अरबी, घुईया के औषधीय गुण

taro root or arbi herbal benefits

अरबी, घुईया के औषधीय गुण –

  • जलना– जले हुए स्थान पर अरबी पीसकर लगाने से फेफोले नही पड़ते और जलन भी समाप्त हो जाती है।
  • सूखी खासी– सूखी खासी में अरबी की सब्जी खाने से कफ पतला होकर बाहर निकल जाता है।
  • हृदय रोग– बड़ी इलायची, काली मिर्च, काला जीरा, अदरक आदि से तैयार अरबी की सब्जी कुछ दिनों तक नियमित सेवन करने रहने से हृदय दौर्बय, रक्ताल्पाता (खून की कमी) व अन्य हृदय रोग जाते रहते है।
  • बर्र या ततैया का काटना– दंशित स्थान पर अरबी काटकर तथा घिसकर लगा देनी चाहिए। इससे विष कम हो जायेगा और सुजन भी कम हो जायेगी।
  • वायु का गोला- अरबी के पौधे के डन्ठल को पत्तों सहित वाष्प (भाप) पर उबालकर निचोंड लें और उसमें ताजा घी मिला 3-4 दिन तक पिलाते रहने से वात गुल्म में लाभ होता है।
  • गंजापन- अरबी (घुईया काली) के रस का कुछ दिनों तक नियमित सिर पर मर्दन करने से केशों का गिरना रूक जाता है। तथा नयें केश भी उग आतें है।
  • रक्तार्श- अरबी का रस कुछ दिनों तक पिलाना हितकर रहता है।
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3 Comments

  1. बहुत ही जरुरी जानकारी देने के लिए धन्यबाद।।।
    जय माता रानी…
    ॐ नमः शिवाय…

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