गलसुआ का घरेलू उपचार

Treatment Of Mumps.

Treatment Of Mumps.गलसुआ एक संक्रामक रोग है | शरीर की कोई भी ग्रन्थि इससे प्रभावित हो सकती है | परंतु इस रोग में अधिकतर पाचक रस पैदा करने वाली लाला ग्रंथियां (Saliva Glands) ही प्रभावित होती है |

गलसुआ का होने का कारण

यह एक विषाणुजन्य रोग है | रोगी व्यक्ति के बोलते या खांसते समय उसके थूक का अंश वायु में फैलने से यह रोग दूसरे व्यक्तियों को भी हो सकता है | विशेषकर उस समय जब रोगी व्यक्ति किसी ऐसे कमरे में बोल या खांस रहा हो जहां हवा आने-जाने की पर्याप्त व्यवस्था न हो | जिन व्यक्तियों को कभी यह रोग न हुआ हो, संक्रमण के कारण वे भी रोगी हो सकते हैं | यह रोग प्रायः बचपन में अधिक होता है |

गलसुआ का होने के लक्षण

इस रोग के आरम्भ होने के 12 से 25 दिन के भीतर रोग के लक्षण धीरे-धीरे स्पष्ट होते हैं | जबड़े के जोड़ पर स्थित ग्रंथियों में बेचैनी अनुभव होने लगती है | रोग बढ़ जाने पर ग्रंथियों में सूजन आ जाती है और दर्द रहने लगता है | बुखार, सिरदर्द और भोजन निगलने में कठिनाई होती है | कुछ रोगियों में दो-तीन दिन के बाद बुखार उतर जाता है | कुछ रोगियों में सात-आठ दिन में सूजन भी समाप्त हो जाती है | कुछ किशोरों में अण्डकोशों में भी सूजन हो जाती है | उस समय तीव्र दर्द अनुभव होता है | कई बार दोनों ही अंडकोश प्रभावित हो जाते हैं और व्यक्ति संतान उत्पत्ति के अयोग्य हो जाता है | परंतु ऐसा बहुत ही कम होता है | गलसुए के 10 प्रतिशत रोगियों के पक्वाशय में सूजन हो जाती है | ऐसे रोगी को उल्टियां भी हो सकती हैं और पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द भी हो सकता है |

गलसुआ का होने पर उपचार

गलसुए से प्रभावित बच्चे को पेरासिटामोल नामक दवा देने से लाभ होता है | उसे तरल पदार्थ अधिक देने चाहिए क्योंकि ऐसे रोग में किसी कठोर चीज की निगलने में कठिनाई होती है | जिन वयस्क पुरुषों में गलसुए के कारण अंडकोशों में सूजन आ जाए उन्हें दर्दनाशक औषधियां दी जाती हैं | यदि रोगी को साधारण औषधियों से भी आराम न हो तो स्टेराइड दवाइयां दी जाती हैं, उनसे सूजन में कमी हो जाती है | गलसुए के कारण जिनके पेट में दर्द रहने लगता है और उल्टियां आती हैं उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि शरीर में जल की कमी न होने पाए | कुछ दिन बाद यह अपने आप ठीक हो जाता है | गलसुए का एक इलाज यह है कि गरम पानी में नमक मिलाकर गरारे करें | ऐसा करने से सूजी हुई ग्रंथि पर सेंक से रोग में आराम होता है |

काली मिट्टी की सेंक करने से भी लाभ होता है |

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