मासिक धर्म की समस्या का घरेलू उपचार

Home remedies for menstrual problems

अनियमित मासिक धर्म का कारण

महिलाओं के मासिक धर्म की नियमितता का नियंत्रण विभिन्न हार्मोन्स द्वारा किया जाता है। जब किसी कारणवश इन हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ जाता है तो मासिक धर्म अनियमित हो जाता है। इसके अलावा असंयमित सहवास तथा दाहकारक व्यंजनों का सेवन भी इस अनियमितता के कारण हो सकते हैं|

लक्षण

मासिक धर्म की तिथि में निरंतर बदलाव इस रोग का प्रमुख लक्षण है। इस रोग में मासिक चक्र का समय परिवर्तित होता रहता है।

उपचार

चुकंदरः गाजर व चुकंदर का रस मिलाकर नियमित रूप से दिन में दो बार पीने से मासिक धर्म की अनियमितता खत्म हो जाती है।

छुहाराः नियमित छुहारे के सेवन से मासिक धर्म नियमित हो जाता है। नारियलः नारियल में मासिक धर्म को खोलने के गुण विद्यमान हैं। इसके नियमित सेवन से काफी लाभ होता है।

अंगूरः 100 ग्राम अंगूर का रस नियमित पीते रहने से मासिक धर्म नियमित हो जाता है व योनि रोग भी दूर होते हैं।

गाजरः यदि मासिक धर्म मे अनियमितता हो तो एक चम्मच गाजर के  बीज और एक चम्मच गुड़ को एक गिलास पानी में उबालकर प्रतिदिन सुबह-शाम दो बार गरम करके पीएं। इससे मासिक धर्म के दौरान होनेवाला दर्द तो ठीक हो ही जाएगा साथ में मासिक धर्म की नियमितता भी बरकरार रहेगी।

मासिक धर्म बंद होने का कारण

मासिक धर्म का बंद होना किसी गंभीर व्याधि का कारण बन सकता है। मासिक धर्म बंद होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे हार्मोन्स का असंतुलन, गर्भनिरोधक गोलियों का अत्यधिक सेवन, दर्द व उन्मादनाशक रसायनों का व्यापक सेवन, क्षय रोग होना तथा थकान। मासिक धर्म कई प्राकृतिक कारणों जैसे गर्भ धारण व आयु बढ़ना से भी बंद हो सकता है।

लक्षण

आयु से पहले मासिक धर्म बंद हो जाना इस रोग का एकमात्र लक्षण है। इससे शरीर में व्यापक कमजोरी आ जाती है तथा थकान का जल्दी अनुभव होने लगता है।

उपचार

गाजरः यदि मासिक धर्म बंद हो गया हो तो दो चम्मच गाजर के बीज और एक चम्मच गुड़ को एक गिलास पानी में उबालकर प्रतिदिन सुबह-शाम गर्म-गर्म पीएं।

शरीफा: बंद माहवारी को खोलने के लिए शरीफे के बीजों की गिरी को योनि में रखने से काफी लाभ होता है।

गाजर के बीजः गाजर के बीज पानी के साथ सिल पर पीसकर कपडे से छान लें। इसके पीने से बंद हुआ मासिक धर्म खुलकर आता है।

पपीताः कच्चे पपीते की यह विशेषता होती है कि इसके सेवन से गर्भाशय की मांसपेशियों को काफी बल मिलता है। इसके साथ ही मासिक स्राव ठीक से होने लगता है।

बादामः एक बादाम और एक छुहारे को रात्रि के समय पानी में भिगो दें। सुबह इन दोनों को पीसकर मक्खन, मिश्री के साथ मिलाकर तीन माह तक नियमित रूप से खाएं। इससे मासिक धर्म खुलकर आने लगेगा।

मासिक धर्म अधिक होने का कारण

जब कोई स्त्री बहुत अधिक नमकीन, खट्टे व तेज मिर्च युक्त दाहकारक भोजन या चर्बीयुक्त, मादक तथा मांसाहारी व्यंजनों का सेवन करती है तब तथा ऋतुकाल में भी सहवास करने व विभिन्न अनुचित मुद्राओं में सहवास करने से मासिक धर्म में अधिक रक्तस्राव होता है। अर्थात अति कामुक व विलासी प्रवृत्ति का होना ही इस रोग के प्रमुख कारण हैं।

लक्षण

ऋतुकाल के दिनों में अत्यधिक रक्तस्राव होने से नाभि प्रदेश के नीचे व पैरों तथा पिंडलियों में तेज दर्द होने लगता है। चेहरा पीला पड़ जाता है। भ्रम, मूर्च्छा, आंखों के सामने अंधेरा छाना, प्यास अधिक लगना, चिड़चिड़ापन व रक्ताल्पता इस रोग के लक्षण हैं।

उपचार

अनारः अनार के सूखे छिलके पीसकर छान लें। इस चूर्ण की एक चम्मच फंकी ठंडे पानी से दिन में दो बार लें। इससे अत्यधिक रक्तस्राव होना बंद हो जाता है। इन दिनों सहवास न करें।

मूंगफलीः वैज्ञानिकों का मत है कि मूंगफली व इससे बने हुए पदार्थों के नियमित सेवन से मासिक धर्म के समय अधिक रक्त बहने की स्थिति में लाभ होता है।

पपीताः कच्चा पपीता खाना अधिक मासिक धर्म में लाभदायक है।

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