उल्टियां या वमन (Vomiting) का घरेलू उपचार

Gharelu Nuskhe for vomiting

आमाशय के अन्दर के पदार्थों को बलपूर्वक शरीर के बाहर निकालने की क्रिया को उल्टी या वमन (Vomiting) कहते हैं। जी मिचलाना या वमन होना पेट से ही सम्बंधित रोग है, जो सामान्यवस्था में स्वतः ही ठीक हो जाता है |

कारणGharelu Nuskhe for vomiting

जी मिचलाना या उल्टियां होने के कई कारण हैं | जैसे अधिक भोजन या मदिरापान कर लेना, इसके अतिरिक्त विषाक्त भोजन, आमाशयी संक्रमण, जोर से खांसी आना, यात्रा की ऊब या आधासीसी का दर्द भी उलटी का कारण हो सकते हैं | बच्चों को बार-बार उल्टियां होने से उनके शरीर में जल की कमी हो जाती है | जहां कारणों का स्पष्ट पता नहीं चले या लक्षणों का शीघ्र उपचार न हो वहां तुरंत चिकित्सक से सलाह लेनी आवश्यक है |

उपचार

1. कुछ समय तक ठोस खाद्य पदार्थों का सेवन न करें | परंतु ठंडा या गरम पेय पीते रहें |

2. उल्टियां रुक जाने पर शीघ्र पचने वाले खाद्य-पदार्थों, जैसे सूप आदि का सेवन धीरे-धीरे आरम्भ करें | अपने पसंद के आहार का सेवन रोग ठीक होने पर करें |

3. यदि चिंता के कारण जी मिचला रहा हो तो विश्राम करें |

4. पित्त की शिकायत के कारण अपच हो या उल्टियां आती हो तो चुकन्दर के रस में एक चम्मच नीबू कर रस मिलाकर तरल खाद्य के रूप में देने से उल्टियां बन्द हो जाती हैं | चुकन्दर के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर प्रातःकाल सेवन करने से भी लाभ होता है |

5. पानी में लौंग उबालकर मिश्री मिलाएं और इसे पीकर आराम से लेट जाएं या लोंग का उबला हुआ पानी 50 ग्राम की मात्रा में प्रत्येक दो घंटे पर सेवन करें | लौंग चबाकर या पीसकर गर्म पानी के साथ सेवन करने से जी मिचलाना और उल्टियां आनी बंद हो जाती हैं |

6. वमन में अदरक का प्रयोग अत्यंत लाभदायक है | इसे चुटकीभर नमक लगाकर खाया जा सकता है | खाने के बाद या पहले अदरक चबाकर खाने से मुंह में पाचक लार की वृद्धि होती है | जी मिचलाना बन्द होता है | एक चम्मच अदरक के रस में उतना ही नीबू तथा पोदीने का रस और एक चम्मच शहद मिश्रित कर सेवन करने से बहुत लाभ होता है |

7. शहद का सेवन अतिगुणकारी कहा गया है | शहद से पाचन शक्ति को बल मिलता है | अपच के कारण होने वाली छाती और हृदय की जलन दूर होती है | यह बच्चों, युवकों, बूढ़ों तथा स्त्रियों के लिए समान रूप से उपयोगी है |

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