मंद ज्वर (जीर्ण ज्वर) का घरेलू उपचार

Home remedy for chronic fever

मंद ज्वर (जीर्ण ज्वर) का कारण व लक्षण

यह ज्वर धीरे-धीरे आता है, इसीलिए इसे मंद ज्वर के नाम से जाना जाता है। इस प्रकार का ज्वर धूप में चलने, अधिक गर्म चीजें खाने, आंच के आगे बैठने व गर्मी की थकान के कारण आता है। इस रोग के प्रारंभ में रोगी का मुंह कड़वा रहने लगता है, चक्कर आने लगते हैं, रह-रहकर बुखार आने लगता है। रोगी बेहद कमजोरी महसूस करता है।

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मंद ज्वर (जीर्ण ज्वर) का उपचार

1. गन्नाः मंद ज्वर में प्रतिदिन एक गिलास गन्ने का रस पीने से काफी लाभ होता है। इससे रोगी के शरीर का तापक्रम कम होता है।

2. नीबूः ज्वर आने पर या इससे दो घंटे पहले नमक, फिटकरी व काली मिर्च को समान मात्रा में पीसकर आधे नीबू में डालकर धीरे-धीरे चूसें। दूसरा आधा टुकड़ा इसी तरह से आधे घंटे के बाद चूसें ज्वर ठीक हो जाएगा।

3. संतराः मंद ज्वर में रोगी को नित्य एक गिलास संतरे का रस पिलाना चाहिए। इससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा वह जल्दी स्वस्थ हो जाता है। रात्रि को सोते समय एक संतरा छीलकर खाने से भी ज्वर में आराम मिलता है।

4. आंवलाः मूंग की दाल में सूखा आंवला डालकर पकाकर खाने से जीर्ण ज्वर से राहत मिलती है।

5. बेलः बेल की जड़ का 10 ग्राम गूदा बारीक-बारीक काट लें, फिर इसमें 10 ग्राम बेल की गिरी भी मिला दें। इसमें 10 ग्राम एरंड की जड़ भी काटकर डाल दें। इसके पश्चात इन सभी को आधा किलो दूध में दो किलो पानी मिलाकर उबालें। जब पानी जल जाए तो इसे छानकर 10-10 ग्राम की मात्रा में तीन-तीन घंटे बाद लेते रहें। जीर्ण ज्वर पूर्णत: समाप्त हो जाएगा।

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