गठिया का घरेलू नुस्खे द्वारा इलाज

Home remedies for arthritis

कारण

गठिया वृद्धावस्था की एक कष्टदायक बीमारी है। इस रोग को बढ़ाने के लिए कब्ज जिम्मेदार है। रोग के प्रमुख कारण पेट में गैस को बढ़ानेवाले पदार्थों का सेवन, अनियमित आहार-विहार, चिकने व तले हुए चटपटे मसालों का अत्यधिक प्रयोग, परस्पर विरोधी खानपान, भोजन के बाद व्यायाम करना आदि है। जो लोग आलसी प्रवृत्ति के होते हैं उनको भी यह रोग घेर लेता है। गठिया में शरीर की वायु कुपित होकर कफ में मिश्रित होकर शरीर के विभिन्न जोड़ों में इकट्ठी होकर दर्द उत्पन्न करती है।

लक्षण

गठिया के रोगियों को प्यास अधिक लगती है, उनका सारा शरीर टूटा-टूटा सा रहता है, भोजन से अरुचि हो जाती है तथा भोजन पचता नहीं है। अंगों में सूजन आ जाती है। कब्ज, मूच्छ, अनिद्रा, हृदय में जकड़न, बार-बार पेशाब आना शुरू हो जाता है। रोग की अधिकता में शरीर के विभिन्न अंगों में तेज दर्द होता है।

उपचार

नीबूः एक गिलास पानी में नीबू निचोड़कर नित्य प्रात: पीने से गठिया में काफी लाभ होता है।

सेवः गठिया के रोगियों के लिए सेव विशेष उपयोगी फल है। सेव को उबालकर उसे भली प्रकार मसलकर बारीक पीस लें। दर्द अथवा सूजनवाले स्थान पर इसे लगाने अथवा अच्छी तरह मालिश करने से लाभ होगा। भूखे पेट एक सेव के नित्य सेवन से काफी लाभ होता है।

अंगूरः अंगूर शरीर से उन लक्षणों को निकाल देता है जिनके कारण गठिया शरीर में बना रहता है, इसलिए अंगूर खाते रहना चाहिए।

आंवलाः एक गिलास पानी में 25 ग्राम सूखे आंवले, 50 ग्राम गुड़ डालकर उबालें। चौथाई पानी शेष रहने पर छानकर दो बार नित्य पीएं। इस उपचार के दौरान बिना नमक की रोटी तथा मूंग की दाल में सेंधा नमक व काली मिर्च डालकर खाएं। ठंडी हवा से स्वयं का बचाव करें, जल्द ही लाभ होगा।

अरंडी का तेलः गठिया में अरंड का तेल कब्ज दूर करने के लिए सेवन करें। इससे कब्ज दूर होगी व गठिया में आराम मिलेगा।

आमः आम की गुठली की गिरियों का तेल निकालकर इसकी मालिश करें। इससे पुराना गठिया भी ठीक हो जाता है।

पथ्य-अपथ्यः गठिया में बाजरा विशेष लाभदायक है। सब्जियों में बैंगन, मेथी, करेला, टिंडा, चौलाई व तोरई तथा फलों में सेव, अंगूर, पपीता व खजूर विशेष लाभदायक है। इसके अलावा तुलसी भी इस रोग में काफी लाभदायक है। इसमें तुलसी की जड़, डठल तथा मंजरी को बारीक पीसकर बराबर की मात्रा में गुड़ मिलाकर चने के बराबर की गोलियां बना लें। इन गोलियों में से एक गोली प्रात: तथा एक गोली सायं दूध के साथ सेवन करना विशेष लाभप्रद रहता है। इमली,मूली, आलू, जौ का बेसन, गोभी, अरवी आदिवायुवर्धक शाक-सब्जियां व फलों का प्रयोग न करें।

विशेष टिप्पणीः गठिया से बचने का पहला व आखिरी उपाय पाचन क्रिया को ठीक रखकर अपच न होने देना है। इस रोग की अवहेलना करने से इसकी चिकित्सा दुसाध्य तथा बाद में असाध्य हो जाती है।

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