आम खाने के फायदे Aam Khane Ke Fayde In Hindi

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आम खाने के फायदे (Aam Khane Ke Fayde In Hindi Language)

आम एक फल है जो खाने में सरस व स्वादिष्ट है | इसे सभी फलों का राजा कहा जाता है | आम में भी कई किस्मे होती हैं | यह पौष्टिक व गुणकारी होने की वजह से रोगों (बीमारियों) से निजात दिलाने में भी सहायक है | इसके सेवन से मनुष्य स्वस्थ रहता है और रोगी ठीक हो जातें है |

आम द्वारा रोगों का इलाज Mango Health Benefits In Hindi

1.पेचिश (संग्रहणी) – गरम दूध को ठण्डा करके उसमें पके आम का गूदा मिलाकर लगभग 20-25 दिनों तक सेवन करने से संग्रहणी-रोग ठीक हो जाता है |

2. तिल्ली – पके आमों का रस लगभग 100 ग्राम में शहद 15-20 ग्राम मिलाकर प्रतिदिन 3 सप्ताह तक पीने से तिल्ली की सूजन ठीक हो जाती है |

निर्देश- 1. रस मीठा ही होना चाहिए 2. खटाई का परहेज है |

3. खांसी – पका हुआ आम लेकर उसे गरम राख (भूभल) में दबाकर भून लें | तत्पश्चात ठंडा करके चूसने से सूखी खांसी ठीक हो जाती है |

4. डायबिटीज – आम एंव जामुन का रस सम मात्रा में मिश्रित कर कुछ समय तक पीते रहने से डायबिटीज (मधुमेह) ठीक हो जाती है |

5. पायरिया – आम की गुठली के अन्दर की गिरी का मंजन नियमित रूप से करने से पायरिया एंव दांत के अनेक रोगों से मुक्ति मिल जाती है तथा वे मजबूत भी हो जाते हैं |

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6. तन्द्रा, आलस्य, कृशांगता – आम के सेवन से शरीर में रक्त की वृद्धि होती है, शरीर में नव शक्ति का संचार होता है और शरीर मोटा हो जाता है | रेशेवाला आम चूसना अधिक गुणकारी, कब्जहारी व सुपाच्य होता है | आम के सेवन के उपरान्त दूध पीना पोषक व रेचक दोनों है, अतः इससे यकृत (Liver) को शक्ति मिलती है और पेट साफ रहता है, किन्तु आम भूखे पेट खाना हितकर नहीं है |

7. लू लगना – कच्चे आम को भूनकर उसके गूदे में उचित मात्रा में पानी या चीनी के स्थान पर सेंधानमक व पिसी कालीमिर्च डालकर अमरस बनाकर पीने से शरीर की गर्मी शांत हो जाती है |

8. पौरुष-वृद्धि – 2-3 माह तक संध्या-समय नियमित पके आमों का अमरस (चीनी, पानी या दूध का मिश्रित योग) पीने से वात-संस्थान के अनेक रोग दूर हो जाते हैं | 2. पर्याप्त मैथुन (नारी-संसर्ग) के उपरान्त भी कमजोरी नहीं आ पाती | 3. मर्दाना ताकत बढ़ती रहती है | 4. शरीर स्वस्थ और मोटा हो जाता है |

9. पेट में कीड़े होने पर – आम की गिरी का चूर्ण 8-10 ग्राम गरम जल के साथ देने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं |

10. दस्त होना – आम की भुनी गिरी नमक मिलाकर प्रतिदिन खाने से दस्त ठीक हो जाते हैं और पेट को शक्ति भी मिलती है | किन्तु आम की गिरी (गुठली के अन्दर के भाग) को पानी में बारीक पीसकर नाभि पर लेप करने से दस्त बंद हो जाते हैं |

11. बच्चों का मिट्टी खाना – बच्चों की मिट्टी खाने की आदत छुड़ाने के लिए आम की गिरी पीसकर ताजे पानी के साथ देनी चाहिए |

12. सूखा-रोग – पिसे हुए अमचूर में शहद मिलाकर कुछ दिनों तक नियमित रोगी बच्चे को चटाने से सूखा-रोग जाता रहता है |

13. गर्भवती की उल्टी – आम का रस, अर्क गुलाब, ग्लूकोज, कैल्शियम-वाटर सभी 20-20 ग्राम की मात्रा में मिलाकर एक खुराक तैयार कर लें | इस प्रकार दिन में तीन बार लेने से गर्भवती महिला की किसी भी कारण होने वाली उल्टी में आशातीत लाभ हो जाता है |

14. विष-दंश – ततैया, बिच्छू, मकड़ी, चूहा, पागल कुत्ता आदि के काटने पर दंशित स्थान पर आम की गुठली पानी ने घिसकर लगाने से दाहकता शांत हो जाती है |

15. बिवाई फटना – अमचूर या कच्चे आम की चटनी (नमक मिर्च रहित) का लेप करने से बिवाई ठीक हो जाती है |

16. रक्त-प्रदर, संगग्रहणी, रक्तातिसार व आमातिसार – आम की भुनी हुई गिरी 25 ग्राम को नींबू के थोड़े से रस में घोल लें और फिर उसमें काला नमक 3 ग्राम, अजवायन 10 ग्राम मिलाकर बारीक चूर्ण कर लें | 2 ग्राम गर्म पानी के साथ दोनों समय भोजन के बाद लें |

17. बवासीर – लगभग 50 ग्राम मीठा अमरस, 25 ग्राम मीठा दही, 1 चम्मच अदरक का रस – तीनो को मिलाकर कर पियें, कुछ दिनों तक प्रतिदिन तीन बार पीने से बवासीर, पुराने दस्त, दस्तों में अपच के कण निकलना आदि रोगों में लाभ होता है |

18. अंडवृद्धि – 25 ग्राम आम के पत्ते व 10 ग्राम के लगभग सेंधानमक – दोनों को पीसकर हल्का सा गर्म कर लेप करें |

19. हाथ-पैरों में जलन होने पर – जलन के स्थान पर आम की बौर (फल लगने से पहले निकले फूल) रगड़ें |

20. पथरी – आम के पत्ते छाया में सुखाकर पीसकर कपड़ें से छान लें | कुछ दिनों तक रोजाना 3 बार लगभग आधा चम्मच की फंकी गर्म पानी से लें | खाने में केवल खिचड़ी खायें |

21. बिच्छू के द्वारा काटने पर – आम का चूर्ण व लहसुन सममात्रा में पीसकर दंशित स्थान पर लगायें |

22. जलने पर – आम के पत्ते जलाकर भस्म जले हुए स्थान पर बुरकें | इससे आग से जलने में फायदा होगा |

23. नींद न आना – रात्रि में आम खाकर ऊपर से दूध का सेवन करें तो अच्छी नींद आने लगेगी |

24. पेट में जल इकठ्ठा होना (जलोदर) – कुछ दिनों तक नित्य तीन बार 2-2 आम खाना जलोदर में हितकारी है |

25. वृक्क की दुर्बलता – आम की ऋतु में प्रतिदिन आम खायें तो इस रोग में लाभ मिलता है |

26. रतौंधी – इस रोग के होने पर रेशेदार आमों का सेवन लाभप्रद है |

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27. मस्तिष्क की कमजोरी – लगभग 100 ग्राम आम का रस, 1 चम्मच अदरक का रस, लगभग 25 ग्राम दूध व स्वादानुसार चीनी, सभी को मिलाकर प्रतिदिन पियें| इससे मस्तिष्क की कमजोरी, उसके कारण पुराना सिरदर्द, आँखों के आगे अँधेरा छाना दूर होते हैं | शरीर स्वस्थ रहता है | यह रक्तशोधक, हृदय व यकृत को ताकत देने वाला है |

28. बांझपन व मासिक-धर्म की गड़बड़ी – पके हुए आम की गिरी भूभल (गर्म राख) में भूनकर खाते रहने से गर्भाशय शुद्ध होकर मासिक-धर्म ठीक समय पर होने लगता है और बांझपन दूर होकर नारी गर्भ-धारण करने में सक्षम हो जाती है |

29. हैजा – आम का छिलका 25 ग्राम को दही 200 ग्राम में खूब घोंटकर तत्पश्चात उसमें थोड़ा नमक व कपूर मिलाकर हैजे के रोगी को देने से लाभ होता है |

30. प्लेग व हैजे – यह रोग होने पर प्रतिरोधक औषध के रूप में कच्चे आम उबालकर उनके गूदे में उचित अनुपात में जल व मीठा मिलाकर सेवन करना हितकारी है |

31. प्रमेह – पिसा हुआ आम का छिलका 50 ग्राम, चुने का पानी (Lime Water) 10-20 ग्राम मिलाकर नियमित प्रातः सायं रोग-दशानुसार कुछ दिनों तक लेने से मूत्र के साथ मवाद आना व तीव्र जलन भी ठीक हो जाती है |

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