सन्निपात ज्वर का घरेलू इलाज

typhus fever treatment in hindi ayurveda

समय, संयोग, स्वभाव व देश विरुद्ध खानपान, भोजन के बाद फिर भोजन, असमय भोजन, अजीर्ण में भोजन तथा अनेक प्रकार की मिश्रित वस्तुओं के सेवन से यह ज्वर होता है। इस ज्वर में आंखों में जलन, अन्न के प्रति अरुचि, कभी सर्दी व कभी गर्मी लगना, जोड़ों में दर्द, आंखें लाल होना, कानों में तीव्र दर्द, तीव्र प्यास लगना, मल-मूत्र का देर से तथा अल्प परिमाण में होना, शरीर में दुर्बलता आदि लक्षण प्रकट होते हैं। इस रोग में सर्वप्रथम कफ तथा आंव की चिकित्सा करानी चाहिए।

सन्निपात ज्वर का उपचार (Home Remedy For Typhus Fever)

दाखः शहद, देशी घी तथा दाख-इन तीनों को मिलाकर खूब अच्छी तरह पीसकर जीभ पर लेप करने से जीभ मुलायम हो जाती है तथा ज्वर में काफी आराम मिलता है।

कायफलः काली मिर्च, मुलहठी, सेंधा नमक, खस, कायफल तथा पीपल को गरम पानी में पीसकर मृदुनस्य देने से त्रिदोष नष्ट हो जाते हैं। कायफल ,पोहकर,काकड़ासिंगही,सोंठ,काली मिर्च जवासा,पीपला मूल तथा कलौंजी को मिलाकर खूब बारीक पीसकर शुद्ध शहद में मिलाकर चाटने से सन्निपात ज्वर ठीक हो जाता है।

संतराः नियमित संतरे का एक गिलास रस पीने से सन्निपात ज्वर में काफी आराम मिलता है।

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