अंगूर खाने के फायदे Angur Khane Ke Fayde In Hindi

angoor khane ke fayde in hindi

अंगूर खाने के फायदे (Angur Khane Ke Fayde In Hindi Language)

अंगूर एक फल है । यह बहुत ही स्वादिष्ट एंव पौष्टिक होता है | यह गुच्छों में जुड़ा हुआ होता है | इसमें जल, सोडियम, साइट्रिक एसिड, शर्करा, फ्लोराइड, पोटेशियम सल्फेट, मैगनेशियम, पोटेशियम और लौह तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं । अंगूर खाने से भूख बढ़ती है | अंगूर में औषधीय गुण होते हैं | इसके सेवन से अनेक रोगों से बचा जा सकता है | जैसे

1. महिला रोग– कुछ व्याधियां महिलाओं को मासिक-धर्म की प्रक्रिया में अनियमितता आ जाने या अन्य कारणों से होती ही रहती है, जैसे- 1. कब्ज 2. सिर-दर्द 3. चक्कर आना, 4. अफारा 5. चक्कर या दौरे पड़ना 6. बदहजमी 7. गैस बनना | इन सबसे मुक्ति के लिए रोगी महिला को दिन में 2 बार अंगूर का ताजा रस लगभग 20-25 ग्राम की मात्रा में कुछ दिनों तक नियमित पीना चाहिए |

श्वेत प्रदर की समाप्ति के लिए अंगूर खाने चाहिए |

2. नेत्रों के रोग – अंगूर का रस कलई के बर्तन में आग पर पकायें | जब रस गाढ़ा हो जाये तो शीशी में भर लें | इस रस को रात को सलाई से आँखों में लगाने से आँखों की खारिश, पलकें गिरना आदि अनेक रोगों में लाभ होता है |

3. कान बहना – यदि कान में पीप पड़ गयी हो तो खट्टे अंगूर का रस अग्नि पर गाढ़ा होने तक पकाकर शीशी में भरकर रख लें | आवश्यकता पड़ने पर दुगुनी मात्रा में शहद इस रस में मिला, थोड़ा गुनगुना कर कान में कुछ बूंदें टपकायें | पीप बहना बंद हो जायेगा |

4. नकसीर या नाक से खून गिरना – मीठे अंगूर का रस निकालकर नाक में चढ़ा लें, खून निकलना रुक जायेगा |

5. जुकाम – प्रतिदिन 50-50 ग्राम अंगूर खायें तो जुकाम में फायदा मिलता है |

6. गठिया – इस रोग में प्रतिदिन अंगूर खाने से गठिया में लाभ होता है |

7. चेचक – पहले गर्म पानी से अंगूर धोयें, फिर उनका सेवन करें तो इस रोग में फायदा मिलता है |

8. आधासीसी का दर्द – प्रतिदिन सूर्य निकलने से पूर्व (प्रातः-काल में) लगभग 100 ग्राम अंगूर का रस पीयें |

9. मिर्गी के दौरे पड़ना – इस रोग में अंगूरों का सेवन लाभदायक है |

10. दमा – अंगूर का सेवन करें | थूक में रक्त आने पर भी इसका सेवन करें |

11. घबराहट – इस रोग को दूर करने के लिए अंगूर खायें |

12. दांत निकलना – दांत निकलने के समय बच्चों को 2-2 चम्मच अंगूरों का रस प्रतिदिन पिलायें इससे दांत जल्दी निकलते हैं और दर्द कम होता है |

13. मूत्र-विकार – मूत्र थोड़ा व रुक-रुक कर आता हो, बार-बार जाने की इच्छा हो तो अंगूर खाना बहुत लाभदायक रहता है | इसके सेवन से मूत्र खुलकर आता है और मूत्राशय की कमजोरी दूर हो जाती है |

1.अपच 2. कब्ज 3. वायु-विकार 4. अंगों का कमजोर होना 5. रक्त-विकार 6. सिर-दर्द 7. उदर-शूल 8. बेहोशी के दौरे पड़ना 9. चक्कर आना 10. क्षय रोग | सभी में अंगूरों का रस देना हितकर है | इससे समस्त रोग दूर होकर शरीर शक्तिशाली बनता है | अंगूर स्वस्थ मनुष्य का पूर्ण भोजन और रोगी मनुष्य का शक्तिदायी पथ्य है |

1. आमाशय के घाव 2. रक्त-विकार 3. कैंसर 4. टी.बी. 5. अपेण्डिसाइटिस 6. संधिवात 7. पायरिया 8. उपदंश 9. फेफड़े की विभिन्न प्रकार की व्याधियों- खांसी-जुकाम, दमा आदि में अंगूर का सेवन पथ्यरूप से किया जाता है |

14. गुदा का दर्द – अंगूर की बेल के पत्ते 20 ग्राम को 50 ग्राम ताजा पानी में पीस-छान और थोड़ा लाहौरी नमक मिलाकर रोगी व्यक्ति को पिला दें, तुरंत गुदा का भयंकरतम दर्द भी ठीक हो जाता है |

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*