कब्ज का प्राकृतिक औषधियों द्वारा इलाज

Home Remedy for constipation

कब्ज ऐसी स्थिति है जब मल-त्याग कठिनाई से या रुक-रुक कर होता है | कब्ज स्वयं में कोई रोग नहीं हैHome Remedy for constipation परंतु किसी गम्भीर रोग का लक्षण हो सकता है | इसको दूर करने के लिए निचे कुछ सरल घरेलू उपचार बताये जा रहे हैं |

कारण (Reason)

आहार में अचानक परिवर्तन, पानी कम मात्रा में पीना, भोजन सम्बंधी बुरी आदतें, दैनिक व्यायाम की कमी या रेशारहित गरिष्ठ भोजन करना कब्ज़ के प्रमुख कारण हैं |

लक्षण (Symptoms)

प्रत्येक व्यक्ति में कब्ज के लक्षणों में कुछ भिन्नता भी हो सकती है | परन्तु सभी लक्षणों में पेट की सही ढंग से सफाई न होना ही मुख्य है | कब्ज़ में मल सख्त या गांठदार हो जाता है और मल त्यागने में कठिनाई होती है | इसके अतिरिक्त पेट में दर्द होने लगता है  |

उपचार (Treatment)

उचित खान-पान, व्यायाम तथा कुछ अन्य उपायों से कब्ज का उपचार किया जा सकता है |

1. चोकर सहित आटे से बनी रोटी का सेवन करें |

2. प्रतिदिन लगभग सात-आठ गिलास पानी अवश्य पीएं |

3. गेहूं के साथ थोड़ी मात्रा में चना और जौ भी पिसवाएं | यह मिस्सी आटा’ बहुत बारीक पिसा हुआ न हो | रोटी बनाने से लगभग आधा घंटे पहले आटा गूंथ कर गीले साफ कपड़े से ढककर रखें |

4. रेशेदार सब्जियों, जैसे पालक, मेथी, बथुआ, चौलाई, गाजर आदि का अधिक मात्रा में प्रयोग करें |
यदि संभव हो तो सब्जियां भाप में पकाएं | यदि सीधी आंच पर पकाना हो तो सब्जी में पानी कम डालें और नरम होते ही आंच से उतार लें | हो सके तो सब्जी प्रेशर-कुकर में बनाएं |

5. दूध, दही तथा छाछ का अधिक-से-अधिक प्रयोग करें |

6. भोजन खूब चबाकर खाएं, यह बहुत आवश्यक है | इससे पाचक रस भोजन के साथ भलीभांति मिल जाते हैं |

7. रात्रि में सोने से पूर्व चार-पांच मुनक्का, दो अंजीर तथा एक-दो सूखा आलूबुखारा अच्छी प्रकार धोकर कांच के बर्तन में भिगो दें | प्रातःकाल उठकर हाथ साबुन से धोकर साफ करें और इन्हें पानी में मसलकर यह पानी पी लें | इससे शरीर में शक्ति का संचार होगा |

8. बीज निकाले हुए पांच-छः मुनक्का के दाने गरम पानी से अच्छी तरह धोकर दूध में उबालकर खाएं या चबाकर खाने के बाद गर्म दूध पी लें |

9. रात्रि में सोने से पूर्व मुरब्बा चबाकर खाएं और इसके बाद गर्म दूध पीएं | सुबह शौच सरलता से होगी |

10. प्रातःकाल बिस्तर से उठते ही एक गिलास हल्के गर्म जल में नीबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें | इससे पेट शीघ्र साफ होता है |

11. एक चम्मच त्रिफला चूर्ण 200 ग्राम गर्म दूध या गर्म जल के साथ सोने से पूर्व सेवन करें | इससे कब्ज दूर होता है | परंतु इसकी आदत नहीं डालनी चाहिए अन्यथा आंतें कमजोर हो सकती हैं |

12. कब्ज दूर करने के लिए अमलतास की पकी हुई फली के 50 ग्राम गूदे को रातभर के लिए पानी में भिगो दें | प्रातःकाल गूदे को मसलकर छानें और पी लें | इससे भी पेट साफ रखने में सहायता मिलती है |

13. धी, मक्खन, दूध तथा फलों का नियमित सेवन करने से पेट की शुष्कता दूर होती है | सोया की सब्जी नियमित रूप से खाने से भी कब्ज दूर होता है |

14. अंगूर तथा पपीता भी कब्जनाशक हैं |

15. बच्चों को कब्ज होने की स्थिति में एक चम्मच अरण्डी का तेल दूध के साथ सेवन कराएं | छोटे बच्चे को कब्ज होने पर जन्मघुट्टी पिलाएं | भोजन में सोया का एक या दो चम्मच रस मिला देने से बच्चों की कब्ज की शिकायत दूर होती है |

ईसबगोल-कब्ज दूर करने के लिए ईसबगोल का प्रयोग बहुत जाना पहचाना है | इसका लाभ यह है कि आमाशय को आराम मिलता है और उस पर किसी प्रकार का दबाव भी नहीं पड़ता | ईसबगोल का सेवन कई प्रकार से किया जा सकता है | जैसे : रात्रि में सोने से पहले एक या डेढ़ चम्मच भूसी फांककर ऊपर से गर्म दूध पी लें | ईसबगोल की भूसी एक या डेढ़ चम्मच गर्म दूध में भिगो दें | रात में सोने से पहले चबाकर खाएं और ऊपर से दो-चार घूट गर्म दूध पी लें |

इसी प्रकार ईसबगोल का गर्म जल में भिगोकर भी सेवन किया जा सकता है | दस्त या पेचिश की स्थिति में ईसबगोल दही या छाछ में भिगोकर खाया जा सकता है | बूढ़े लोगों के लिए भी ईसबगोल बहुत लाभदायक है | काफी देर तक बैठकर काम करने पर या बुढ़ापे के कारण पाचन-क्रिया के बिगड़ जाने पर बहुधा होने वाले कब्ज को दूर करने के लिए यह एक असरकारक औषधि है |

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