पथरी का घरेलू उपचार(इलाज)

Kidney Stones Natural Treatment In Hindi

कारण

शरीर के किसी हिस्से में अपशिष्ट पदार्थों के संयुक्त होने की अवस्था को पथरी कहा जाता है। पथरी यूं तो पेट से संबंधित अंगों, गुर्दे व मूत्राशय में ही अधिक होती है परंतु शरीर के अन्य हिस्सों में भी इसका प्रभाव देखा जा सकता है। पथरी प्रमुखत: उन पदार्थों के सेवन के कारण होती है जिनका शरीर पाचन नहीं कर पाता अथवा कम पाचन या उनका अवशोषण नहीं कर सकता हो। इन पदार्थों के सेवन के कारण यह शरीर के एक हिस्से में जमा होते जाते हैं तथा धीरे-धीरे अपना आकार बढ़ाते रहते हैं-इसे ही पथरी कहा जाता है।

लक्षण

पथरी के प्रारंभिक लक्षणों में शरीर के पथरी से प्रभावित हिस्से में हल्का-हल्का दर्द शुरू होता है, यदि पेट में पथरी है तो भोजन के पश्चात उल्टियां भी होने लग जाती हैं, गुर्दे व मूत्राशय की पथरी में पेशाब रुक जाता है या रुक-रुक कर आता है, बाद में तेज दर्द होने लगता है। जिससे रोगी का जीना मुहाल हो जाता है।

उपचार

सेवः गुर्दे व मूत्राशय में पथरी बन जाए तो ऑपरेशन करके निकाल देने के पश्चात भी पथरी पुन: बन जाती है। सेव का रस पीते रहने से पथरी बनना बंद हो जाती है। यदि पथरी बन भी जाए तो घिस-घिसकर मूत्र द्वारा बाहर आ जाती है। यह वृक्कों को भी शुद्ध कर देता है।

इलायचीः इलायची खाने से पेशाब की जलन दूर होती है, साथ ही पथरी में भी लाभ होता है।

गन्नाः गन्ना चूसते रहने से पथरी टूट-टूटकर शरीर से निकल जाती है। अखरोट: अखरोट को गिरी तथा छिलकों सहित पीसकर, छानकर एक चम्मच सुबह-शाम ठंडे पानी से दो सप्ताह तक लगातार लेने से पथरी समाप्त हो जाती है।

खरबूजाः खरबूजे के नियमित सेवन से पथरी दूर हो जाती है।

चुकंदरः चुकंदर को पानी में उबालकर उसका सूप 30 ग्राम की मात्रा में दिन में चार बार पीएं। लगभग 3-4 सप्ताह तक इसका सेवन करें। इससे गुर्दे की सूजन के साथ-साथ पथरी भी टुकड़े-टुकड़े होकर निकल जाएगी। यह चमत्कारी इलाज है।

गाजरः गाजर के 150 ग्राम रस में इतनी ही मात्रा में चुकदर व ककड़ी का रस मिलाकर नित्य पीएं। यह रस मूत्राशय व गुर्दे की पथरी को तोड़कर मूत्र के रास्ते बाहर निकाल देगा। केवल गाजर का रस भी दिन में तीन-चार बार पीने से पथरी निकल जाती है। गाजर के बीजों को पीसकर उनकी फकी लेने से भी पथरी निकल जाती है।

छुहाराः पथरी में छुहारा खाने से लाभ होता है।

नारियलः नारियल का पानी पीने से पथरी निकल जाती है।

जामुनः जामुन की गुठली का चूर्ण दही के साथ खाने से पथरी में काफी लाभ होता है | इसी प्रकार पके हुए जामुन खाने से पथरी निकल जाती है |

आंवला: मूली के साथ आंवले का चूर्ण खाने से मूत्राशय की पथरी में लाभ होता है।

आमः आम के पत्तों को छाया में सुखाकर बारीक पीसकर नित्य आठ ग्राम बासी पानी से प्रात:काल में फंकी लेने से पथरी समाप्त हो जाती है।

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