पायरिया का घरेलू नुस्खों द्वारा इलाज

Natural Remedies For Pyria

पायरिया दांतों का सबसे हानिकारक तथा भयंकर रोग है |Natural Remedies For Pyria

कारण

प्रतिदिन दांतों की ठीक प्रकार से सफाई न करने से अन्न-कण दांतों में फंसकर सड़न उत्पन्न करते हैं | यही पायरिया होने का मुख्य कारण है |

लक्षण

अधिकांश रोगियों में पायरिया की तीन अवस्थाएं देखने में आती हैं | पहली अवस्था में मसूड़ों में हल्का शोथ होता है | मसूड़ों के किनारों से पीव निकलने लगता है | दूसरी अवस्था में रोग बढ़ जाता है | दांतों की शक्ति क्षीण होने लगती है | मसूड़ों से पीव के साथ रक्त भी आने लगता है | तीसरी अवस्था में रोग उग्र रूप धारण कर लेता है | पीव पेट में जाने लगती है और तरह-तरह के अन्य रोग लग जाते हैं |

उपचार

पायरिया के लक्षण देखते ही उपचार आरम्भ कर देना चाहिए | दांतों की सफाई का अत्यधिक ध्यान रखना चाहिए |

1. दिन में तीन-चार बार नीम की पत्तियां उबालकर कुल्ले करें | इससे पीव कम होगी | पानी में पोटेशियम परमेगनेट (लाल दवा) मिलाकर कुल्ले करने से तथा नीम का तेल मसूड़ों पर लगाने और कुछ देर लार टपकाकर कुनकुने जल से कुल्ले करने से मसूड़ों में लगे जीवाणु नष्ट होते हैं |

2. हल्दी में थोड़ी भूनी हुई फिटकरी का चूर्ण मिलाकर मंजन करने से दांत साफ रहते हैं तथा मसूड़ों से खून आना बन्द हो जाता है |

3. नौसादर लेकर खूब बारीक चूर्ण बना लें | दांत दर्द में उंगली से दांतों पर मलने से आराम आता है | दांत में खोड़ के कारण दांत दर्द हो तो लौंग के तेल में जरा सी रूई भिगोकर खोड़ में रखें | दांतों के डॉक्टर प्रायः यही तेल लगाते हैं | इससे धीरे-धीरे कीड़ा मर जाता है और दांत की सफाई करके चांदी आदि से उस खोड़ को भर दिया जाता है |

4. अमृतधारा में रूई भिगोकर लगाने से भी लाभ होता है और दर्द समाप्त हो जाता है |

5. दालचीनी का तेल लगाने से भी दांत दर्द में आराम आता है |

6. तुलसी के पत्तों को सुखाकर अत्यन्त बारीक चूर्ण बना लें | इसमें थोड़ा सरसों का तेल मिलाकर पेस्ट भी बना सकते हैं | इसे उंगली या ब्रश से दांतों तथा मसूड़ों पर मलने से लाभ होगा | यह पायरिया के लिए भी अत्यन्त उपयोगी है | जिनके मुंह से दुर्गन्ध आती हो उन्हें भी बहुत लाभ देगा और मुख शुद्धि होगी |

7. दांत जब तक बिल्कुल हिलने न लगे तब तक उखड़वाना नहीं चाहिए | जिनके दांत हिलते हों उन्हें कुछ दिन आम के पत्ते चबाने चाहिए और चबाकर थूक देना चाहिए |

8. प्रातः काल दांत साफ करने के बाद काले तिल चबाएं | इसके बाद थोड़ा पानी पीएं | रात को भी तिल चबाकर पानी पीएं | दांत मजबूत होंगें |

9. सप्ताह में एक-दो बार तेजपात का बारीक़ चूर्ण उंगली से दांतों पर मलें, दांत चमकने लगेंगे और मुख शुद्धि भी होगी |

10. हल्दी में थोड़ी सी भुनी हुई फिटकरी का चूर्ण मिलाकर मंजन करने से दांत साफ रहते हैं | पानी लगना और मसूड़ों आदि से खून आना भी बंद हो जाता है |

11. बारीक़ नमक में सरसों के तेल की दो-चार बूंदें मिलाकर मंजन करने की बात सभी जानते हैं | यह बहुत ही सरल और उपयोगी दंतमंजन है |

12. टमाटर और गाजर का रस पीते रहने से दंत विकारों में लाभ होता है |

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