मूत्र विसर्जन में पीड़ा और उससे बचने के नुस्खे

मूत्र विसर्जन मेँ पीड़ा होने के बारे मेँ आज हम आपको यहाँ पर विस्तार से बताएंगे |

यूरिन इंफेक्शन अर्थात मूत्र विसर्जन शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है| यदि इतनी स्वाभाविक प्रक्रिया कष्टकारी बन जाए तो उसके कारणो को जल्द से जल्द पहचानने की जरुरत होती है| इस दौरान पीड़ा होना प्राकृतिक नहीँ होता और यह किसी बड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है|

सामायतः एक वयस्क दिनभर मेँ चार से सात बार युरीनेट करता है| वैसे यह संख्या इस बात पर भी निर्भर करती है कि कोई कितनी मात्रा मेँ तरल पदार्थ ले रहा है|

1. पीड़ादायक यूरिनेशन के कई कारण हो सकते है, इनमेँ से अधिकांश कारणो मे रिप्रोडक्टिव सिस्टम मेँ होने वाली गड़बड़ी हो सकती है| वैसे महिलाएँ और पुरुषो मेँ इसके होने के कारण मेँ अंतर हो सकता है|

2. यूरिनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन या यू. टी. आई. पीड़ादायक यूरिनेशन का प्रमुख कारण हो सकता है| मूत्र मार्ग द्वारा कीटाणुओं के प्रवेश करने के कारण यू. टी. आई. होने का खतरा बढ़ जाता है| बैक्टीरिया के कारण  मूत्र मार्ग के आसपास मौजूद टीसूज मेँ सूजन के कारण दर्द और जलन महसूस होती है|

पीड़ा होने का कारण

1. पुरुषो मे यूरेथ्राइटिस या मूत्र मार्ग मेँ होने वाली सूजन ही यूरिनेशन के दौरान होने वाले दर्द और जलन का कारण होती है| कई बार योनि संक्रमण के कारण की भी यह परेशानी होती है| प्रोस्टेट इंफेक्शन या प्रोस्टेट कैंसर के कारण भी यूरिनेशन मेँ परेशानी होती है|

2. किशोरियोँ और महिलाओं मेँ रिप्रोडक्टिव परेशानियोँ के कारण पीड़ादायक यूरिनेशन होता है| मेनोपाज के दौरान वेजिनल टिसूज के कारण यूरिन इंफेक्शन के दौरान दोरान दर्द या जलन महसूस होती है| यीस्ट इंफेक्शन और हर्पीस भी महिलाओं मेँ पीड़ा दायक यूरिनेशन के कारण होते है|

3. नहाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले साबुन या लोशन के कारण की यूरिनेशन के दौरान दर्द महसूस हो सकता है|

4. किडनी स्टोन या किडनी मेँ होने वाली सूजन के कारण कई बार यह समस्या होती है| लेकिन ऐसा काफी कम मामलोँ मेँ देखा गया है|

ऐसा होने से क्या-क्या परेशानियाँ हो सकती है, इसके बारे मेँ नीचे हम बता रहें है –

यदि इस समस्या को यूँ ही छोड़ दिया जाए तो यह जानलेवा हो सकती है, और यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि इसके होने की असली वजह क्या है| इन वजहों में किडनी का सही काम न करना, सेप्तिसेमिया और कैंसर आदि| यदि किसी को इस तरह की तकलीफ दो दिन से ज्यादा समय से बनी हुई है और उसके साथ ऐसे लक्षण भी दिख रहें है जैसे मूत्र से बदबू आना, खून या पस आना, चक्कर आना, उल्टी होना, बुखार, कमर का दर्द, पीठ का दर्द हो रहा हो और लगातार ठंडी लग रही हो उस स्थिति मेँ किसी योग्य डाक्टर से परामर्श तुरंत लेना चाहिए|

आपको ऐसा ना हो इसके लिए केसे बचाव करेँ –

1. पूरी प्रणाली को सुचारू बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा मेँ पानी पीना चाहिए| एक स्वस्थ व्यक्ति को पूरे दिन मेँ ४ से ५ लीटर पानी पीना आवश्यक होता है|

2 .ऐसे उत्पादो का प्रयोग न करेँ जिससे कि मूत्र मार्ग मेँ खुजली या सूजन जैसी समस्या होने की संभावना हो|

3. जब भी मूत्र करने की इच्छा हो उसे कभी भी रोकना नहीँ चाहिए और तुरंत ही मूत्र विसर्जन के लिए जाना चाहिए|

4. शराब का सेवन न करेँ और साथ ही कैफीन युक्त चीजेँ जैसे चाय काफी कम मात्रा मेँ ही लेना चाहिए| इससे ब्लेडर मेँ सूजन के कारण डिहाइड्रेशन होने की आशंका बढ़ जाती है|

5. साइट्रिक फ्रूट्स कम से कम लेना चाहिए|

6. चीनी का प्रयोग कम से कम करना चाहिए और इसी के साथ मिर्च मसाले वाले खाद्य पदार्थ से परहेज करना चाहिए| इसे आपके ब्लेडर मेँ सूजन की आशंका बढ़ जाती है | इससे पेल्विक पेन और किडनी पर दबाव होने का खतरा बढ़ जाता है| अगर आप उपरोक्त सावधानियों पालन करेँ तो इस रोग से बचा जा सकता है|

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