दस्त (अतिसार) का कारण और 20 घरेलू इलाज Top 20 Loose Motion Home Remedy in Hindi

दस्त (अतिसार) का घरेलू इलाज Top 20 Loose Motion Home Remedy in Hindi

दस्त (अतिसार) होने के लक्षण Dast Ke Lakshan

पानी की तरह पतला दस्त बार-बार होता है । पेट में कुछ चुभने जैसी पीड़ा होती है । कभी-कभी उल्टी या मिचली का भी अनुभव होता है । सिर में दर्द और बुखार की भी शिकायत हो जाती है । बार-बार दस्त होने के बाद भी पेट साफ और हल्का नहीं होता है । व्यक्ति खुद को बहुत अधिक कमजोर और शक्तिहीन अनुभव करता है । पेट में गैस अधिक बनती है । शरीर में पानी का अभाव हो जाता है । चक्कर व अधिक पसीना आने की शिकायत उत्पन्न हो जाती है ।

दस्त (अतिसार) का घरेलू इलाज  Top 20 Loose Motion Home Remedy in Hindi

आपने अक्सर देखा होगा कि बच्चों को दस्त होने की शिकायत हो जाती है और कभी – कभी बड़ों को भी हो जाती है | लेकिन घरेलू इलाज की जानकारी के अभाव में कभी – कभी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है | इसलिए हम यहां आपको 20 ऐसे घरेलू नुस्खे बता रहें जो आपके लिये काफी उपयोगी हो सकते हैं (लेकिन यदि समस्या गम्भीर हो तो किसी डाक्टर को तुरन्त सम्पर्क करें ) |

1. 12 ग्राम सौंफ, 6 ग्राम सफेद जीरा दोनों को कूट-पीस लें और इसमें 12 ग्राम खांड मिलाकर सुरक्षित रख लें । सुबह-शाम नित्य एक-एक चम्मच ताजा पानी के साथ लें । 10-15 दिन के सेवन से ही आंत संबंधी सब प्रकार के रोग और पेट दर्द, अफारा आदि ठीक हो जाते हैं । जिन्हें खाना खाने से घृणा हो गई हो या खाना खाने के बाद उल्टी हो जाती हो या पतले दस्त हो जाते हों, उनके लिए यह औषधि बहुत अधिक लाभप्रद है ।

2. छाछ या मट्‌ठा दिन में दो-तीन बार देने से बहुत लाभ होता है । रोगी से खाना खाए बिना रहा न जाए तो उसे चावल-दही दें, लेकिन बुखार होने पर चावल दही न दें | खिचड़ी देने से अधिक लाभ होता है |

3. Khooni Dast Ka Ilaj – यदि खूनी दस्त हो रहे हों, तो गाय के दूध से बना मक्खन 10 ग्राम खाएं और साथ ही एक गिलास छाछ पी लें । इससे खूनी दस्त बंद हो जाते हैं ।

4. आम और जामुन की गुठली की गीरी एक समान मात्रा में पीस लें और दो चम्मच चूर्ण एक कप छाछ में मिलाकर पी जाएं, तुरंत लाभ होगा ।

5. ईसबगोल की भूसी 5 से 10 ग्राम, दही 125 ग्राम – दोनों को अच्छी तरह से मिलाकर सुबह-शाम खाने से दस्त बंद हो जाते हैं । ईसबगोल की भूसी मल को गाढ़ा करती है और आतों की पीड़ा कम करती है । इसका लसीलेपन का गुण मरोड़ और पेचिश को शांत करने में मदद करता है ।

6. भोजन करने के बाद 200 ग्राम छाछ में 1 ग्राम भुना जीरा पाउडर और आधा ग्राम काला नमक मिलाकर पिएं । इससे दस्त बंद हो जाते हैं ।

7. कच्चे केले की सब्जी खाने से अतिसार में लाभ होता है । कच्चे केलों को पानी में उबालकर छिलके उतार लें । अब कड़ाही में जरा-सा घी गरम करके 2 लौंग भूने । फिर इसमें केले के टुकड़े करके डाल दें । अब कड़ाही में दही, धनिया, हल्दी, सेंधा नमक डालकर मिलाएं, साथ ही थोड़ा-सा पानी भी डालकर मिला दें । 2-3 मिनट तक पकाकर आंच बंद कर दें । केले की इस सब्जी का सेवन करने से दस्त के रोग में तुरत लाभ होता है ।

8. 200 ग्राम दही में 3 ग्राम भुना जीरा पाउडर डालकर खाने से दस्त में लाभ होता है ।

9. नाभि के आस-पास अदरक का रस लगाने से भी दस्त में तुरंत आराम मिल जाता है ।

10. Bachon Ki Dast Kadesi Ilaj – थोड़ी-सी पिसी हल्दी तवे पर भूनकर उसमें थोड़ा-सा काला नमक मिला लें । बड़ों को एक चम्मच और बच्चों को आधा चम्मच ठंडे पानी के साथ 3 – 3 घंटे के अंतराल पर दें । दस्त बंद हो जाएंगे ।

11. बदहजमी के कारण दस्त लग गए हों तो काली मिर्च, सेंधा नमक, सूखा पुदीना, अजवायन, छोटी इलायची – सभी को एक समान मात्रा में लेकर पीस लें । खाना खाने के बाद एक चम्मच चूर्ण पानी के साथ लेने से बदहजमी दूर होकर दस्त में भी आराम मिल जाता है ।

12. सूखा आंवला 10 ग्राम, काली हरड़ 5 ग्राम – दोनों को खूब बारीक पीस लें । फिर एक-एक ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ फांकें । इससे सब तरह के दस्त बंद हो जाते हैं । 3 – 4 बार के सेवन से दस्त में बिल्कुल आराम आ जाता है । इससे आमाशय भी रोगमुक होकर स्वस्थ बन जाती है ।

13. आधा कप उबला हुआ गरम पानी लें । इसमें एक चम्मच अदरक का रस मिलाएं और जितना गरम पी सकें उतना गरम पिएं । इस तरह एक-एक घंटे में एक-एक खुराक लेने से पानी की तरह हो रहे पतले दस्त बंद हो जाते हैं ।

14. 30 ग्राम सूखे आंवले को पानी मे बारीक पीस लें और चटनी की तरह बना लें । रोगी को पीठ के बल लिटा दें और नाभि के चारों तरफ आंवले की चटनी का कुएं जैसा घेरा बना दें । नाभि बीच में खाली रखें । अब इस घेरे में अदरक डाल दें और रोगी को पीठ के बल लेटा रहने दें । इस उपाय से पानी की तरह होने वाले दस्त भी बंद हो जाते हैं ।

15. 8 – 10 सिंघाड़े खाकर मट्‌ठा पीने से गर्मी के मौसम की वजह से होने वाले दस्त बंद हो जाते हैं ।

16. छाया में सूखे संतरों के छिलके और सूखे मुनक्के के बीज बराबर मात्रा में घोट-पीसकर पीने से दस्त बंद हो जाते हैं ।

17. मसूर की दाल का पानी छाछ-मट्‌ठा, केला, लौकी, शहद, जामुन, अदरक, अनार, धनिया, सौंफ, जीरा- ये सब दस्त के रोगी के लिए अनुकूल हैं । गेहूं, चना, उड़द, जौ, गरिष्ठ व तीखे पदार्थ, सभी तरह के साग, लहसुन, गुड, शराब, ककड़ी खीरा, खरबूजा, खट्‌टे पदार्थ, नमकीन आदि दस्त के रोगी के लिए विपरीत भोज्य हैं । इनसे उसे बचना चाहिए ।

18. सौंफ और जीरा दोनों बराबर मात्रा में लेकर तवे पर भून लें और बारीक पीसकर 3 – 3 ग्राम की मात्रा में 3 – 3 घंटे के अंतराल से पानी के साथ सेवन करने से दस्त बंद हो जाते हैं ।

19. आम की गुठली की गीरी को सादा पानी या दही के पानी में खूब पीसकर नाभि पर गाढ़ा-गाढ़ा लेप करने से सब तरह के दस्त बंद हो जाते हैं ।

20. तुलसी की 10 पत्तियों का काढ़ा एक कप पानी में बनाए । फिर उसे छानकर दो बार में पिएं । इसे पीने से दस्त में आराम मिलता है |

दस्त या अतिसार के अन्य घरेलू उपचार

  1. 2 ग्राम जावित्री को छाछ के साथ खाने से भी दस्त बंद हो जाते हैं ।
  2. नीम की 10 पत्तियों को आधा कप पानी में उबालें । जब पानी चौथाई कप रह जाए तब उसमें जरा-सी मिश्री डालकर पी जाए ।
  3. अमरूद के कोमल पत्ते 5 ग्राम, नीम की कोमल पत्तियां 3 ग्राम और बबूल की पत्तियां 5 ग्राम- तीनों को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पी जाए, लाभ होगा ।
  4. बथुए की पत्तियों को इतने पानी में उबालें कि उबलने के बाद पानी एक कप रह जाए । अब उस एक कप पानी में चीनी मिलाकर पी जाए । ऐसा करने से दस्त बंद हो जाते हैं ।
  5. आम की गुठली की गीरी का 10 ग्राम चूर्ण दही के साथ खाने से दस्त बंद हो जाते हैं ।
  6. 8 ग्राम मिश्री तथा 4 ग्राम सफेद राल-दोनों को बारीक पीसकर इसमें से 6 ग्राम चूर्ण दही के साथ सेवन करने से भी दस्त बंद हो जाते हैं ।
  7. पीपल के 2 पत्तों को पानी में डालकर कुछ देर रखें । फिर पत्ते निकालकर वह पानी छानकर पी जाएं । दस्त में आराम मिल जाता है ।
  8. बच्चों को दस्त लग जाए तो पानी में जायफल घिसकर थोड़ी- थोड़ी देर बाद चटायें । दस्त बंद हो जाएंगे ।
  9. दस्त लगते ही 7-8 पिंडखजूर खा लें और एक घंटे तक पानी न पिएं ।कच्चे बेल के फल को आग में भूनकर उसका गूदा खाने से दस्त तुरंत ही बंद हो जाते हैं ।
  10. 2 चम्मच सौंफ तवे पर भूनें । इसमें उतनी ही मात्रा में कच्ची सौंफ मिलाकर पीस लें । इसमें से 2 चम्मच चूर्ण मठ्ठे के साथ दो-दो घंटे बाद लें ।
  11. अतिसार (दस्त) के रोगी के लिए पूर्ण आराम जरूरी है । रोगी को दो दिन तक कोई भी भारी या ठोस भोजन नहीं देना चाहिए ।
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