अत्यधिक मासिक श्राव (Memorrhagia) के लक्षण एवं घरेलु उपचार

कुछ स्त्रियों को नियमित रूप से अत्यधिक मासिक स्त्राव होता है। कुछ को यह समस्या कभी-कभी ही होती है। अत्यधिक मासिक स्त्राव का एक दुखदायी परिणाम यह होता है कि स्त्री के शरीर में रक्ताल्पता की आशंका बनी रहती है।

अत्यधिक मासिक श्राव का कारण

कुछ स्त्रियों में अत्यधिक रक्तस्त्राव का कोई स्पष्ट कारण नहीं होता जबकि अन्यों में हार्मोन्स का असंतुलन, श्रोणि संक्रमण आदि अत्यधिक रंक्तस्राव का कारण हो सकते हैं।

अत्यधिक मासिक श्राव के लक्षण

मासिक धर्म के दिनों में अत्यधिक रक्तस्त्राव होना।

अत्यधिक मासिक श्राव का उपचार

1) नियमित रूप से व्यायाम करें। आहार में साग-सब्जी, फलों आदि का सेवन करने से इस विकार में बहुत लाभ होता है।

2) 100 ग्राम अशोक वृक्ष की छाल, 350 मिलीलीटर पानी में थोड़ी मात्रा में दूध के साथ उबालें। जब मिश्रण उबलकर चौथाई रह जाए तो इसका प्रतिदिन दो या तीन खुराकों में सेवन करने से अत्यधिक रक्त बहना बन्द हो जाता है। इसका सेवन मासिक धर्म के चौथे दिन से प्रारम्भ कर चक्र के अन्तिम दिन तक करना चाहिए। ताजे काढ़े का सेवन अधिक गुणकारी होता है।

3) तुलसी की जड़ का चौथाई चम्मच चूर्ण पान में रखकर खाने से अनावश्यक रक्तस्त्राव बंद हो जाता है। मासिक धर्म रुकने के बाद तुलसी के बीजों का सेवन करना बहुत लाभदायक है।

4) अनार के सूखे छिलके पीसकर छान लें। इसकी एक चम्मच मात्रा ठंडे पानी में दो बार खाने से रोग का उपचार होता है।

5) पौना गिलास गाजर के रस में चौथाई गिलास चुकन्दर का रस मिलाकर नित्य दो बार सेवन करने से मासिक धर्म सम्बंधी समस्याओं का उपचार होता है।

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