सिरदर्द (Head Ache) का घरेलू इलाज

headache and gharelu nuskhe for relief

सिरदर्द या शिरपीड़ा (Headache) सिर, गर्दन या कभी-कभी पीठ के उपरी भाग के दर्द की अवस्था है । यहheadache and gharelu nuskhe for relief सबसे अधिक होने वाली तकलीफ है, जो कुछ व्यक्तियों में बार बार होता है ।सिरदर्द एक सामान्य विकार है | सिरदर्द के कारणों का सही-सही पता लगाना बहुत कठिन है | अधिकांश व्यक्तियों को सामान्य सिरदर्द से कोई विशेष हानि नहीं होती |

कारण

सिरदर्द का एक सामान्य कारण यह हो सकता है कि व्यक्ति भावनात्मक रूप से किसी समस्या से ग्रस्त हो अथवा उसे कोई ऐसा शारीरिक कष्ट हो, जिसका संबंध सिरदर्द से होने की संभावना हो | सिरदर्द होने के अन्य कारणों में कमजोर दृष्टि, दांत में दर्द, गर्दन के झुके रहने से उसमें पीड़ा उत्पन्न होना अथवा साइनस (Sinus) भी हो सकता है | सिरदर्द में खोपड़ी (scalp) में दर्द अनुभव होता है | सिर की मांसपेशियों तथा गर्दन में तनाव पैदा हो जाता है | अधिक थकावट भी सिरदर्द का कारण हो सकती है | खोपड़ी में किसी प्रकार की सूजन तथा मस्तिष्क की झिल्ली में किसी प्रकार का संक्रमण होने से भी सिरदर्द हो सकता है |

परंतु कई बार सिरदर्द पुरानी बीमारी में बदल जाता है | प्रतिदिन के तनाव के कारण उच्च रक्तचाप और गुर्दो के कष्ट के कारण भी स्थाई रूप से सिरदर्द रहने लगता है | शरीर के किसी अन्य भाग में संक्रमण के कारण भी सिरदर्द की शिकायत हो सकती है | बेन ट्यूमर होने पर भी निरन्तर तीव्र सिरदर्द की शिकायत रहती है |

बुखार, फ्लू और कुछ अन्य इसी प्रकार की बीमारियों के कारण भी सिर में दर्द रहने लगता है | ठीक ढंग से नींद न आने से अथवा सिर के किसी एक भाग में रक्त की मात्रा बढ़ने अथवा कम होने से भी सिरदर्द हो जाता है |

उपचार

1. जो व्यक्ति मानसिक कार्य अधिक करते हैं, वे प्रातःकाल रात की भीगी हुई बादाम की चार-छह गिरियों को छीलकर खूब अच्छी तरह चबाएं और खाने के बाद गरम दूध पीएं | इससे सिर की कमजोरी दूर होगी और मानसिक शक्ति बढ़ेगी |

2. अधिक लिखने-पढ़ने वाले व्यक्तियों को यदि आंखों की कमजोरी के कारण सिरदर्द हो तो देसी घी में काली मिर्च और चीनी मिलाकर गरम करके धीरे-धीरे खाने और उसके बाद गरम दूध पीने से आंखों की ज्योति बढ़ती है और सिरदर्द में आराम होता है | इसका लाभ 15-20 दिन में ही स्पष्ट हो जाता है |

3. प्रातःकाल तीन ग्राम शंखपुष्पी का चूर्ण, दूध या मिश्री की चाशनी में मिश्रित कर एक चम्मच दूध के साथ लेने से स्मरणशक्ति बढ़ती है तथा दिमागी कमजोरी दूर होती है |

4. गर्मियों में ताजा शंखपुष्पी घोट-छानकर ठण्डाई तथा दूध मिलाकर इस्तेमाल करने से चमत्कारिक लाभ होता है |

5. आंवले का मुरब्बा दूध के साथ लेने से भी बहुत लाभ होता है | विशेष रूप से गर्मियों के दिनों में यह अधिक लाभकारी है | चांदी के वर्क में आंवला लपेटकर खाने से मस्तिष्क की कमजोरी अथवा चक्कर आने की शिकायतें दूर होती हैं | आंखों के लिए आंवला बहुत ही उपयोगी है | बहुत से लोगों को प्रातःकाल सिरदर्द प्रारंभ हो जाता है और चक्कर आने लगते हैं | यदि ऐसे व्यक्तियों को आंवले का मुरब्बा चांदी के वर्क में लपेटकर दूध के साथ नाश्ते के रूप में दिया जाए तो बहुत ही लाभदायक सिद्ध होता है |

6. जुकाम, चिन्ता, रात्रि-जागरण तथा मस्तिष्क के किसी भाग में रक्त संचय से होने वाले सिरदर्द में रोगी को ऐसी चीजें खाने के लिए देनी चाहिए, जिनसे रुका हुआ बलगम निकलने में सहायता मिले और मस्तिष्क को शक्ति मिले | ऐसी स्थिति में दूध, मक्खन, घी, हलुआ आदि वसायुक्त पदार्थ खाने से लाभ होता है | मस्तिष्क को बल मिलता है | जुकाम आदि से होने वाले सिरदर्द में गरम पानी में थोड़ा-सा नमक मिलाकर कुछ देर के लिए उसमें पैर रखने से आराम मिलता है | जुकाम से होने वाले सिरदर्द में माथे पर यूकलिप्टस का तेल लगाने अथवा सूघने से फौरन आराम होता है |

7. अनेक बार बिना दूध की नीबू वाली चाय पीने से भी सिरदर्द में फौरन ही आराम मिलता है |

8. नीबू की पत्तियों को मसलकर अथवा कूटकर उनका रस निकालकर-सुंघने से भी लाभ होता है | जिन व्यक्तियों को प्रायः सिरदर्द की शिकायत रहती है, उनके लिए यह उपचार चमत्कार के समान है | इसके साथ आधा कप नीबू की चाय पीने से फौरन आराम मिलता है |

9. सिरदर्द के रोगी यदि सेब के साथ थोड़ा नमक मिलाकर भोजन से पूर्व ही चबाकर खाने के बाद थोड़ा सा गरम पानी अथवा गरम दूध पी लें तो अत्यधिक लाभ होगा |

10. नारियल की सूखी गिरी और मिश्री मिलाकर चबाने से भी सिरदर्द दूर हो जाता है |

11. जो लोग गाजर, चुकन्दर और खीरे का रस मिलाकर पीते रहते हैं वे सिरदर्द से बचे रहते हैं |

loading...

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*