मकई (भुट्टा यानि कॉर्न) खाने का स्‍वास्‍थ्‍य लाभ

Health Benefits of Corn flour

मकई (भुट्टा यानि कॉर्न) खाने का स्‍वास्‍थ्‍य लाभ Health Benefits of Corn in Hindi

भुट्टे यानि कॉर्न को भूनकर खाएं या सूप के रूप में इसका इस्तेमाल करें, यह हर तरह से आप कि सेहत को बनाता ही है| शाम का नाश्ता हो या दोपहर का लंच कॉर्न को किसी भी तरह इस्तेमाल कर सकती हैं,

क्योंकि बाज़ार में भुट्टे कि और भी वैरायटी आ चुकी हैं, मसलन स्वीट कॉर्न, बेबीकॉर्न | इनका इस्तेमाल आप सब्जी, सलाद या सूप में आराम से कर सकतीं हैं | फाइबर,आयरन, कापर, और मैग्नीशियम से भरपूर कॉर्न पाचन क्रिया को बेहतर रखने के साथ साथ पेट के कैंसर के खतरे को भी कम करती है |

मक्का खाने के फायदे

इससे मिलने वाले खनिज तत्व हड्डियों को तो स्वस्थ बनाने में मददगार होती ही हैं| साथ ही गुर्दे के सुचारू रूप से कार्य करने में भी अहम भूमिका निभातें हैं | इसमें एंटी-आक्सीडेंट भी पाया जाता है, जो त्वचा कि ब्यूटी के लिए ज़रूरी है | फोलिक एसिड युक्त स्वीट कॉर्न एनीमिया से सुरक्षा करने में सहायक होते हैं | यह कोलेस्ट्राल के स्तर को नियंत्रित कर, दिल को स्वस्थ रखता है और रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है |

इसमें विटामिन-बी होता है, विशेष रूप से थायमिन और नियासिन | इसमें मौजूद थायमिन नसों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होता है और साथ ही हमारे  मस्तिष्क के सुचारू रूप से कार्य करने में सहायक होता है | जबकि नियासिन दस्त, डिमेंशिया आदि से बचाओ करता है | अब जब भुट्टे यानि कॉर्न के दाने दाने से सेहत मिल रही है, तो क्यों न इसे अपने आहार में भी शामिल कर लें |

वैसे तो कॉर्न खाने कि किसी को भी मनाही नहीं है, बल्कि इसमें फाइबर उच्च मात्रा में होने के कारण मधुमेह रोगी और वज़न कम करने वालों के लिए तो कॉर्न बेहतर आहार है| लेकिन कॉर्न चबाने कि अधिक अवश्यकता के कारण बुजुर्गों या दांत से जुडी समस्या के शिकार लोगों को इसे खाने से बचना चाहिए |

दिन में कम से कम एक भुट्टा या एक कटोरी भुट्टे के दाने खाना फायदेमंद होता है |

अब तो बाज़ार में मकई के तेल भी आने लगें है |

लिनोलिक एसिड युक्त मकई का तेल आप सब्जी बनाने या सलाद में इस्तेमाल के सकती हैं | यह भी एक बेह्टर आप्शन है | इसके अलावा कॉर्न स्टार्च भी त्वचा की समस्याओं जैसे रैशेज आदि को ठीक करने में उपयोगी होता है |

मक्का से कई रोगों का इलाज

मक्का को कई रोगों के इलाज में प्रयोग में लाया जाता है और कुछ का विवरण नीचे दिया गया है –

  • पेशाब मे जलन- ताजा मक्का के भुट्टे जल मे उबाल ले। उस पानी को छान ले, फिर उसमें मिश्री मिलाकर पीयें। इससे गुर्दे की कमजोरी पेशाब की जलन में लाभ होता है।
  • पथरी- मक्के के मखोलिये (डींडू) की राख मूत्रल होती है। इसके रोग दशानुसार व्यवहार करने से पथरी गलकर मूत्र मार्ग से निकल जाती है।
  • मोटापा बढ़ाने के लिए– मक्का के भुने हुए फूल्ले खाने चाहिए।
  • जुकाम, खांसी, कुकर खांसी– मक्का के भुट्टे को पीस लें। उसमें आवश्यकतानुसार सेंधा नमक मिला लें। प्रतिदिन 1/4 चम्मच प्रातः दोपहर एवं रात्रि में लें।
  • गुर्दे की सूजन– भुट्टे के बालो के समान ही डण्ठलो का काढ़ा गुर्दे की सूजन में हितकर है।
  • सूजाक बस्थि शोथ– मक्का के भुट्टे के कोमल ताजा रेशो (उपर के बालों) का काढ़ा बनाकर पीने से वेदना का नाश होता है। मूत्र खुलकर आता है। तथा बस्तिशोथ व सुजाक में लाभ होता है।
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