पित्त ज्वर और इसका घरेलु इलाज Yellow Fever Symptoms Causes and Treatment in Hindi

yellow fever Treatment in Hindi

Yellow Fever Symptoms, Causes and Treatment in Hindi – पित्त ज्वर एक प्रकार का बुखार ही है जोकि शरीर में पित्त के बढ़ने के कारण होता है | यदि इस पित्त को कम कर दिया जाय तो यह बुखार समाप्त हो जाता है | आइये जानते है इस ज्वर (बुखार) के बारे में और इसके घरेलु इलाज के बारे में भी |

पित्त ज्वर का कारण व लक्षण Yellow Fever Symptoms And Causes

अत्यधिक धूप, ज्यादा परिश्रम, नमकीन, खारे, चटपटे तथा कब्ज करने वाले पदार्थों के सेवन व अधिक भोजन करने के कारण पित्त दूषित होकर पित्त ज्वर उत्पन्न करता है। इस ज्वर में उल्टी तथा उबकाइयां तथा रोगी के पतले दस्त आते हैं।

पित्त ज्वर का घरेलु उपचार  Yellow Fever Treatment in Hindi

1. आंवला से पित्त ज्वर का इलाज – गिलोय, आंवला और पित्तपापड़ा को बराबर मात्रा में लेकर क्वाथ बनाकर पीने से पित्त ज्वर कम हो जाता है।

2. फालसा का रस – यदि आप पित्त ज्वर से पीड़ित हैं तो आप पके हुए फालसे के रस में शक्कर व सोंठ मिलाकर पियें । इससे काफी लाभ होता है।

3. शहतूत खाएं – गर्मी के मौसम में दोपहर में शहतूत खाने से इस ज्वर में लाभ होता है।

4. छुहारे का सेवन – पुरानी इमली 30 ग्राम, 20 ग्राम छुहारे को लेकर एक किलो दूध में उबालकर छान लें। इसे पीने से जलन व घबराहट दूर हो जाती है।

5. नारंगी का गूदा – नारंगी का गूदा निकालकर उस पर शक्कर डालकर थोड़ा सा गरम कर लें। इसे खाने से बुखार व खांसी ठीक हो जाती है।

6. बेर का सेवन करें –  सूखे बेर तथा बेर की जड़ को पानी में उबालकर पीने से पित्त ज्वर ठीक हो जाता है।

7. दाख से पित्त ज्वर को ठीक करें –  पित्त ज्वर में दाख और मुलहठी का काढ़ा देने से काफी लाभ होता है। ज्वर के कारण जब रोगी अत्यधिक कमजोर हो जाए तो मुंह में बड़े दाख रखें कमजोरी दूर हो जाती है।

8. अंगूर का रस – अंगूर के रस को थोड़ी-थोड़ी देर के बाद रोगी को पिलाते रहने से उसे शारीरिक कमजोरी महसूस नहीं होती। अंगूर न मिलने की स्थिति में विकल्प के तौर पर 20 ग्राम दाख को लगभग दो घंटे तक पानी में भिगोकर, चबाकर खाने व उसके बाद उचित मात्रा में दूध पीने से आराम मिलता है।

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