आँखों की सुरक्षा कैसे करे Aankhon Ki Surksha Kaise Kare

आंखें आपके तन और मन दोनों का आईना है, आपके तन पर क्या बीत रही है आंखें बिना पूछे ही इसका जवाब दे देंगी. इसी तरह आपका मन किन स्थितियों से गुजर रहा है आंखें इसकी रिपोर्ट दे देंगी. मन के भावों के अनुरूप ही कभी आंखो में प्रेम उमड़ता है तो कभी आंखें क्रोध से कांप रही होती है. कभी चाहत में डूबी होती है तो कभी तृप्ति से परिपूर्ण(khubsurat Aankon ke Liye Jaruri Hai Surksha). Read More – कमजोर दृष्टि का घरेलू इलाज 

आँखों के लिए स्वास्थ्यवर्धक चीज़ें खाएं Aankon Ke Liye Healthy Cheezen Khaye

विटामिन ए की कमी से आंखों के रोग होते हैं. प्रतिवर्ष हजारों लाखों लोग, बच्चे विटामिन ए की कमी से अंधे हो जाते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार साठ से सत्तर लाख बच्चे विटामिन ए की सामान्य कमी से पीड़ित है जिसका मुख्य कारण कुपोषण है. विटामिन ए की कमी का मुख्य कारण प्रभाव आंखों पर पड़ता है(Vitamin Humari Aankhon ke Liye Sanjivani Hai).

विटामिन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें Vitamin Yukt Khadya Padarth ka Seven Kare

विटामिन ए की कमी न रहे इसके लिए गर्भवती महिलाओं को चाहिए कि विटामिन ए से युक्त सामग्री का अधिकाधिक उपयोग व प्रयोग करें. बच्चों को शुरू के छह माह तक मां का दूध अवश्य ही दिया जाना चाहिए(Apne Aahar Me Vitamin ko Jarur Shamil Kare)

आँखों के स्वास्थ्य के लिए उत्तम खाद्य पदार्थों का सेवन करें Aankon ke Swasth Ke Liye Uttam Khadya Padarth Ka Seven Kare

गाजर का रस या गाजर आंखों के लिए बहुत ही आवश्यक है. इसके अतिरिक्त पत्ता गोभी भी आंखों के लिए बहुत अच्छी रहती है. आंखों के लिए विटामिन ए, बी व सी बहुत आवश्यक होते हैं जो मक्खन, गाजर, पालक, पत्ता गोभी, हरी सब्जियों, दूध, पपीता, आम एवं अन्य मौसमी फलों में पाए जाते हैं. अतः इन का प्रयोग अवश्य ही किया जाना चाहिए.

आंखें स्वतंत्र रहे इसके लिए कुछ उपाय Aankhen svatantr Rahe Iske Liye Kuch Upay

आंखों की प्रकृति ठंडक पसंद है, अतः सुबह उठते ही मुंह में पानी भरकर मुंह फुलाकर शीतल जल से आंखों पर छींटे मारना चाहिए. इससे न केवल आंखों की ज्योति अच्छी रहती है बल्कि नेत्र ज्योति में बढ़ोतरी होती है. साथ ही आंखों की अनेक बीमारियां दूर हो जाती है.

रात में एक चम्मच त्रिफला मिट्टी के बर्तन में भिगो दें. सुबह निकले पानी से आंखों को अच्छी प्रकार धोना चाहिए, इससे आंखों की ज्योति अच्छी रहती है व आंखों की बीमारियां दूर हो जाती है.

पैरों के तलवों में सरसों के तेल की मालिश करने और स्नान से पूर्व पैर के अंगूठे को तेल से तर कर देने से आंखों के रोग नहीं होते हैं एवं नेत्र ज्योति में वृद्धि होती है. Read More – आंखों में पानी आने पर घरेलू इलाज

आँखों को आराम देने के लिए पर्याप्त नींद लें Aankon Ko Aaram Dene Ke Liye Paryapt Neend Le

आंखों की सुंदरता एवं स्वस्थता के लिए अच्छी नींद आवश्यक है वरना अनिंद्रा की अवस्था में आंखों के चारों ओर लकीरें पड़ जाती है और आंखों की ज्योति पर प्रभाव पड़ता है.

आंखों पर अधिक दबाव नहीं पड़ने दे जैसे कि लगाता नहीं पढे. बीच-बीच में आंखों को विश्राम दे. अध्ययन के बीच में कुछ देर के लिए पलकों को बंद कर ले इससे आंखों को विश्राम मिलता है. सूर्य की रोशनी के सामने टकटकी लगाकर नहीं देखना चाहिए(Aankhon ko Aaram dene ke Liye Kam Se Kam 7 Hours Jarur Soyen)

यात्रा के दौरान आप तनिक भी पढ़ने में असुविधा महसूस करे तो पत्र-पत्रिकाएं नहीं पढ़े. अध्ययन के दौरान प्रकाश न तो अधिक तेज हो न ही मंद हमेशा प्रकाश बायीं ओर से आना चाहिए.

आंखों को धूल, धूप, तथा धुएं से बचाना चाहिए. धूल तथा धूप से बचने के लिए चश्मे का प्रयोग किया जाना चाहिए.

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आँखों की अच्छी देखभाल करने की आदत डालें Aankon Ki Aachi Dekhbhal Ki Habit Dale

आंखों में चिकनाई रहना आवश्यक है अतः सप्ताह में एक बार किसी अच्छे सुरमें का प्रयोग किया जाना चाहिए. अलग व्यक्तियों के लिए अलग अलग सलाई तथा एक आंख के लिए अलग सिरा तथा दूसरी के लिए दूसरा सिरा काम में लें. शुद्ध शहद उपलब्ध होने पर एक सलाई एक सप्ताह आंखों में डालना चाहिए इससे दृष्टि कभी मंद नहीं होती है. Read More – बच्चों में आँख आना का घरेलू ईलाज

प्रातः काल हरी घास पर टहलना चाहिए उससे आंखों की ज्योति अच्छी रहती है. यदि सिर दर्द रहता हो और पढ़ने में असुविधा महसूस हो तो नेत्र विशेषज्ञ से आंखों का चेकअप करवा लेना चाहिए. 40 वर्ष की अवस्था के बाद तो आंखे अवश्य ही चेक करवानी चाहिए.

यू वी प्रोटेक्टर सनग्लासेज पहनें U V Protector SunGlasses Pahne

आजकल टी.वी का बहुत प्रसार-प्रचार हो गया है एवं आने वाले समय में इसकी संख्या निश्चित रूप से बढ़ेगी. टी.वी आंखों के लिए हानिकारक है. लगातार गहन अध्ययन के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि आगामी 4-5 वर्षों तक नियमित टी.वी देखने वाले दर्शकों की आंखों में इस सीमा तक रोग पैदा हो जाएंगे जो कि नेत्र विशेषज्ञो के बूते के बाहर होंगे. Read More – अच्छी दृष्टि के लिए जरूरी है मैकुलर पिगमेंट

आंखों को कभी भी रगड़िये मत, यदि उस में कुछ गिर जाए तो किसी साफ़ कांच के बर्तन में पानी भरकर आंख को उसमें डूबोये ताकि कचरा निकल जाये.

ध्रुमपान करने मदिरापान करने से आंखें खराब होने की संभावना रहती है.

आंख लाल होने या कोई रोग होने पर चश्मे का प्रयोग करना चाहिए. आई फ्लू का रोग तो सिर्फ रोगी की ओर देख लेने मात्र से हो जाता है. रोगी व्यक्ति को अलग सुलाना चाहिए उसका तौलिया रूमाल अलग रखें. मक्खियां भी नेत्र रोग फैलाती है, अतः साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए.

नेत्र रोग होने की संभावना के कारण Netr Rog Hone Ki Sambhavana Ke Karan

दूर की वस्तुओं को अधिक देर तक देखना, क्रोध करने, शोक, क्लेश, चोट लगने, अधिक मिर्च मसालों के उपयोग से, आंसुओं को रोके रखने से, सुक्ष्म में वस्तुओं को देखने का काम अधिक समय तक करने से नेत्र रोग होने की संभावना रहती है अतः उचित सावधानी रखी जानी चाहिए.

बच्चों को धनुष बाण, गुल्ली डंडा खेलते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए क्योंकि इनसे आंखों में चोट लगने का अंदेशा रहता है(Aankon ki Roshani Kam Hone Per Doctor ki Advice Jarur le)

आंखों को स्वमूत्र धोने से भी आंखें स्वस्थ रहती है. यहां तक इसके प्रयोग से चश्मे का नंबर भी कम हो जाता है. प्राचीन समय में ऋषि मुनि पैरों में जो खड़ाऊ पहनते थे उनको पहनकर घूमने से भी आंखों की ज्योति अच्छी रहती है. इससे भी आंखों के नंबर कम हो सकते हैं. यह दोनों नुस्खे परीक्षित है.

नेत्र ज्योति बढ़ाने के लिए क्या खाएं Netr Jyoti Badhane ke Liye Kya Khaye

सौंफ मिश्री बादाम तीनों को सम भाग लेकर बारीक चूर्ण बना लें. 1-1 चम्मच रात्रि को लेने से दूध के साथ नेत्र ज्योति बढ़ती है इनका लगातार 5-6 माह तक सेवन किया जाना चाहिए.

प्रातः काल नित्यकर्मों से निवृत्त होकर एक चम्मच मक्खन, एक चम्मच पिसी हुई मिश्री व आधा चम्मच पिसी हुई काली मिर्च मिलाकर चाट लें. इसके बाद कच्चे नारियल के 2-3 टुकड़े खाकर 10 ग्राम सौंफ खूब चबा चबाकर खाये आधे घंटे बाद कुछ न ले इस प्रकार का प्रयोग 5-6 माह तक करें इससे नेत्र ज्योति अच्छी रहती है(Vitamin Yukt Uchit Aahar Le).

आँखों की सुरक्षा हेतु सावधानियां Aankon Ki Surksha Hetu Savdhaniya

  • कल आपने पढ़ीं गर्मी में आंखों का खयाल रखने जुड़ी चंद सावधानियां। आज पेश हैं आपकी आंखों की देखभाल के कुछ और टिप्स :
  • – आँखें साफ रखें। दिन में दो-तीन बार आँख को साफ पानी से जरूर धोएं।
  • – तेज धूप में धूप के चश्मे का इस्तेमाल करें।
  • – हरी सब्जी, सीजन का फल एवं दूध का सेवन करना चाहिए।
  • – पढ़ते समय कमरे में प्रकाश उचित मात्रा में हो एवं बैठकर पढ़ना चाहिए।
  • – साल में एक बार नेत्र रोग विशेषज्ञ से आँखों की जांच करानी चाहिए।
  • – चालीस की उम्र होने पर आँख के दबाव की जांच अवश्य करानी चाहिए।
  • – मधुमेह के रोगियों को अपनी आँख की जांच करानी चाहिए, क्योंकि मधुमेह आँख के पर्दे को खराब कर देती है।
  • – पचास की उम्र पार करने पर व्यक्ति को मोतिया बिन्द के लिए अपनी आँखों की जाँच नेत्र रोग विशेषज्ञ से करवानी चाहिए।
  • – आँख की बीमारी होने पर स्वयं चिकित्सा न करें।
  • – आँख में काजल, सुरमे का इस्तेमाल न करें।
  • – आंख में कचरा, धूल का कण आदि डलने पर आँख को मलना नहीं चाहिए।
  • – स्वीमिंग पूल में जाने पर बिना स्वीमिंग गॉगल के स्वीमिंग न करें वरना आँख में संक्रमण का खतरा रहता है।
  • – किसी दूसरे व्यक्ति का रूमाल एवं तोलिया इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • – स्टीरायडयुक्त दवा का इस्तेमाल बिना नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए।
  • – लेटकर नहीं पढ़ना चाहिए।
  • – एयरकन्डीशनर के एकदम सामने न बैठें।
  • – कम्प्यूटर पर कार्य करते समय कम्प्यूटर एवं आँखों के बीच एक उचित दूरी अवश्य रखें।
  • – काम करते समय रोशनी का समुचित प्रबंध रखें, पर रोशनी चौंधियाने वाली नहीं हो। काम करते समय बीच-बीच में आंखों को आराम दें, ठंडे पानी के छीटें मारें।
  • – बादाम रोगन से आंखों के आसापास उंगलियों को हल्का दाब देते हुए गोलाई में मालिश करें। इससे आंखों के इर्दगिर्द की त्वचा पुष्ट होती है।
  • – खीरे के पतले टुकड़े आंखों पर 15-20 मिनट तक रखें।

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