मोटापा कम करने के घरेलू उपाय

मोटापा एक विश्वव्यापी रोग है, जिसे मनुष्य के स्वास्थ्य, सौंदर्य और श्रम-शक्ति का दुश्मन कहा जा सकता है। मोटापा व्यक्ति की प्रगति और उन्नति में बाधक बन जाता है। इसकी वजह से शारीरिक और बौद्धिक दोनों दृष्टियों से व्यक्ति अक्षम, अशक्त और उत्साहहीन हो जाता है। उसकी क्रियाशीलता कमजोर हो जाती है।

साधारण बोलचाल में किसी व्यक्ति को बेडौल, थुलथुल शरीर और बाहर निकली तोंद के आधार पर ‘मोटा’ कहा जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से शरीर में आवश्यकता से अधिक चर्बी को मोटापा कहा जाता है। मोटापा और अधिक वजन में अंतर है। कोई भी व्यक्ति हृष्ट-पुष्ट व वजनवाला हो सकता है लेकिन उसे मोटा नहीं कहा जाता।

मोटापा का कारण

कई ऐसे रोग हैं, जिनमें शरीर का वजन बढ़ जाता है तथा कुछ आनुवंशिक बीमारियां भी मोटापा बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लेकिन साधारणत: जो मोटापा बहुतायत में पाया जाता है उसका कारण शरीर में अधिक कैलोरीयुक्त आहार का सेवन और उसका पूरा अवशोषण नहीं हो पाना है। शरीर में जिन कैलोरीज का अवशोषण नहीं हो पाता वो वसा के रूप में संचित होती जाती हैं और व्यक्ति मोटा होने लगता है। आरामतलब जीवन और खानपान की असामान्य आदतें भी मोटापा बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं।

मोटापा के लक्षण

सबसे पहले पेट में भारीपन आने लगता है, फिर कूल्हे भारी होने लगते हैं। साधारणत: सांस भारी होने लगती है, अल्प परिश्रम से ही दम फूल जाता है, गले में घरघराहट, कमजोरी का अधिक अनुभव होने लगता है तथा वजन तेजी से बढ़ने लगता है।

मोटापा का उपचार

(१) नीबू

जो व्यक्ति शीघ्रता से पतला होने के अभिलाषी हैं, उनके लिए नीबू उपयुक्त औषधि है। नीबू का उपयोग मोटापा घटाने के लिए करने से पहले एक दिन का उपवास रखना जरूरी है तथा जितना हो सके उतना अधिक पानी पीना चाहिए। अगले दिन से ही आधा कप नीबू का रस और उतना ही पानी मिलाकर दिन में कई बार पीना चाहिए। इस उपचार के प्रारंभ में कुछ कमजोरी महसूस हो सकती है किंतु चिंता न करें। एक माह तक नियमित रूप से इस प्रयोग को करें | यह बेहद चमत्कारी और आजमाया हुआ नुस्खा है अतः इससे लाभ अवश्य होगा ।

(२) गाजर

एक नीबू गर्म पानी में मिलाकर सुबह पीएं उसके पश्चात 12 औस गाजर का रस व 4 औस पालक का रस मिलाकर पीएं। इस उपचार को भी एक माह तक जरूर करें।

क्या नहीं करना चाहिये

अधिक सोना एवं अधिक बैठे रहना अपथ्य है। बार-बार भोजन, गरिष्ठ भोजन, असमय भोजन, चिकनाई युक्त भोजन हानिकारक है। बादाम, काजू, नारियल-खोपरा, पिस्ता, अखरोट आदि मेवे के पदार्थ एवंघी, मांसव अंडे का सेवन हानिकारक है।

आप अपनी शारीरिक सक्रियता बढ़ाकर, अपनी दिनचर्या में व्यायाम, योगासन, एरोबिक इत्यादि को शामिल करके अवांछित मोटापे को कम कर सकते हैं। आप तेज गति से प्रतिदिन एक घंटा भ्रमण करें तो 300 कैलोरी ऊर्जा खर्च करते हैं। अर्थात एक वर्ष तक नियमित एक घंटा तेज गति से पैदल भ्रमण करें तो 15 कि.ग्रा. वजन कम किया जा सकता है। उपवास भी मोटापे को कम करने में सार्थक है।

मोटापा अनेक रोगों की जड़ है। प्रमेह, मधुमेह, हृदयरोग, अर्श, भगंदर, श्वास,रक्तचाप,पथरी,वृक्करोग, गठिया, सूजन,फोड़े-पुंसी, वातव्याधि एवं शरीर में दर्द जैसे अनेक रोगों की उत्पत्ति में मोटापा भी एक कारण है। अत:मोटापा दूर करें, स्वस्थ रहें।

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