पुरुषों में प्रमेह रोग का घरेलू उपचार

प्रमेह एक भयंकर यौन रोग है। जिस प्रकार महिलाओं में प्रदर रोग होता है उसी तरह पुरुषों में प्रमेह रोग होता है। इस रोग से ग्रसित व्यक्ति का चेहरा मुरझा जाता है, शरीर कमजोर पड़ जाता है। परिश्रम न करने, अधिक आराम करने, ज्यादा सोने, दही तथा देहाती पशुओं के मांस के अधिक सेवन, बरसात का पानी पीने, नए चावल खाने, कफ कारक पदार्थों के सेवन, नए अन्न, मदिरा तथा ईख आदि के सेवन तथा अत्यधिक मैथुन करने से यह रोग हो जाता है।

पुरुषों में प्रमेह रोग का लक्षण

जरा सी उत्तेजना में वीर्यपात, पेशाब से पहले व बाद में धातु गिरना, शौच के समय जरा सा जोर लगाते ही वीर्यपात हो जाना प्रमेह के प्रमुख लक्षण हैं। इसके अलावा तालू, कंठ, जीभ व दांतों में मैल जमा होना, हाथ-पांवों में जलन, शरीर में चिकनाहट तथा मुंह में मिठास अनुभव होना इसके अन्य लक्षण हैं।

पुरुषों में प्रमेह रोग का उपचार

केलाः केले के 6 माशा आटे को रोज दूध के साथ सेवन करने से इस रोग में काफी लाभ देखा गया है।

आमः लगभग 250 ग्राम दही लाकर फेंट लें। इतना ही बीजू आमों का रस मिला दें। इसमें 5-7 छोटी इलायची पीसकर बुरक दें। मिश्रण की खटास कम करने के लिए कुछ शक्कर भी मिला लें। यह प्रमेह के रोगी के लिए संपूर्ण भोजन है। इसके सेवन से प्रमेह शीघ्र ही ठीक हो जाता है।

बेलः बेल के अधपके फल चुन लाइए। इन्हें उबलते हुए पानी में डाल दीजिए। बेल के बीज अलग निकालकर सुखा लीजिए। जिस पानी में बेल फल उबाले हैं बेलगिरी के टुकड़े उसी में डालकर हलवा बना लीजिए। इसके पश्चात ताजा मलाई मिलाकर खा जाइए। बाकी बेलगिरी का मुरब्बा बना लीजिए तथा प्रतिदिन नाश्ते में खाइए। प्रमेह ठीक हो जाएगा।

आंवलाः खूब बारीक पिसी हुई सूखी हल्दी में शुद्ध शहद तथा देशी आवले का स्वरस मिलाकर नियमित चाटने से प्रमेह दूर हो जाता है। गोखरू, गिलोय तथा आंवले की 10-10 तोला मात्रा लेकर खूब पीसकर छानकर रख लें। इसमें से 6 माशा चूर्ण में प्रतिदिन प्रात: 6 माशा देशी घी तथा तीन माशा शुद्ध शहद मिलाकर सेवन करने से प्रमेह में काफी लाभ होता है। हरड़, बहेड़ा तथा आंवले को समान मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें। इस चूर्ण की 6 माशा से 1 तोला मात्रा को शहद या फिर गरम पानी के साथ सेवन करने से प्रमेह ठीक हो जाता है।

परवल, नीम की छाल, गिलोय तथा आंवले को मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से ‘पितज प्रमेह’ ठीक हो जाता है। हल्दी के चूर्ण में शहद तथा आंवले का रस मिलाकर चाटने के बाद अरनी का काढ़ा पीने से प्रमेह शांत हो जाता है।

इलायची: छोटी इलायची का चूर्ण, शंखपुष्पी, शिलाजीत तथा मिश्री को कूट पीसकर छान लें। बारीक चूर्ण की 4 माशे की मात्रा में पानी मिलाकर नियमित सेवन करने से प्रमेह में लाभ होता है।

विशेष उपचारः लगभग 100 ग्राम साफ किए हुए गेहूं को रात्रि के समय पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इनको सिल पर पीसकर मिश्री मिला लें। इसके पश्चात बारीक कपड़े से छानकर पीएं सात दिनों तक इस प्रयोग को करने पर निश्चित ही प्रमेह में आश्चर्यजनक लाभ होगा।

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5 Comments

  1. महोदय मै जब फोन पर किसी लडकी से बात करता हु तो पानी जैसा लार की तरह चिकना पदार्थ निकलता है यह क्या है उपाय बतायै

  2. Sir
    My son is 24 year old.The symptoms illustrated by you fits with him.Kindly suggest me its best remedial medicine .I shall be obliged to you for ever.With regards and thanks.

    • यहां पर जिन दवाओं के बारे में बताया गया है उसका प्रयोग करें और अधिक परेशानी होने पर आयुर्वेद के डॉक्टर से संपर्क करें

  3. महोदय,
    आपका ” घर का वैद्य” स्तम्भ काफी सरानिह व् अच्छा लगा ।
    इस कालम में बेहद महत्व पूर्ण जानकारियां मिलती है ।
    आपका बहुत बहुत धन्ययाद

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