कुकर खांसी (Whooping Cough) का घरेलू उपचार

Home remedies for whooping cough

कुकर खांसी वस्तुतः एक संक्रामक रोग है | यह रोग प्रायः बच्चों को अधिक होता है | रोगी बच्चे के संपर्क Home remedies for whooping coughमें आने वाले अन्य बच्चों को भी यह बीमारी हो जाती है | श्वास नली में संक्रमण होने से यह रोग पैदा होता है | खांसी आने के समय बच्चे को काफी कष्ट होता है | अधिक छोटे बच्चों को यह रोग होने पर फेफड़ों में अवरोध से उनकी मृत्यु तक हो सकती है | नाक के द्वारा रोग के कीटाणु श्वास नली तक पहुंचते हुए फेफड़ों को भी प्रभावित कर देते हैं | कुकर खांसी के साथ प्रारंभ में बच्चे को हल्का बुखार भी हो जाता है | धीरे-धीरे खांसी का वेग बढ़ता है, खांसी का एक प्रकार से तांता लग जाता है |

जब खांसी शुरू हो जाती है तो बच्चा काफी देर तक खांसता रहता है | खांसते समय उसका दम घुटने लगता है, आंखें लाल हो जाती हैं | कई बार खांसते-खांसते उलटी भी हो जाती है | खांसते समय रोगी के मुंह से ऐसी आवाज निकलती है, जैसे कुत्ता भूक रहा हो | इसीलिए इसे कुकर खांसी कहा जाता है | बच्चों को इससे काफी कष्ट होता है | प्रायः ऐसा माना जाता है कि यदि इसका ठीक से इलाज किया जाए तो यह रोग चार से छह सप्ताह में ठीक हो सकता है | वरना यह लम्बे समय तक चलने वाला रोग है |

उपचार

1. कुकर खांसी वाले रोगियों को घर पर ही रहना चाहिए |

2. उन्हें अधिक लोगों से मिलना या भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर नहीं जाना चाहिए |

3. खांसी यदि पढ़ने वाले बच्चे को है तो उसे स्कूल से छुट्टी ले लेनी चाहिए क्योंकि यह एक संक्रामक रोग है |

4. कुकर खांसी वाले रोगियों को पानी तथा अन्य तरल पदार्थों को गर्म करके खाना चाहिए | इससे उनके गले को आराम मिलेगा |

6. अदरक के एक चम्मच रस में मेथी का एक कप काढ़ा बनाकर शहद मिलाकर पीने से कुकर खांसी में बलगम आसानी से निकलने लगता है |

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