पागलपन का कारण, लक्षण और घरेलू इलाज Pagalpan Ka Gharelu Ilaj

Mind Problem Solution In Hindi Pagalpan Ka Gharelu Ilaj

पागलपन एक तरह का मानसिक रोग है जिसमें रोगी अजीब – अजीब हरकतें करता है | वह कभी भी हंसने लगता है और कभी भी रोने लगता है | ज्यादातर रोगी किसी के भी सामने अश्लील हरकते करने लगते है और अपने आप को ही पीटने और नोचने लगते है |

पागलपन के लक्षण और उसका कारण Mental Disorder Symptoms And Causes In Hindi

इस रोग की गणना मानसिक रोगों में की जाती है। अत्यधिक चिंता, मोह, हर्ष, क्रोध, शोक अथवा विष का सेवन करने से यह रोग उत्पन्न होता है। कई बार कामवासना की अतृप्ति, मंदाग्नि आदि के कारण भी यह रोग उत्पन्न हो जाता है। जोर-जोर से चिल्लाना, कपडे फाड़ना, रोना, हसना, नींद न आना, गिड़गिड़ाना, तोड़-फोड़ करना आदि लक्षण इस रोग में दिखाई देते हैं। इस रोग में रोगी का बल क्षीण हो जाता है तथा उसे नींद नहीं आती।

कभी – कभी यह रोग दिमाक पर चोट लगने के कारण होती है और कभी किसी भयानक बीमारी के कारण भी हो जाती है | मानसिक तनाव की अधिकता सबसे प्रमुख कारणों में से है |

पागलपन का उपचार Pagalpan Ka Gharelu Ilaj

जैसा कि आप जानते हैं की पागलपन एक मानसिक रोग है अतः इसका इलाज भी उसी प्रकार से किया जाता है | ये इलाज दिमाक को शीतलता प्रदान करते हुए रोगी का इलाज करते हैं | यहाँ पर हम आपको कुछ घरेलू इलाज के बारे में बताएँगे लेकिन हमारी सलाह है कि स्थिति गंभीर हो तो आप किसी चिकित्सक की सलाह अवश्य लें –

1. अनार का सेवन 

15 ग्राम अनार के पत्ते, 15 ग्राम ताजे गुलाब के फूल को मिलाकर लगभग 500 ग्राम पानी में इतना उबालें कि पानी एक चौथाई रह जाए, फिर इसे छानकर इसमें 20 ग्राम घी मिलाकर रोजाना पियें | यह पेय पागलपन को दूर करने के लिए चमत्कृत औषधि होती है | अनार और गुलाब के पत्ते ताजे ही प्रयोग में लायें |

2. पागलपन के इलाज में तरबूज का सेवन 

पागलपन के लक्षणों वाले रोगी को प्रतिदिन तरबूज का सेवन कराएं। इसका सेवन करने से रोगी को काफी लाभ मिलेगा। वैसे तो यह फल गर्मियों का फल और गर्मियों में ही पागलपन के दौरे भी अधिक पड़ते हैं लेकिन आजकल यह अन्य मौसम में भी पाया जाता है |

3. अमरूद का सेवन 

सुबह-शाम रोजाना 2 अमरूद खाएं। यह क्रम लगभग 6-7 सप्ताह तक जारी रखें। स्वाद के लिए इसमें नीबू व काली मिर्च भी मिला सकते हैं। इससे इस रोग में काफी लाभ मिलेगा।

4. फलों का रस

पागलपन के लक्षणों वाले रोगी को नियमित रूप से फलों का रस पिलाना चाहिए। इससे उसकी मानसिक शक्ति बढ़ेगी तथा दिमाग में ताजगी बनी रहेगी। फलों के रस में गाजर, संतरा, मौसमी, अनानास व सेव का रस श्रेयस्कर रहता है।

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