नवरात्र में रखें सेहत का ख्याल

नवरात्र, यानि दिन का उपवास | उपवास के जरिए शरीर और मन की शुद्धि होती है, लेकिन यह तब संभव है जब इसे स्वास्थ्यवर्धक तरीके से किया जाय | यह खानों की आदतों पर आत्मनियंत्रण और आत्मसंयम को बढाता है | अधिकतर लोग उपवास के बावजूद उच्च कार्बोहाइड्रेड, उच्च कैलोरी वाली चीजें ग्रहण करके इस लक्ष्य से भटक जाते हैं | इसलिए जरुरी है उपवास के दौरान सूझबूझ से फलाहार लें | उपवास शरीर को स्वस्थ और निरोगी रखता है, इसलिए उपवास सामान्य दिनों में भी करना चाहिए | उपवास से आप एक आत्मानुशासन में बंधते हैं फिर चाहे ये आत्मानुशासन खानपान से संबंधित ही क्यों न हो |

कुछ लोग वजन कम करने के लिए व्रत रखते हैं | हालांकि जल्दी-जल्दी और अधिक दिनों तक उपवास करना शरीर के ऊतकों को कमजोर कर शारीरिक व्यवस्था में असंतुलन पैदा कर सकता है | इसलिए बेहतर होगा कि अपनी क्षमताओं, शारीरिक स्थिति और शरीर की आतंरिक शुद्धिकरण की जरूरतों को समझते हुए ही उपवास रखें | इस मौसम में शरीर की इम्यूनिटी (प्रतिरक्षा प्रणाली) भी कम हो जाती है, इसलिए हल्का और पौष्टिक भोजन करें ताकि शरीर आसानी से डिटॉक्सीफाई हो सके | मधुमेह, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह अनुसार ही व्रत रखना चाहिए | गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी ज्यादा दिनों तक उपवास करने से बचना चाहिए |

नवरात्र में क्या खाएं

जो लोग नौ दिनों तक व्रत रखने वाले हैं, वे आहार में प्रोटीन की मात्रा अधिक शामिल करें | दूध, दही, बादाम, नट्स, ड्राईफूट्स लें | इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहेगी | दूध और बादाम का सेवन एक साथ सुबह में करें | बादाम में विटामिन ई, राइबोफ्लेविन, फाइबर जैसे अन्य पोषक तत्व होते हैं | सिंघाड़े के आटे में खनिज लवण, कार्बोहाइड्रेट्स होता है, लेकिन प्रोटीन अधिक नहीं होता | ऐसे में कार्बोहाइड्रेट्स और प्रोटीन से युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन संतुलित मात्रा में करें |

1. व्रत वाले दिन अपनी थाली में अधिक कैलोरी को जगह न दें | जितना हो सके तरल पदार्थ जैसे पानी दूध, ताजे फलों का जूस लें | इससे शरीर के अंदर मौजूद विषैले तत्व आसानी से बाहर निकल जाते हैं और पानी की कमी नहीं होती

2. भोजन में अधिक अंतराल होने और खाद्य पदार्थों के विकल्पों में कमी होने से गैस होने के साथसाथ मेटाबॉलिज्म (चयापचय) गड़बड़ा सकता है | इसलिए मिड-मील स्नैक्स के लिए भुना हुआ मखाना या ड्राई फूट्स हमेशा रखें |

3. साबूदाने ऊर्जा और कार्बोहाइड्रेट्स से भरपूर होता है | इससे बनी खिचड़ी या खीर के सेवन से तुरंत ही शरीर को ऊर्जा मिलती है |

4. दही का सेवन शांत और ठंडक प्रदान करेगा | प्रतिदिन एक कटोरी दही खाएं |

5. पोटैशियम से भरपूर सेंधा नमक पाचन शक्ति, गैस और सीने की जलन को दूर करता है |

6. बिना फलों के कोई भी उपवास अधूरा है | दिन में दो-तीन बार फलों से तैयार सलाद खाएं | इसमें मौजूद शुगर फ्रुक्टोस मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है |

ऐसा बिल्कुल न करें

1. आजकल लोग उपवास के नाम पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक खाने लगते हैं | ऐसा बिल्कुल न करें | जो भी खाएं कम मात्रा में खाएं | इससे पाचन तंत्र को पचाने में अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ेगी | वरना लाभ मिलने की बजाय आपको नुकसान भी पहुंच सकता है |

2. व्रत के लिए विशेष रूप से बाजार में उपलब्ध आलू के चिप्स, भुनी हुई मुंगफली, मखाने या अन्य स्नैक्स का सेवन अधिक न करें |

3. निर्जला उपवास न रखें | इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है | सीने में जलन, कब्ज़, पेशाब में जलन जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं |

4. एक साथ अधिक पानी न पिएं | उसकी बजाय नींबू पानी या पानी में शहद मिलाकर लें | व्रत में चाय, कॉफी का सेवन कम करें |

व्रत से होने वाले लाभ

तनाव को करे दूरः शोध में यह बात सामने आई है कि सप्ताह में कम से कम दो दिन व्रत रखने से रक्त संचार दुरुस्त होता है, मानसिक स्तर और मस्तिष्क की कार्य प्रणाली में सुधार आता है, जिससे तनाव कम होता है |

उम्र बढ़ती है: माने या न माने, लेकिन आप जितना कम खाएंगे उतना ही अधिक जिएंगे | दरअसल, मेटाबॉलिज्म जितना धीमा होगा, उतनी ही जल्दी उम्र नजर आएगी | उतना ही तेज आपका  मेटाबॉलिज्म भी काम करेगा |

मोटापे परं निंत्रिणः व्रत मे कुछ भी खा लेने वाली प्रवृति पर रोक लगती है, जिससे मोटापे पर नियंत्रण पाया जा सकता है  | खाने के तरीके में सुधारः बिंज ईटिंग डिसऑर्डर यानी कभी भी कुछ भी खा लेने की प्रवृति से पीड़ित लोगों के लिए भी व्रत फायदेमंद होता है | व्रत में आप एक निश्चित समय-सीमा और सही मात्रा में कैलोरी का सेवन करते हैं |

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