स्वप्नदोष से छुटकारा पाने के घरेलू नुस्खे

Home remedy for nightfall

कारण

स्वप्नदोष युवाओं में पाई जानेवाली प्रमुख यौन व्याधि है, जो प्रमुखत: दो कारणों से होती है। पहला प्रमुख कारण है पेट साफ न होना अर्थात कब्ज रहना। कब्ज रहने से पेट की गर्मी के कारण स्वप्नदोष यानी सोते समय वीर्यपात हो जाता है। दूसरा प्रमुख कारण है स्वप्न में कामुक दृश्य देखना या फिर कामक्रीड़ा करने के स्वप्न देखना। इससे सोते समय यौनांग सक्रिय हो जाते हैं तथा नींद में ही वीर्यपात हो जाता है।

लक्षण

जो लोग कामुक प्रकृति के होते हैं तथा अक्सर कामुक विचारों में मग्न रहते हैं, कामुक व अश्लील फिल्में देखते हैं, अश्लील साहित्य पढ़ते हैं-उनके अन्तर्मन में कामुक कल्पनाएं घर कर जाती हैं, जो उनके दिमाग में नींद की अवस्था में भी चलचित्र की तरह चलती रहती हैं। फलत: नींद में अनैच्छिक वीर्यपात हो जाता है।

उपचार

आंवलाः स्वप्नदोष में नित्य एक आंवले का मुरब्बा खाने से काफी लाभ होता है। 20 ग्राम मात्रा में सूखा आवला पीसकर कांच के गिलास में 60 ग्राम पानी मिलाकर डालें। इसे 12 घंटे तक भीगने दें। फिर छानकर इस पानी में एक ग्राम पिसी हुई हल्दी डालकर पीएं स्वप्नदोष से पीड़ित युवाओं के लिए यह एक उत्तम औषधि है। गुठली अलग किए हुए सूखे आंवलों को कूट-छानकर चूर्ण बना लें। इस आंवले के चूर्ण का एक भाग, दो भाग मिश्री या पिसी हुई देसी खांड मिलाकर रख लें। इस चूर्ण को नियमित रूप से रात्रि को सोने से आधा घंटा पहले पानी के साथ लें। दो सप्ताह तक इस औषधि का सेवन करने से स्वप्नदोष से मुक्ति मिल जाएगी।

अनारः अनार का पिसा हुआ छिलका पांच-पांच ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ लेने से काफी फायदा होता है।

जामुनः नित्य सुबह-शाम पांच ग्राम मात्रा में जामुन की गुठली का चूर्ण दूध के साथ लेने से स्वप्नदोष में लाभ होता है। नियमित सेवन से स्वप्नदोष पूर्णतया ठीक हो जाता है।

केला: दो खूब पके केलों का गूदा निकालकर, मसलकर उसे अच्छी तरह फेंट लें। इसमें आवलों का एक तोला रस तथा इतनी ही मात्रा में शहद मिलाकर दिन में दो बार चाटें। इस उपचार से कुछ ही दिनों में स्वप्नदोष से छुटकारा मिल जाएगा। नित्य दो केले खाकर ऊपर से एक गिलास दूध पीने से स्वप्नदोष में काफी लाभ होता है।

आमः आम के रस में जरा सी फिटकरी मिलाकर उसे पेडू पर लपेटकर सो जाएं। 10-15 दिन यही अभ्यास करने से स्वप्नदोष की आदत छूट जाती है।

ईसबगोलः मिश्री और ईसबगोल की भूसी तीन-तीन माशा की मात्रा में कुछ दिनों तक सोते समय लेने से स्वप्नदोष की आदत छूट जाती है। गुलकद, त्रिफला व ईसबगोल की भूसी के प्रयोग से भी स्वप्नदोष में काफी फायदा होता है।

इमली: इमली के बीज भूनकर बराबर मात्रा में शक्कर मिलाकर रख लें। इसमें से 6 माशा चूर्ण को गाय के दूध के साथ लेने से स्वप्नदोष में काफी लाभ होता है।

बेलः 10 ग्राम पके बेल का गूदा, एक ग्राम भांग, 10 ग्राम धनिया तथा पांच ग्राम सौंफ मिलाकर रात को भिगो दें। सुबह इसे छानकर घोट लें तथा इसे छने हुए पानी में ही मिलाकर पी जाएं। उसी समय रात के लिए भी इतनी ही मात्रा भिगो दें तथा शाम को भी भोजन व सोने से दो घंटे पहले खा ले, स्वप्नदोष ठीक हो जाएगा।

छुहाराः शीतकाल में पावभर दूध में तीन छुहारे और दो चम्मच पिसी मिश्री डालकर खूब पकाएं। जब दूध आधा रह जाए तो उतारकर छुहारों की गुठली निकालकर छुहारे खाते हुए दूध पीएं। यह प्रयोग सुबह के समय खाली पेट करें। इस उपचार से स्वप्नदोष होना समाप्त हो जाएगा।

तरबूजः तरबूज के बीजों की मींगी निकाल दें। इसके वजन के बराबर मिश्री लेकर मिला लें तथा इन्हें बारीक चूर्ण बनाकर शीशी में भर लें। इसे 10-10 ग्राम मात्रा में सुबह-शाम नियमित 3-4 माह तक खाएं स्वप्नदोष में काफी लाभ होगा।

त्रिफलाः पांच ग्राम त्रिफला का चूर्ण शहद में मिलाकर रोज सुबह-शाम चाटने से स्वप्नदोष होना बंद हो जाता है। यदि इसके सेवन से गर्मी का अनुभव हो तो शहद के स्थान पर मिश्री का भी प्रयोग किया जा सकता है।

पथ्य-अपथ्यः स्वप्नदोष के रोगी को चाहिए कि कब्ज से बचे। यदि कब्ज रहती है तो कोई भी नुस्खा प्रयोग में लेने से पहले कब्ज दूर करना चाहिए। भोजन में लाल मिर्च, तले पदार्थ, तेज मसालेदार और खटाईवाले पदार्थों का सेवन कतई न करें। अंडा मांस और शराब का सेवन भी बंद कर दें। हरी साग-सब्जी, छिलकेवाली मूंग की दाल और ताजा चपाती का सेवन करें। भोजन के अंत में एक टुकड़ा गुड़ या केला अवश्य खाएं भोजन करते हुए घूट-घूट एक गिलास छाछ पी सकें तो अवश्य पीएं सुपाच्य, हलका और सादा भोजन करें। रात को सोने से पहले ठंडे पानी से हाथ-पैर धोएं। मंजन करके मुंह साफ कर लें। सोने से पूर्व मलमूत्र आदि का विसर्जन अवश्य कर लें। शाम को 7 बजे के बाद गर्म चाय या गर्म दूध का सेवन न करें। सुबह सूर्योदय से पहले उठकर 3-4 किलोमीटर घूमने से भी काफी लाभ होता है। कामुक विचारों से बचे।

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