गर्भावस्था (प्रसव) के बाद केयर After Pregnancy Care Tips for Mother

after pregnancy care in hindi

गर्भावस्था (प्रसव) के बाद केयर After Pregnancy Care Tips for mother in Hindi. गर्भावस्था में सावधानियां Garbhavastha Ke Baad Saavdhaniya

“बच्चे को जन्म देना आसान नहीं है, यह सभी महिलाएं जानतीं है | पर, बच्चे के जन्म के बाद भी महिलाओं की कुछ परेशानियाँ काफी चिंताजनक होतीं है | लेकिन यदि आपको इसके बारे में पहले से ही सही जानकारी हो तो आपकी परेशानी कम हो सकती है |”

बच्चे के जन्म की खुशियाँ मनाते – मनाते आपको अपने शरीर के साथ के साथ कुछ सावधानियां बरतनी होगीं जिससे आपका और आपके बच्चे का स्वास्थ्य अच्छा बना रहे | यह गुण सभी महिलाओं में समय को साथ आता है लेकिन यदि पहले से पता हो तो गलत जानकारी से हुए नुकशान से बचा जा सकता है | बच्चे के जन्म के काफी समय बाद तक भी माँ के शरीर में कई तरह के बदलाव होते रहतें हैं |

प्रसव के ठीक बाद की इस अवधि के दौरान आपका शरीर पहले से काफी हल्का हो जाता है और शरीर को नई ताकत मिलने लगती है | शरीर प्रसव से पहले जैसा आकार पाने लगता है | इस दौरान शरीर को आराम देने के लिये आपको अतिरिक्त नींद, आराम और पौष्टिक खुराक की जरूरत पड़ेगी और इन सबके साथ इक्सरसाईज करना काफी साबित हो सकता है | लेकिन इक्सरसाईज की शुरूवात अपने डाक्टर के परामर्श के बिना न करें | महिलाओं को प्रसव के बाद काफी समस्याओं से झूझना पड़ सकता है और उनमें से कुछ समस्याएं दूसरी समस्याओं से अधिक गंभीर हो सकतीं है तथा हर समस्या के अपने कुछ ख़ास लक्षण भी होते हैं |

हम यहाँ पर आपको इस दौरान होने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी देगें जिससे आपकी भ्रांतियां दूर होगीं और काफी फायदा होगा :

1. वेजाइनल रक्तश्राव Yoni Se Khoon Ka Bahna

हालाकि प्रसव के तुरन्त बाद थोड़ा रक्तस्राव होना सामान्य बात है, लेकिन प्रसव के बाद बहुत ज्यादा रक्तस्राव के मामले दो प्रतिशत ही देखने को मिलते है | ऐसी स्थति ज्यदातर लम्बे समय तक प्रसव पीड़ा ,कई बच्चों को जन्म देने या बच्चेदानी के संक्रमित होने के बाद आती है | अगर आपको ऐसा महसूस हो कि रक्तस्राव ज्यादा हो रहा है तो डाक्टर की सलाह लें |

2. निपल में सूजन Nipple Me Sujan Hone Par Kya Kare

स्तन में जलन या स्तन में संक्रमण आमतौर पर स्तन के नाजुक, लाल निशान वाले क्षेत्र में देखा गया है (कई बार पूरे स्तन पर भी ये लक्षण उभर सकते हैं) निप्पल में सूजन या दाग से बचने के लिए स्तनपान कराने के दौरान निप्पल में थोड़ी हवा लगने दें | उन्हें ब्रा के बगैर खुला छोड़ दें | स्तनपान थोड़ी देर तक ही कराएँ और इसके बाद स्तन को सुखा लें | शिशु को ज्यादा बार स्तनपान कराए ताकि वो लगातार देर तक स्तनपान न करें | निप्पल की सूजन मिटाने वाली क्रीम और दवाईयों के इस्तेमाल के लिए डाक्टर से परामर्श लें |

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3. स्तनों में अत्यधिक बृद्धि Stano Me Adhik Braddhi Hone Par Kya Kare

प्रसव के दो से चार दिन बाद ही स्तन में दूध आने लगता है और स्तन का आकार बढ़ जाता है और वह सख्त होकर सूज जाता है जब आप सही तरीके से स्तनपान करने लगती हैं तो यह वृधि रुक जाती है | अगर आप स्तनपान नहीं कराती हैं तो आपके शरीर में दूध बनने की प्रक्रिया बंद होते ही यह वृधि भी रुक जाती है |

4. दूध पिलाते वक्त दर्द Doodh Pilate Samay Dard Ka Hona

यदि आपको स्तन में दर्द या संक्रमण हो गया है तो भी आप अपने बच्चे को दूध पिला सकती है | सूजन या संक्रमण का दूध पर या बच्चे पर कोई असर नहीं पड़ता है | आपके के लिए आराम करना और खूब तरल पदार्थों का सेवन करना भी जरुरी है | प्रभावित हिस्से को गुनगुने पानी में भिगोएँ तौलिये से पोछने पर आपकी यह तकलीफ दूर हो सकती है | दुग्धपान कराने के बाद ठंडे पानी की पट्टी आपके स्तन की सूजन कम करने में मददगार हो सकती है | इस दौरान ब्रा पहनने से बचें |

5. स्तन से रिसाव की समस्या Breast Se Liquid Ka Nikalna

दूध से भरा हुआ स्तन आमतौर पर रिसने लगता है | सोते समय या बाहर जाते समय स्तन पर नर्म पैड या पट्टी रखें ताकि ज्यादा रिसाव न होने पाए | निप्पल को शुष्क बनाए रखने के लिए इस पट्टी को बार-बार बदलती रहें |

कुछ महिलाओं को लंबे समय तक तनाव में रहने के कारण यह समस्या हो जाती है | सामान्य तरीके से शिशु को जन्म देने के दौरान वेजिना के आसपास की मांसपेशिया तनावग्रस्त हो जाती हैं, जिस वजह से ब्लाडर पर नियंत्रण खत्म हो जाता है | कुछ खास तरह के व्यायाम आपकी मांसपेशिया की ताकत बढ़ाने में मदद कर सकते है | हलाकि सी–सेक्शन डिलेवरी में इस तरह की समस्याए नहीं आती हैं |

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6. गैस की समस्या कब्ज की शिकायत Gas Aur Kabj Ki Samasya

लम्बे समय तक लेते रहने से पेट में गैस बनने लगती है | टहलते रहने और करवटें बदल-बदल कर सोने से बच्चे के जन्म के बाद गैस की यह समस्या दूर हो सकती है | यह समस्या सी–सेक्शन डिलीवरी के मामलों में ज्यादा आती है | क्योंकि सर्जरी के बाद आंतों को सामान्य स्थिति में आने में वक्त लगता है | दर्द निवारक दवाइयां आमतौर पर कब्ज बढाती हैं | तरल पदार्थ और सुपाच्य भोजन का सेवन कर आप बच्चे के जन्म के बाद कब्ज से बच सकती है | शिशु के जन्म के बाद बहुत ज्यादा कब्ज होने या जोर लगाने की स्थिति में बवासीर की शिकायत हो सकती है | इसमे गुदामार्ग सूज जाता है और उसमे खुजली, जलन और कई बार रक्तस्राव भी होने लगता है | ऐसी समस्या होने पर अपने डाक्टर से सम्पर्क करें |

7. बालों का गिरना Hair Fall Problem To Mother After Pregnancy

शिशु के जन्म के बाद बालों के गिरने की समस्या आम है | यह हार्मोन में आए परिवर्तन का नतीजा है, पर यह समस्या स्थायी नहीं है | छः माह बाद बालों का गिरना रुक जाता है |

8. पैरों में सूजन Pairo Me Sujan Ka Hona

सी–सेक्शन के बाद आप पांव में सूजन की समस्या महसूस कर सकती हैं, क्योकि सर्जरी के दौरान नसों के अन्दर दी जने वाली दवाईयों में सोडियम की मात्रा अधिक रहती है | कुछ सप्ताह बाद यह सूजन अपने-आप ख़त्म हो जाती है |

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