हृदयाघात (हार्ट अटैक) का घरेलू उपचार

Natural remedies for heart attack

हृदयाघात वर्तमान में मृत्यु होने का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। इस रोग से प्रतिवर्ष लाखों व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है।

 

हृदयाघात के कारण

जब हृदय की मांसपेशियों के ऊतकों का एक भाग निजींव हो जाता है तो हृदय काम करना बंद कर देता है, इसे ही हृदयाघात कहा जाता है। इसमें हृदय की मांसपेशियों के एक भाग को रक्त की आपूर्ति बंद हो जाती है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ हृदयाघात की संभावनाएं बढ़ती जाती हैं। हृदयाघात अधिक धूम्रपान, वसायुक्त भोजन के सेवन, पर्याप्त व्यायाम न करने व मोटापे की वजह से होता है।

हृदयाघात के लक्षणNatural remedies for heart attack

इस रोग में छाती के मध्य भाग में अचानक तीखा दर्द उभरता है। यह दर्द दाईं बांह या जबड़े में भी फैल सकता है। इस दर्द की अवधि आधा घंटा होती है। इस दौरान रोगी का जी मिचलाने लगता है, सांस लेने में कठिनाई होती है, पसीना छूटने लगता है तथा ठंड लगने लगती है।

हृदयाघात के उपचार

1. मौसमीः मौसमी का नियमित प्रयोग हृदय रोग में उत्तम औषधि का कार्य करता है। इसमें रक्त प्रवाह में बाधा पहुंचानेवाले कोलेस्ट्रोल को शरीर से निकालने की क्षमता होती है। मौसमी के प्रयोग से रक्त वाहिनियां लचीली व कोमल हो जाती हैं। मौसमी के नियमित प्रयोग से हृदय रोगों में काफी लाभ होता है। |

2. संतराः हृदय रोगियों के लिए संतरे का रस उपयोगी सिद्ध होता है। हृदय रोगी को संतरे के रस में शहद मिलाकर दिया जाए तो उसे फौरन ऊर्जा मिलती है।

3. आंवला: गाय के दूध के साथ पिसा हुआ आंवला पीने से हृदय को बल मिलता है। हृदयाघात के रोगियों को आंवले का नियमित प्रयोग करना चाहिए। सूखा हुआ आंवला और मिश्री को समान मात्रा में पीसकर नित्य एक चम्मच लेने से हृदय को बल मिलता है। हृदय रोगियों को नित्य आवले का मुरब्बा खाना चाहिए। इससे अन्य हृदय विकार भी नहीं होते। जिनको हृदयाघात की आशंका हो उनके लिए एक आवला नित्य खाना बेहद जरूरी है और जिनके हृदयघात नहीं हुआ उनको भी चाहिए कि एक आवला नित्य खाएं।

4. सेवः सेव में पोटेशियम व फास्फोरस की मात्रा अधिक होती है। प्राकृतिक चिकित्सकों का मत है कि जो व्यक्ति नियमित सेव का सेवन करते हैं वे हृदयाघात से बचे रहते हैं। सेव का सेवन हृदय के अन्य रोगों से भी पूर्ण सुरक्षा करता है।

5. अनारः अनार का रस पीने से हृदय को बल मिलता है तथा बेचैनी दूर हो जाती है। हृदय रोगियों के लिए अनार का प्रयोग उपयुक्त औषधि है। अंगूरः हृदय रोगी जिस समय हृदय में दर्द का अनुभव करे उस समय उनको अंगूर का रस पिलाया जाना चाहिए। यह बहुत लाभकारी होता है। खजूरः खजूर हृदय के लिए बलवर्धक है। इससे नया रक्त पैदा होता है। हृदय रोगियों को इसका नियमित सेवन करना चाहिए।

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