फोड़े-फुन्सियों का घरेलू उपचार

Gharelu Nuskhe For Boils In Hindi

फोड़े-फुन्सियों के स्वरूप से सभी परिचित हैं | शरीर का रक्त जब किसी भी कारण से दूषित हो जाता है तो Gharelu Nuskhe For Boils In Hindiइनकी उत्पत्ति होती है | जब फोड़ा लाल हो जाता है तो उसमें मवाद भर जाता है | काफी दर्द होता है | फोड़े-फुंसी शरीर के किसी भी भाग में हो सकते हैं | इनके होने का एक कारण विषाणुओं द्वारा संक्रमण होना भी है, इससे त्वचा की भीतरी परत प्रभावित होती है |

फोड़े-फुन्सियां होने का कारण

जब त्वचा के नीचे विषाणुओं का संक्रमण होता है तो वह स्थान सूज जाता है | उस समय रक्त के श्वेत कण उस सूजे हुए स्थान की ओर बढ़ते हैं और मवाद का रूप ले लेते हैं | आरंभ में फोड़े का स्वरूप छोटा होता है परन्तु बढ़ने पर अधिक कष्ट देने लगता है | कभी-कभी चोट आदि भी फोड़े का रूप ले लेती है |

फोड़े-फुन्सियों के लक्षण

साधारणतया पैरों तथा बांहों पर होते हैं | फोड़ों का पहला लक्षण है त्वचा पर लाल, पीड़ादायक छोटा सा सूजा हुआ स्थान | जैसे-जैसे मवाद बनता है यह स्थान पीला होकर अधिक कष्ट देने लगता है |

फोड़े-फुन्सियों का उपचार

कई बार फोड़े को बढ़ने से रोकने के लिए ऑपरेशन भी करना पड़ता है | फोड़े के इलाज के साथ रक्तशोधक वस्तुओं का उपयोग भी करना चाहिए | इससे फोड़े-फुन्सियां जल्दी ठीक हो जाते हैं |

1. करेले का एक कप रस प्रातःकाल पीने से रक्त साफ होता है | करेले के एक कप रस में एक चम्मच नीबू का रस मिलाकर खाली पेट थोड़ा-थोड़ा पीने से रक्त साफ होता है और फोड़े-फुन्सियों, दाद, खाज-खुजली, सोराइसिस तथा अन्य त्वचा संबंधी रोगों में आराम मिलता है |

2. कच्ची अमियों में विटामिन-C की मात्रा अधिक होने के कारण इसका प्रयोग रक्त विकारों में लाभदायक रहता है | इससे रक्त प्रवाह सुचारु होता है और नई रक्त कोशिकाएं बनती हैं | इससे भोजन में समाहित लौह तत्व शरीर में खप जाता है |

3. यदि पसीने और शरीर गन्दा रहने आदि से फोड़े होते हों तो शरीर को साफ रखें, साफ सूती कपड़े पहनें | रात को ढीले कपड़े पहन कर सोएं |

4. वर्षा ऋतु में फोड़े प्रायः अधिक होते हैं | शरीर को साफ रखने और स्नान से पूर्व पानी में नीबू का रस अथवा डिटोल की कुछ बूंदें मिलाकर स्नान करने से लाभ होता है |

5. फोड़े को पकाने का प्रयत्न करना चाहिए | पककर फोड़े से मवाद निकल जाने जल्दी आराम आ जाता है | 6. बथुए, प्याज की पुल्टिस बांधने से फोड़े जल्दी पक जाते हैं और पस निकल जाती है |

7. आटे में हल्दी और सरसों का तेल मिलाकर पुल्टिस बांधने से फोड़े जल्दी पक जाते हैं |

8. नीम रक्त विकार दूर करने में बहुत सहायक होती है | नीम की कोंपलें नमक के साथ खाने से या नीम घोटकर पीने से रक्त विकार दूर होते हैं | चिरायता रक्त विकार दूर करता है |

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