अनिद्रा (Insomnia) का घरेलू उपाय

Natural Remedies For Insomnia In Hindi

अनिद्रा का घरेलू उपाय (Home Remedies For Insomnia –  Neend ki Kami ka ilaj)

अनिद्रा रोग का अर्थ है नींद न आना | इसमें या तो व्यक्ति को नींद ही नहीं आती अथवा वह पर्याप्त नींद नहीं ले पाता | इसके अतिरिक्त रात को आंख खुल जाने के बाद पुनः सोना कठिन हो जाता है | इसके साथ-साथ बहुत से अनिद्राग्रस्त रोगियों को इस बात की शिकायत रहती है कि उनकी आंख प्रातःकाल होने के बहुत पहले ही खुल जाती है और फिर पुनः नींद आने में बहुत कठिनाई होती है |

बहुत से व्यक्ति अपने शयनकक्ष में प्रकाश अथवा अन्य किसी प्रकार के व्यवधान के कारण भी नींद लेने में कठिनाई अनुभव करतेNatural Remedies For Insomnia In Hindi हैं |

इन सामान्य कारणों के अतिरिक्त जिन व्यक्तियों पर कोई विशेष उत्तरदायित्व आ जाता है अथवा जो व्यक्ति किसी कार्य को पूरा करने के लिए मन में एक निश्चित धारणा बनाए रखते हैं उन्हें भी नींद लेने में कठिनाई अनुभव होती है |

अनिद्रा के लक्षण

अनिद्रा रोग का सबसे बड़ा लक्षण यह है कि व्यक्ति लगातार पूरी नींद नहीं ले पाता | पूरी नींद लेने का अर्थ यह है कि सोकर उठने के बाद व्यक्ति स्वस्थ अनुभव करे | इसलिए आवश्यक नहीं कि प्रत्येक व्यक्ति रात्रि को आठ घंटे अवश्य सोए ही | कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं, जिन्हें कुछ अधिक समय तक सोने की आवश्यकता होती है | परंतु ऐसे भी व्यक्ति हैं, जो आठ घंटे की नींद की अपेक्षा कम समय में ही अपनी नींद की आवश्यकता पूरी कर लेते हैं |

आज के भागदौड़ के युग में बहुत से व्यक्ति अनेक प्रकार की परेशानियां स्वयं मोल ले लेते हैं, जिसके कारण वे अनिद्रा रोग के शिकार हो जाते हैं | ऐसे अनिद्रा रोगियों को कई श्रेणियों में बांटा जा सकता है | जैसे कुछ व्यक्ति रातभर नींद न आने के कारण करवटें बदलते रहते हैं | कुछ ऐसे हैं जो नींद लेने के लिए शराब अथवा नींद की गोलियों का उपयोग करते हैं | कुछ लोग बचपन से ही अनिद्रा के शिकार होते हैं | कुछ ऐसे भी हैं जो बीमारी तथा सांस की गड़बड़ आदि के कारण निरंतर बाधा पड़ते रहने से ठीक से नहीं सो पाते |

अनिद्रा का घरेलू उपचार (Gharelu Nuskhe For Anidra)

1. नींद लेने के लिए सबसे पहला उपाय यह है कि व्यक्ति को कुछ ऐसा व्यायाम करना चाहिए जिससे उसे थकावट का अनुभव हो | उसे स्वच्छ वायु में प्रातः-सायं टहलना चाहिए |

2. गर्मियों में ठंडे पानी से पैर धोकर सोने से भी अच्छी नींद आती है |

3. नींद लेने के लिए औषधियों का सेवन नहीं करना चाहिए |

4. सायंकाल के समय कॉफी, चाय आदि नहीं पीनी चाहिए |

5. अनिद्रा रोग से बचने के लिए यह भी आवश्यक है कि व्यक्ति दिन में न सोए | लेटकर थोड़ा आराम करने में तो कोई हानि नहीं है परंतु अधिक देर तक बिस्तर में पड़े रहने से रात्रि को नींद आना कठिन हो जाता है | व्यक्ति चाहे तो चिंता के कारण होने वाले अनिद्रा रोग से बच सकता है | उसे प्रयत्न करना चाहिए कि रात को सोने से पूर्व चिंताओं का दामन छोड़ दे और रात को ईश वन्दना कर प्रभु स्मरण करते हुए सोने का प्रयत्न करे |

6. नींद के लिए एक उपाय यह भी है कि सोने से पूर्व व्यक्ति गुनगुने पानी से स्नान करे | इससे शरीर के रोमछिद्र खुल जाते हैं और शरीर में एक नयी ताजगी का अनुभव होता है | सोने से पूर्व गुनगुने जल से स्नान करने के अतिरिक्त शरीर के उन अंगों की मालिश भी करनी चाहिए, जिनसे रक्त प्रवाह मस्तिष्क की ओर जाता है | ये स्थान हैं, गर्दन, रीढ़ की हड्डी और कंधे आदि | मालिश 10-15 मिनट तक करनी चाहिए | यदि कोई दूसरा व्यक्ति इन अंगों को दबाने में सहायता कर सके तो और भी अच्छा है |

7. रीढ़ की हड्डी की मालिश पहले नीचे से ऊपर और फिर ऊपर से नीचे की ओर करनी चाहिए | बहुत से व्यक्तियों की आदत होती है कि वे रात का भोजन खाने के तुरन्त बाद ही ऊंघने लगते हैं | अच्छा यही है कि रात्रि का भोजन सोने से कम-से-कम दो घंटे पूर्व किया जाए | उसके बाद थोड़ी देर भ्रमण करना भोजन के पाचन तथा आराम की नींद लेने के लिए आवश्यक है |

8. कुछ व्यक्तियों को रात में नींद तो आती है, परंतु पेट आदि की खराबी के कारण वे निद्रा में बड़बड़ाने लगते हैं या ठीक से सो नहीं पाते | ऐसे व्यक्तियों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपनी पाचन क्रिया सुचारु रखने का प्रयत्न करें |

9. सोने का समय निश्चित होना चाहिए | जो लोग इस संबंध में भी अनिश्चित रहते हैं, उन्हें निश्चित समय पर नींद कैसे आ सकती है |

10. बिस्तर ऐसा होना चाहिए, जिससे शरीर को सुख का अनुभव हो | संभव हो तो घर का प्रत्येक सदस्य अलग बिस्तर पर सोए | सेब के मुरब्बे का सेवन करने से भी नींद आने लगती है |

11. गाजर का रस नींद लाने में सहायक है | सलाद के पत्तों का उपयोग निद्रा रोगियों के लिए लाभदायक है |

12. प्याज का उपयोग अनिद्रा रोगियों के लिए अनेक प्रकार से गुणकारी होता है | कई बार खांसी, पेटदर्द आदि के कारण भी नींद उचट जाती है | प्याज का रस इन कष्टों को दूर करता है | प्याज को कई प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है | प्याज को काट-छीलकर देसी घी में अच्छी तरह भून लें | रोटी के साथ उसे खाने से नींद के अतिरिक्त अन्य अनेक लाभ होते हैं |

13. जिन लोगों को अपच के कारण नींद न आती हो या अफारा रहता हो उन्हें मेथी का प्रयोग करना चाहिए | मेथी का प्रयोग अनेक रूपों में किया जा सकता है | मेथी की सब्जी और मेथीदाने को अंकुरित करके खाने से लाभ होता है |

14. रात्रि को सोते समय, विशेष रूप से सर्दियों में पैरों का गरम रहना आवश्यक है | जब तक पैरों में गर्मी नहीं पहुंचेगी, तब तक नींद आना कठिन होता है | इसलिए आवश्यक है कि सोने से पूर्व पैरों के तलवों में सरसों के तेल की मालिश की जाए | इससे गहरी नींद आती है |

15. गर्मियों में पैरों में अधिक गर्मी अनुभव होने पर मालिश करना उचित नहीं | उस समय यदि जलन का अनुभव हो तो कद्दू का एक टुकड़ा पैरों के तलवों पर मलना चाहिए, इससे रात को नींद अच्छी आती है |

16. घिया या कद्दू के रस में तिल का तेल मिलाकर रात्रि के समय खोपड़ी पर मालिश करने से अनिद्रा रोग में आराम होता है | दही अनिद्रा के उपचार के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध हुई है | दिन में भोजन के साथ दही का उपयोग और स्नान के समय सिर पर दही की मालिश से अनिद्रा रोग दूर होने में सहायता मिलती है |

17. शहद अनिद्रा रोगियों के लिए सम्मोहन का सा प्रभाव रखता है | रात्रि को सोने से पूर्व जलवायु अनुसार ठण्डा या गरम, एक प्याली पानी में दो चम्मच शुद्ध शहद का सेवन करने से अच्छी नींद आती है |

18. रात्रि को सोने से पूर्व गरम दूध पीना निद्रा लाने में बहुत सहायक है | दूध में चीनी के बजाय शहद का उपयोग इसे अधिक गुणकारी बनाता है | तलवों पर दूध की मालिश करना भी फायदेमंद रहता है |

19. सौंफ को पानी में अच्छी प्रकार उबालें | पानी आधा रह जाने पर उससे दुगने दूध में मिलाकर दो चम्मच घी और चीनी मिलाएं | सोते समय इसका सेवन करने से नींद भी अच्छी आती है और प्रात:काल शौच भी सरलता से होती है |

20. गर्मियों में रात में नींद न आने पर हरा धनिया अच्छी प्रकार पीसकर, चीनी और पानी मिश्रित कर पीने से अच्छी नींद आती है | सिरदर्द भी दूर हो जाता है |

21. चन्दन को पानी में घिसकर मस्तिष्क पर लेप करने तथा कच्चे आंवले को पीसकर उसका पेस्ट बनाकर सिर पर रखने से अनिद्रा रोग कम होता है |

22. मेंहदी भी इस रोग में बहुत उपयोगी है | यदि रोग का कारण वात विकार नहीं है तो मेंहदी खूब बारीक पीसकर सिर में लगाएं | इससे मस्तिष्क को शीतलता मिलेगी और अच्छी नींद आएगी |

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