आंत्रशोथ (Gastroenteritis) का प्राकृतिक उपचार

Natural Treatment Gastroenteritis In Hindi.

आंत्रशोथ (गैस्ट्रोएन्टेराइटिस-जीई) एक बीमारी है, जो बैक्टीरिया द्वारा आहार-पथ (मुंह, भोजन-नली, पेट और आंत) के संक्रमण और सूजन के कारण प्रदर्शित होती है। इसे पेट के फ्लू के रूप में भी जाना जाता है।आंत्रशोथ में पेट तथा अंतड़ियों में जलन होने लगती है तथा रोगी की दस्त लग जाते हैं |

 

कारण

यह विषाणुजन्य रोग है जो छोटी-मोटी महामारी का रूप भी धारण कर सकता है | अधिकांशतः यह रोग सफाई से भोजन न पकाने के फलस्वरूप फैलता है | अस्वच्छ भोजन या दूषित पेयजल के सेवन से फूड वॉइजनिंग’ (Food Poisoning) हो जाती है और शरीर में विष फैल जाता है | हमारी पाचन प्रणाली में कुछ ऐसे हानिरहित बैक्टीरिया हैं जिनका एंटीबायटिक औषधियों के सेवन से या आहार में अचानक परिवर्तन से संतुलन बिगड़ जाता है | इसके परिणामस्वरूप भी आंत्रशोथ हो जाता है |

लक्षण

रोगी को दस्त लग जाते हैं | पेट में मरोड़ भी हो सकती है | मितली आती है | बुखार होता है तथा शरीर में कमजोरी आ जाती है |

उपचार

1. रोग में दस्त लग जाने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, अतः तरल पदार्थों का अधिकाधिक सेवन करते रहना चाहिए |

2. यदि उल्टियां आती हो तो 15-20 मिनट के अन्तराल से तुलसी के पत्तों की चाय बनाकर पीनी चाहिए |

3. बिना चीनी मिश्रित किए फलों का रस पीएं या एक लीटर रस में एक छोटा चम्मच नमक मिश्रित कर सेवन करें |

4. दूध का सेवन न करें | दस्त में दूध का सेवन करना हानिकारक होता है |

5. नमक तथा चीनी का घोल बनाकर पिएं |

6. किसी भी प्रकार की पीड़ानाशक औषधियां न खाएं वरना हालत बिगड़ जाने का भय रहता है |

7. यह रोग दूसरों को छूत के समान अत्यन्त सरलता से लग जाता है | इसलिए शौच से वापस आने पर प्रत्येक बार हाथ साबुन से अच्छी तरह धोएं |

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