मुंह का अल्सर, कैंसर का संकेत

Symptoms Of Oral Cancer In Hindi.

Symptoms Of Oral Cancer In Hindi.

क्या दो-तीन सप्ताह से मुंह में अल्सर या कोई दर्द रहित गांठ है, तो फिर बिना वक्त जाया किए डेंटिस्ट से जरुर मिलें | यह मुंह का कैंसर भी हो सकता है |

ओरल  कैंसर यानी मुंह का कैंसर | मुंह का कैंसर होने पर मुंह तो प्रभावित होता ही है, साथ ही होंठ और जुबान पर भी इसका असर पड़ता है | यह गाल, मुंह के तालू, मसूड़ों और मुंह के उपरी हिस्से में होता है | अन्य प्रकार के कैंसर के मामलों की तरह मुंह का कैंसर भी जानलेवा हो सकता है, अगर इसकी पहचान शुरुआत में न हो सके तो | दरअसल, कैंसर किसी खास हिस्से की कोशिकाओं का अनियंत्रित विकास है, जिसके संपर्क में आने से स्वस्थ कोशिकाएं भी क्षतिग्रस्त हो जाती हैं |

धूम्रपान एंव अल्कोहल

तंबाकू का इस्तेमाल मुंह के कैंसर के कुछ बड़े कारणों में से एक है | अत्यधिक सिगरेट पीना मुंह के किसी भी हिस्से में कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है | अध्ययन से पता चलता है कि धूम्रपान करने वालों को ओरल कैंसर होने का खतरा उन लोगों की तुलना में छह गुना अधिक होता है, जो धूम्रपान नहीं करते हैं |

कभी-कभार अल्कोहल का सेवन ठीक है, लेकिन अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन मुंह के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है । जो लोग अल्कोहल के साथ-साथ धूम्रपान का सेवन भी करते हैं उनमें शराब का सेवन कम करने वालों की तुलना में इसके होने का खतरा बढ़ जाता है |

अत्यधिक सन एक्सपोजर

लगातार लंबे समय तक धूप में रहने और खतरनाक अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में आने से भी मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है । सूरज की हानिकारक यूवी किरणों के संपर्क में आने से त्वचा के कैंसर को बढ़ावा मिलता है | ऐसा भी देखा गया है कि सूरज की रोशनी के अत्यधिक संपर्क में रहने से कोशिकाओं में म्युटेशन यानी कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव भी होता है और इन कोशिकाओं का अनियंत्रित विकास मुंह के कैंसर की वजह बन सकता है |

संकेतों को न करें नजरअंदाज

अगर मुंह में हुआ अल्सर ठीक न हो रहा हो, तो तुरंत डेंटिस्ट से संपर्क करें, क्योंकि यह किसी खतरे का संकेत हो सकता है | यहां तक कि अगर आपको इस अल्सर में दर्द न हो रहा हो और ठीक होने में लंबा वक्त लगा रहा हो, तो डेंटिस्ट से जरूर दिखाएं । अगर मुंह में लाल या सफेद चकत्ता दिखाई दे, तो भी डेंटिस्ट से सलाह लें । मुंह का कोई भी अल्सर या चकत्ता ठीक होने में आमतौर पर दो से तीन हफ्ते का समय लगता है । अगर इतने दिन में भी समस्या ठीक न हो, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें |

डेंटिस्ट से मिलें

यदि किसी के मुंह में कोई असामान्य बदलाव जैसे की गांठ या निशान आदि नजर आए तो डॉक्टर के तुरंत संपर्क करें | वे लोग जो धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन प्रतिदिन करते हैं, उन्हें नियमित रूप से डेंटिस्ट से जांच करानी चाहिए । इससे किसी भी लक्षण की पहचान समय रहते की जा सकती है ताकि भविष्य में वह कैंसर की वजह न बन सके |

डिजिटल रेडियोग्राफी

डिजिटल रेडियोग्राफी के क्षेत्र में हुए नए विकास से अब समस्याओं की सही और वक्त पर पह्चान संभव हो गई है | बड़े डेंटल चेन में डायग्नोस्टिक डेंटल एक्सरे की सुविधा उपलब्ध है, जिससे जांच में मदद मिलती है | इससे स्पष्ट और सही तस्वीर सामने आती है, जिससे इलाज की बेहतर योजना बनाई जा सकती है |

बचाव है जरुरी

ओरल कैंसर होने की कई वजहें हैं | हालांकि, यह भी संभव है कि किसी को कैंसर होने में इन कारणों का योगदान न भी हो, लेकिन ये कारण कैंसर बनने का खतरा जरुर बन सकते हैं | किसी को समस्या है, तो उसे और गंभीर बना सकते हैं | डिजिटल रेडियोग्राफी जैसी आधुनिक तकनीकों ने डेंटिस्ट के लिए मुंह के कैंसर जैसी स्थितियों को पहचानना अब बेहद आसान हो गई है । इसके लिए जरूरी है दांतों की नियमित जांच | खासतौर से उन लोगों के लिए जो धूम्रपान करते हैं और अल्कोहल का इस्तेमाल प्रतिदिन करते हैं ।

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1 Comment

  1. सर / मैंडम,
    मेरे लास्टड के दॉत (दाड) में ०२-०३ साल से खोखली हो गयी थी । जिसमें जीभ से सकिंग करने पर खून्‍ काफी मात्रा में आ जाता था । मैने डैंटिस्टय डाक्टेर को दिखाया उन्हों ने दॉत निकाल दिया है और सकिंग करने पर ब्लीड भी नही आता है । क्याड मुझे केन्सार होने की सम्भानवना है । या मै कैसे डायगनोस्टर कराउ ।

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