावस्था को आसानी से नष्ट कर सके. इंटरनेट में आज बहुत से लोग अपनी जानकारी दाल देतें है उस पर पड़ी जानकारी से उस महिला को ऐसा लगा कि यह ओरल पिल्स (Oral Pills) लेकर अबोर्शन बहुत आसानी से किया जा सकता है. लेकिन सच में ऐसा नहीं होता है.

इतना आसान देखकर वह महिला दवाई (Garbhpat Ki Medicine) बाजार से ले लाई और खुद से ही उसे इस्तेमाल करने का फैसला कर लिया (बिना किसी डॉक्टर की सलाह के). लेकिन, जब उसने दवा की दूसरी डोज लिया तो उसे बहुत अधिक ब्लीडिंग स्टार्ट हो गई, जिससे वह बहुत घबरा गई. ऐसा हुए 15 दिन से अधिक हो रहे थे और अब वह अपने आप को बहुत कमजोरी भी महसूस कर रही थी. इसके बावजूद उसने किसी डॉक्टर से संपर्क करना ठीक नहीं समझा और अपने इन्टरनेट दोस्त को अधिक विस्वश्नीय पाया, लेकिन अंत में उसकी हालत ज्यादा खराब हो गयी और उसे इमरजेंसी में हॉस्पिटल ले जाया गया.

जब डॉक्टर ने उस का परीक्षण किया तब उसका हीमोग्लोबिन घटकर 5 ग्राम रह गया था. उसके शरीर में मौजूद रक्त की मात्रा में से आधे से अधिक खून बह गया था. तब मरीज को चार यूनिट खून चढ़ाया गया और आपातकालीन बी तथा सी उपचार दिया गया. उसके यूटरस से बहुत बदबूदार  चीजें निकली . ऐसा इसलिए हुआ कि उसने बिना किसी डॉक्टर की देखरेख गर्भपात  की गोली ली और इस कारण से उसका गर्भपात सही तरीके से नहीं हो पाया था और उसके अन्दर संक्रमण जबरदस्त तरीके फैला था जो कि एक गंभीर बात थी. उसके लिए अच्छी बात यह थी कि उसे समय रहते हॉस्पिटल और डॉक्टरों का साथ मिला इसलिए वह कुछ दिनों में ठीक हो गयी नहीं तो उसकी जान जा सकती थी.

यह सिर्फ एक किसी विशेष महिला की बात नहीं हैं बल्कि आजकल नवयुवतियों में इंटरनेट के द्वारा अबार्शन (Online Garbhpat ki Goli) एक कामन प्रैक्टिस बन गई है, जो लड़कियों के लिए बड़ा खतरा है. इन दिनों, ऐसे मामले बहुत सार्वजनिक हो चुके हैं. इंटरनेट के जरिए भारत में बहुत गर्भपात हो रहे हैं. खासकर नवयुवतियों में इसका खासा असर देखने को मिल रहा है.

सन 2002 में देश के परिवार एवं स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दवा द्वारा गर्भपात करने को मान्यता प्रदान की गई है. मेडिकल अबॉर्शन निर्देशों के अनुसार, प्रेगनेंसी के 7 हफ्तों के भीतर दवा द्वारा अबॉर्शन किया जा सकता है, अर्थात पीरियड्स के अगले तीन हफ्तों के अंदर माइफप्रोस्तिन और मिसोप्रोस्टल अबॉर्शन पिल (Garbhpat Ki Goli) ली जा सकती है. पहली गोली से प्रेग्नेंसी को खत्म किया जाता है और दूसरी गोली Uterine Contraction को बढ़ाकर अबार्शन करा देती है. लेकिन यह दवा हमेशा डॉक्टर के सुपरवीजन में ही ली जानी चाहिए, क्योंकि अबार्शन हो जाने के बाद डॉक्टर अल्ट्रासाउंड के द्वारा पुनः चेक करता है कि गर्भपात ठीक प्रकार से हुआ या नहीं. ताकि कोई अवशेष ना रह जाए.

मगर आजकल की लड़कियों ने निर्धारित दिशा-निर्देशों को दरकिनार कर दिया है, क्योंकि दवा लेने की विधि व समय सबकुछ इंटरनेट पर दिया होता है. इसलिए उन्हें डॉक्टर की कोई जरूरत महसूस नहीं होती. एक अनुमान के मुताबिक हर साल लगभग 50 लाख गर्भपात खुद से किए गए मेडिकल अबॉर्शन के द्वारा होते हैं.

विशेषज्ञ के अनुसार, इंटरनेट से मिली जानकारी के अनुसार गर्भपात खतरे से भरा होता है. उनका कहना है कि हर हफ्ते उन्हें कई कॉल आते हैं, जब लड़कियां इंटरनेट पर दिए गए तथ्यों को पढ़ती हैं और पूछती हैं कि क्या यह तरीके सही है? वह लड़कियां बिना डॉक्टर के सुपर विजन के खुद अबार्शन करना चाहती हैं. लेकिन ऐसा करना बिल्कुल गलत है. उनकी जान के लिए खतरा है. सेल्फ अबोर्शन की कई गंभीर परिणाम हो सकते हैं; जैसे कि अत्यधिक ब्लीडिंग, दूसरा गर्भपात, डी और सी की जरूरत, ब्लड में इन्फेक्शन, सदमा तथा मृत्यु की संभावना. इससे कभी-कभी बांझपन की समस्या भी हो सकती है.

नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत, महिला मृत्यु दर में सालाना 8 प्रतिशत मृत्यु अबार्शन के कारण ही होती है. मेडिकल अबॉर्शन गर्भपात की सरल प्रक्रिया है, लेकिन यह हमेशा डॉक्टर के सुपरविजन में ही किया जाना चाहिए.

काफी महिलाओं को Garbhpat Ki Medicine Name तो पता है लेकिन उसे कैसे इस्तेमाल करना है उसके बारे में पक्की जानकारी नहीं हैं.

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