सामान्य ज्वर का कारण व घरेलू उपचार

Home remedies for normal fever

सामान्य रूप से शरीर का तापक्रम बढ़ने को ज्वर या बुखार कहा जाता है। वस्तुत: बुखार स्वयं कोई बड़ा रोग नहीं है बल्कि यह एक चेतावनी है कि शरीर में कहीं कोई गड़बड़ी पैदा हो गई है। यह गड़बड़ी मामूली भी हो सकती है और गंभीर भी। इसलिए सबसे पहले बुखार के सही कारणों को ज्ञात कीजिएतब जाकर बुखार का उपचार कराइए।

Home remedies for normal fever

सामान्य ज्वर का कारण व लक्षण

इस प्रकार के ज्वर में शरीर का तापक्रम बढ़ जाता है तथा संपूर्ण शरीर में जकड़न होने लगती है या फिर कभी-कभी शरीर में दर्द होता है। सामान्य ज्वर में शरीर का तापक्रम 101 से 102 डिग्री के आसपास रहता है। इस ज्वर में कभी-कभी पसीना भी आता है।

सामान्य ज्वर का उपचार

1. नीबू: जब ज्वर में बार-बार प्यास लगे तो रोगी को गर्म उबलते पानी में नीबू निचोड़कर पिलाने से शरीर का तापक्रम गिर जाता है। इस उपचार में एक कप पानी में दो चम्मच नीबू का रस मिलाकर रोगी को पिलाएं नीबू को पानी में निचोड़कर पीने से भी ज्वर कम होता है। दो नीबू लगभग 250 ग्राम पानी में निचोड़कर इतना उबालें कि पानी आधा रह जाए। इसके पश्चात इसमें दो ग्राम सेंधा नमक सेंककर पानी में मिलाएं। इस उपचार से दो दिन में बुखार खत्म हो जाएगा।

2. इमलीः इमली का पानी पिलाने से बुखार में लाभ होता है।

3. नारियलः नारियल का पानी पीने से ज्वर कम हो जाता है।

4. चुकंदरः 250 ग्राम चुकंदर का रस, 125 ग्राम खीरा या ककड़ी का रस तथा 185 ग्राम गाजर के रस को मिलाकर पीने से ज्वर कम हो जाता है।

5. अदरकः अदरक को चूसने से ज्वर में लाभ होता है।

6. खुबानीः ज्वरग्रस्त रोगियों के लिए यह विशेष लाभदायक है। खुबानी का रस ग्लूकोज या शहद के साथ विशेष प्रभाव छोड़ता है। इसको पीने से प्यास व जलन शांत हो जाती है तथा शरीर का मल व विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैंरोगी के स्नायुतंत्र को दृढ़ता प्राप्त होती है।

7. चकोतराः ज्वर के रोगी को बार-बार प्यास लगती है तथा उसके दिल के आसपास जलन सी अनुभव होती रहती है। ऐसी स्थिति में रोगी को चकोतरे का रस पानी मिलाकर पिलाने से उसकी जलन और प्यास समाप्त हो जाती है। व रोगी को शांति मिलती है।

8. मुनक्काः बुखार में मुनक्का उपयोगी फल माना जाता है। ज्वर पीड़ित रोगियों को पानी में भीगे हुए मुनक्का को भलीभांति मसलकर पानी को छानकर पिलाने से काफी लाभ होता है। इस पेय से बुखार के कारण शरीर में पैदा हुए विष तथा कमजोरी दूर होती है। इस पेय में थोड़ा नीबू भी मिला दिया जाए तो यह पेय और भी स्वादिष्ट बन जाता है। अनन्नासः अनन्नास का एक कप रस लेकर उसमें दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से सारा ज्वर उतर जाता है।

9. शहतूतः शहतूत का प्रयोग रोगियों की जलन व प्यास समाप्त कर देता है।

10. बेल: ज्वर होने पर बेल की कचरी 20 ग्राम मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें तथा इसे हल्के गर्म पानी के साथ पांच-पांच ग्राम लेते रहें। काफी राहत मिलेगी।

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