माँ खुद का भी रखे खयाल After Pregnancy Mother Care Tips in Hindi

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माँ खुद का भी रखे खयाल – After Pregnancy Mother Care Tips in Hindi

मां बनना दुनिया का बेहतरीन एहसास होता है, फिर इस एहसास को प्रसव के बाद आने वाली समस्याओं पर क्यों भारी पड़ने दें? संभव है इनका भी समाधान । आइए जानते हैं उन समाधानों के बारे में |

सच है कि एक स्त्री का जीवन मां बनने के बाद बहुत बदल जाता है। एक नई जिंदगी को दुनिया में लाना और उसकी बेहतर ढंग से देखभाल करना ही हर स्त्री के जीवन का उद्देश्य बन जाता है। लेकिन इसके साथ कुछ ऐसी स्वास्थ्य समस्याएं भी आती हैं, जिनसे निपटना थोड़ा कठिन होता है।

ये समस्याएं हैं- वजन बढ़ना, हार्मोनल बदलावों के चलते बार-बार मूड बदलना और त्वचा संबंधी आदि। बच्चे के जन्म के बाद, मां पर उसकी देखभाल की अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाती है, जोकि दिन-रात चलती है। हालांकि, वे इन सारी जिम्मेदारियों को एंजॉय भी करती हैं। पर बच्चे की देखभाल में नीद पूरी न होने, तनाव और थकान के चलते समस्या और बढ़ जाती है। हालांकि, मां इसको लेकर कभी कोई शिकायत नहीं करती है, लेकिन मां बनने के बाद शरीर पर आने वाला असर तकरीबन हर महिला को परेशान करता है।

इसलिए जरूरी है कि प्रसव के बाद बच्चे के साथ अपने भी स्वास्थ्य का ध्यान खुद रखें जैसे-

डॉक्टर के पास जाएं Visit Doctor As You Need

मां का पूरा ध्यान अपने नए बच्चे की देखभाल पर ही रहता है। लेकिन एक नई मां को बच्चे को जन्म देने और स्तनपान कराने के दौरान अपने शरीर का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसा करने से आपको अपनी ऊर्जा और ताकत जल्द हासिल करने में मदद मिलेगी। जब आप अपना ध्यान रखेंगी, तभी आप अपने बच्चे की अच्छी तरह से देखभाल कर पाएंगी। बच्चे के जन्म के बाद के कुछ सप्ताह को प्रसवोत्तर अवधि कहा जाता है। इस समय के दौरान आपके शरीर में कई प्रकार के परिवर्तन होते हैं। इसलिए अपने बच्चे के जन्म के बाद नियमित प्रसवोत्तर जांच के लिए – छह सप्ताह तक अपने डॉक्टर के पास अवश्य जाएं।

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योनि में टांके की देखभाल Taking Care of Vaginal Stitches

यदि आपकी योनि में टांके लगे हैं तो उस क्षेत्र को बहुत साफ रखना जरूरी है। टांके को पूरी तरह से भरने में करीब चार सप्ताह लग जाते हैं। हर बार जब आप शौचालय का इस्तेमाल करती हैं तो अपने शरीर के निचले हिस्से की सफाई नियमित रूप से करें और सफाई के लिए अस्पताल से मिली फुहार वाली बोतल का इस्तेमाल करें। इससे आपके टांके को जल्द भरने में मदद मिलेगी। जब तक आपके टांके पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाते हैं इस पर अमल करें। मल त्याग करने के बाद, आगे से पीछे की ओर सफाई करें। इसके लिए भी फुहार वाली बोतल का इस्तेमाल करें |

स्तनों की देखभाल Stano Ki Dekhbhaal

आप अपने बच्चे को चाहे स्तनपान करा रही हो या नहीं लेकिन बच्चे के जन्म के बाद अपने स्तनों की विशेष देखभाल करनी जरूरी है। कुछ माताओं के स्तन दूध आने के बाद और बच्चे को स्तनपान नहीं कराने के कारण बहुत गर्म और कड़े हो जाते हैं और उनमें सूजन आ जाती है। लेकिन एक या दो दिन में यह सूजन आमतौर पर ठीक हो जाती है। आप सुविधा के लिए कुछ काम कर सकती हैं जैसे- अपने स्तन पर 15 या 20 मिनट तक आइस पैक रखें। यदि बर्फ से कोई मदद नहीं मिलती है धुले हुए कपड़े को गर्म कर उससे सिकाई करें |

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योनिस्राव की समस्या Problem of Vaginal Discharge

बच्चे के जन्म के बाद कुछ दिनों तक योनि से कुछ अधिक मात्रा में रक्तस्राव होना सामान्य है। प्रसव के बाद आमतौर पर तीन से चार दिनों तक चमकीले लाल रंग का रक्त आता है, जोकि एक से दो महीने तक भी आ सकता है। चमकदार लाल रक्तस्राव धीरे-धीरे गहरे लाल रंग में और फिर पीला और उसके बाद सफेद रंग में बदल सकता है। सफेद स्राव दो से छह सप्ताह तक आ सकता है। इस दौरान आपको टेम्पून नहीं, बल्कि सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करना चाहिए। यदि स्राव बदबूदार हो या स्राव के कारण खुजली या जलन हो रही हो तो आप अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

प्रसव के बाद का दर्द Delivery Ke Baad Pain Ko Kaise Manage

कुछ महिलाओं को प्रसव के बाद पेट के निचले हिस्से में ऐंठन होती है जिसे ‘प्रसव के बाद का दर्द’ कहते हैं। यह आपके दूसरे या बाद के बच्चे के जन्म के बाद या जब आप बच्चे को स्तनपान करा रही होती हैं, तो होता है जो सामान्य है। यह ‘दर्द’ इस बात का संकेत है कि आपका गर्भाशय सामान्य स्थिति में लौट रहा है। यदि आपको ‘प्रसव के बाद के दर्द’ से बहुत अधिक परेशानी हो रही हो, तो अपने डॉक्टर या नर्स से संपर्क करें।

मूड में बदलाव Change of Mood

बच्चे के जन्म के बाद कई महिलाएं अपने मूड में अचानक बदलाव महसूस करने लगती हैं। ऐसी महिलाएं एक मिनट बहुत खुशी महसूस करती हैं तो अगले ही मिनट उन्हें रोना आ सकता है। गहरे प्यार की भावनाएं तुरंत क्रोध में बदल सकती हैं। इनमें से कई भावनात्मक उतार-चढ़ाव आपके शरीर में हार्मोन परिवर्तन की वजह से हो सकते हैं। मूड में कुछ बदलाव शुरुआती सप्ताह में नए बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी के परिणामस्वरूप हो सकते हैं। मूड में यह बदलाव सामान्य बात है। जब आपके हार्मोन का स्तर वापस सामान्य हो जाएगा और आप इस बच्चे की मां होने की अभ्यस्त हो जाएंगी, तो आपका मूड सामान्य हो जाएगा।

यदि आप अपने अलग महसूस करने या अपने क्रियाकलापों को लेकर चिंतित हैं ,तो अपने चिकित्सक ,काउसलर, शुभचितक या करीबी दोस्त की मदद ले सकती है | यदि आप अपने आपको उदास महसूस कर रही हैं या आपको लगता है कि आप खुद को या अपने बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती हैं, तो तुरंत अपने नर्स को बुलाएं | अपने परिवार वालों को इसके बारे में बताएं | कई महिलाओ को प्रसवोतर अवसाद होता है और इसमे किसी से मदद लेने से लाभ होता है |

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कब्ज की समस्या Constipation Problem

बच्चे के जन्म के बाद पहले कुछ हफ्तों तक आपको कब्ज रह सकता है। इसलिए हर दिन 8 से 12 गिलास तरल पदार्थ का सेवन करें। पानी, जूस और गर्म तरल के सेवन से आपको कब्ज से राहत मिल सकती है। हर रोज फाइबर युक्त भोजन करें। साबुत अनाज की ब्रेड फाइबर युक्त भोजन के अच्छे विकल्प हैं। जब आपको मल त्याग करने की इच्छा महसूस होती है तो आप इसे रोके नहीं। अपने शरीर के संकेतों और प्रतिक्रिया पर ध्यान दें। आपको अपने टांकों के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। जब आप समय पर मल त्याग करेंगी तब वे नहीं टूटेंगे।

आराम और गतिविधि Taking Rest Is Important

नई माता के रूप में, आपके लिए अपनी जरूरत के अनुसार आराम करना काफी मुश्किल हो सकता है। विशेषकर जब आपके घर में बच्चा हो। बच्चा रात में भी कई बार दूध पिलाने के लिए आपको जगाएगा। आपकी प्राथमिकता बच्चे की देखभाल और अपना ध्यान रखना होना चाहिए। दिन में थोड़ी देर झपकी लेने की कोशिश करें, विशेषकर जब बच्चा सो रहा हो, तो आप भी थोड़ी देर सो लें। यदि आप सिर में हल्कापन, कमजोरी या थकावट महसूस कर रही हैं, तो ड्राइविंग के लिए कम से कम एक सप्ताह तक या और अधिक समय तक इंतजार करें। ताजी हवा और व्यायाम के लिए बाहर (यहां तक कि ठंड के दिनों में भी) जाने की आदत डालें। सैर करना एक अद्भुत व्यायाम है जिससे आप बेहतर महसूस कर सकती हैं। शुरू में धीमी गति से चलना शुरू करें और धीरे-धीरे अपनी गति बढ़ाएं और रोजाना कम से कम 20 से 30 मिनट तक चलने की कोशिश करें। भारी काम करने से बचे। इससे आप थकावट महसूस करेंगी।

यौन संबंध बनाएं या ना बनाएं Sex Kare Ya Na Karen

अपने आप को समय दीजिए। सेक्स करने से पहले आपके शरीर को पूर्ववत सामान्य अवस्था में आने के लिए कुछ समय इंतजार करें। अलगअलग लोगों के लिए इस समय में अंतर हो। सकता है। आपको यौन संबंध स्थापित करने से पहले प्रसवोतर जांच के लिए अपने चिकित्सक के पास जाना चाहिए। प्रसव के बाद शुरू में आपको योनि शुष्क महसूस हो सकती है, विशेषकर जब आप स्तनपान करा रही होती हैं। यौन संबंध को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करें, यौन संबंध के दौरान अत्यधिक प्यार प्रकट करें और विशेष स्थिति (जैसे महिला का ऊपर होना) अपनाने का प्रयास करें।

बालों का झड़ना Balon Ka Jhadna

प्रसव के बाद बालों का झड़ना (कभी-कभी गुच्छे में) एक आम समस्या है। प्रसव के बाद कई नई माताएं तीन से छह महीने तक ऐसा अनुभव करती हैं। गर्भावस्था के दौरान हार्मोन उन बालों को गिरने से रोके रखता है और जब वे हार्मोन वापस अपनी सामान्य स्थिति में आ जाते हैं तो अतिरिक्त बाल भी झड़ने लगते हैं। ऐसी स्थिति में परेशान न हों और ये ना सोचे कि बाल झड़ने के कारण आप गंजी हो जाएंगी। सच यह है कि आप कुछ महीनों में अपनी सामान्य स्थिति में वापस आ जाएंगी। यदि आप स्तनपान करा रही हैं तो जब तक आप सप्लिमेंट लेना शुरू नहीं कर देती है तब तक आपके बाल झड़ सकते हैं।

इससे बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार का सेवन करें और बच्चे के जन्म के पूर्व विटामिन सप्लिमेंट लेकर अपने बालों को स्वस्थ बनाए रखें। शैम्पू का इस्तेमाल तभी करें जब आवश्यक हो और शैम्पू करने के बाद अच्छे कंडीशनर का इस्तेमाल करें। बालों को सुलझाने के लिए दूर-दूर दांत वाली कंघी का इस्तेमाल करें। बालों के झड़ने के रुकने तक आप ब्लो- ड्रायर्स और कलैिग और फ्लैट आयरन का इस्तेमाल रोक दें और किसी भी रसायन युक्त उपचार से दूर रहें। यदि आपके बाल ज्यादा झड़ रहे हो, तो अपने चिकित्सक से बात करें। यदि इसके साथ अन्य लक्षण भी प्रकट हो रहे हों, तो गर्भावस्था के बाद बालों का झड़ना प्रसवोत्तर थायरॉयडटस का संकेत हो सकता है |

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