गर्भ निरोध के लिए घरेलू नुस्खे

अनचाही संतान की उत्पत्ति को रोकने के लिए अपनाए गए तरीकों को गर्भ-निरोधक कहा जाता है। प्राचीनकाल में गर्भ निरोध प्राकृतिक पदार्थों द्वारा किया जाता था। यहां प्राचीनकाल से चले आ रहे दो प्राकृतिक गर्भ निरोध के उपाय दिए जा रहे हैं। हालाकि वर्तमान में कई अन्य आधुनिक साधन भी उपलब्ध हैं कितु यह उपचार आज भी कारगर व उपयोगी हैं।

गर्भ निरोध का उपचार (Garbh Nirodhak Ka Upchar)

1. ईखः गर्भ निरोध हेतु मासिक धर्म के बाद तीन दिन तक एक छटांक ईख का पुराना गुड़ खाने से गर्भ ठहरने की संभावना काफी कम हो जाती है।

2. अरंडः मासिक धर्म के बाद तीन दिनों तक अरंड की मींगी खाएं। यह उपचार इतना कारगर है कि इससे एक वर्ष तक गर्भ नहीं ठहरता।

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