अतिसार या डायरिया का घर पर ही करें उपचार Atisaar Ya Diarrhea ka Ghar Par Hi Upchar

अनियमित और असंतुलित खानपान के कारण व्यक्ति कई बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है. इस जीवन शैली का परिणाम है अतिसार रोग. यह पाचन तंत्र संबंधी विकार है जो किसी भी लिंग और उम्र के व्यक्ति को हो सकता है परंतु इससे विशेषकर बच्चे ज्यादा प्रभावित होते हैं (Atisaar Ya Diarrhea ka Ghar par hi Sambhav).

वर्षा ऋतु में एक ओर जहां भीषण गर्मी से राहत मिलती है तथा मन प्रफुल्लित होता है वहीं दूसरी ओर इस मौसम में भोजन एवं पानी ज्यादा दूषित होते हैं जिस कारण इस ऋतु में पानी से संबंधित बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है. मानसून के मौसम में हम सभी को पकौड़े व अन्य चटपटे पदार्थ खाने का मन करता है. कई बार हम रोड साइड मिल रहे भोज्य पदार्थो का सेवन कर लेते हैं बिना उनकी स्वच्छता को देखें. यही कारण है कि हम कई पाचन तंत्र के विकारों से पीड़ित हो जाते हैं. उन्ही विकारों में शामिल है अति सार( Diarrhea Rog Varsha Retu me Jyada Failta hai). और पढ़ें – दस्त (Diarrhea) होने पर घरेलू उपचार

डायरिया में सामान्य तौर पर डिहाइड्रेशन होता है(Dehydration usually occurs in diarrhea). इसी कारण व्यक्ति को इलेक्ट्रोलाइट्स पानी तथा ओ.आर. एस. घोल पीते रहना चाहिए ताकि पानी एवं इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति होती रहे.

आयुर्वेद में डायरिया की व्याधि अतिसार से बताई गई है तथा इसकी विरुक्ति बतलाते हुए कहा है कि ‘अति’ उपसर्ग में ‘सृ’ धातु से अतिसार शब्द बनता है. ‘अति’ का अर्थ अधिक होता है जबकि ‘सृ’ का अर्थ स्त्राव होता है इस प्रकार अतिसार शब्द का अर्थ होता है गुदा के रास्ते अधिक मात्रा में लिक्विड मल का स्त्राव होना.

अतिसार या डायरिया के होने कारण Atisaar Ya Diarrhea Hone Ke Karan

  • वायरल संक्रमण के कारण Viral Infection
  • शरीर में पानी की कमी होना, निर्जलीकरण Sharir me Pani ki Kami Hona
  • पाचन तंत्र में खराबी Pachan Tantra me Kharabi
  • दूषित भोजन का सेवन Dushit Bhojan Ka Sevan
  • अधिक मात्रा में गरिष्ठ भोजन का सेवन करना
  • पेट में कीड़ों या बैक्टीरिया का संक्रमण होना Pet me kide

अतिसार होने के पहले व्यक्ति के हृदय, नाभि, गुदा, उदर तथा कुक्षि वाले क्षेत्र में चुभन व दर्द होता है तथा पेट में गैस बनना, मल का अवरोध, अंगों में शिथिलता तथा अपच का होना य लक्षण मिलते हैं.आयुर्वेद में दोषानुसार अतिसार के लक्षण भी बतलाए गए हैं.

अतिसार या डायरिया के घरेलु उपचार Atisaar Ya Diarrhea ke Gharelu Upchar

आयुर्वेद में निदान परिवर्जन अर्थात् जिस कारण से रोग उत्पन्न हो उसको दूर करना प्रथम चिकित्सा बतलाई है. अतः दूषित जल एवं भोजन का सेवन न करना, जठराग्नि मंद करने वाले भोज्य पदार्थों का त्याग, उबला हुआ पानी पीना, खाना खाने के पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ करना, बाहर के खाद्य पदार्थों का सेवन बंद करना, बारिश के मौसम में होटल आदि में खाने से परहेज करना आदि उपायों से इससे बचा जा सकता है.

केला से डायरिया का इलाज Kele Se Diarrhea ka Ilaj अतिसार रोकने का एक साधारण उपाय है केले का दही के साथ सेवन करें. इससे दस्त शीघ्र ही नियंत्रण में आ जाते हैं. और पढ़ें – केला के औषधीय गुण एवं स्वास्थ्य लाभ Kele Khane Ke Fayde Aur Nuksaan

बेल के फायदे Diarrhea me Bel Ke Fayde 250 ग्राम बेल के मुरब्बे का प्रतिदिन सुबह-शाम सेवन करने से अतिसार में लाभ होता.

सौंठ से डायरिया का उपचार Sonth se Diarrhea ka Upchar सौंठ को एक पत्थर पर घीसकर इसका पेस्ट बना लें. रोजाना दिन में 3 बार इस पेस्ट को चाटने से पाचन क्रिया में सुधार होता है. इसके अतिरिक्त रात को एक गिलास दूध में एक चम्मच सौंठ का चूर्ण उबालकर पीने से भी लाभ होता है.

डायरिया में अदरक के लाभ Diarrhea me Adrak ke Labh आधा चम्मच अदरक के रस में आधा चम्मच नींबू का रस और थोड़ी काली मिर्च मिला ले. दिन में दो बार इस मिश्रण का सेवन करने से पेट की ऐंठन में राहत मिलती है. 100 मिली. गरम पानी में एक चम्मच अदरक का रस मिलाकर पीना भी लाभदायक होता है. और पढ़ें – अदरक के औषधीय गुण Adrak Ke Fayde – Ginger Benefits In Hindi

कुटजारिष्ठ से डायरिया का इलाज संभव Kutajarishta se Diarrhea अतिसार के उपचार में एक प्रभावशाली औषधि है कुटजारिष्ठ. आधा कप पानी में 2 चम्मच कुटजारिष्ठ मिलाकर दिन में 3 बार पीने से दस्त नियंत्रित होते है.

आम की गुठली है गुणकारी Aam Guthli hai Gunkari अतिसार के उपचार के लिए एक आम की गुठली का पाउडर बना लें. रोजाना एक गिलास पानी में एक चम्मच पाउडर लेने से अतिसार ठीक होता है.

डायरिया में शहद है लाभकारी Diarrhea me Shahad hai Labhkari 50 ग्राम शहद को 250 मिली. पानी के साथ लेने से दस्त नियंत्रण में आते हैं.

सिका जीरा से होता है लाभ Bhuna Jeera se hota hai Labh आधा चम्मच मैथी के बीज में आधा चम्मच सिका जीरा और 50 ग्राम दही मिलाकर सेवन करने से अतिसार रोग में बहुत लाभ होता है. बराबर मात्रा में सौंफ और जीरा तवे पर सेंक कर पाउडर बना ले. 5 ग्राम चूर्ण पानी के साथ हर 3 घंटे के अंतराल पर लेने से अतिसार में फायदा होता है. 2-3 ग्राम सिके जीरे और आधा ग्राम काला नमक पावभर खट्टी छाछ के साथ लेना अतिसार का गुणकारी उपचार है.

भूरे चावल से डायरिया का उपचार Brown Chawal se Diarrhea ka Upchar भूरे चावल को उबालकर उसका पानी निकाल ले. इस पानी का सेवन करने से दस्त जल्दी ठीक होते हैं.

अतिसार या डायरिया के अन्य घरेलु उपचार Atisaar Ya Diarrhea ke Anya Gharelu Upchar

परहेज करना किसी भी बीमारी में अत्यंत आवश्यक होता है क्योंकि आयुर्वेद में पथ्य को विशेष महत्व दिया गया है. इसलिए खाने में हल्के तथा जल्दी पचने वाले भोज्य पदार्थ जैसे मूंग की दाल, चावल का मांड, खिचड़ी तथा मट्ठे का सेवन करना चाहिए. जबकि गरिष्ठ भोजन पदार्थ जैसे पनीर आदि मसाला युक्त भोजन, तली हुई चीजों से परहेज करना चाहिए. ताजे स्वादिष्ट खाने का सेवन करना चाहिए.

  • आवश्यक मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें. शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखें.
  • कैफीन युक्त आहार से परहेज करें.
  • बच्चों को मां के दूध का ही सेवन कराएं.
  • गरिष्ठ भोजन का सेवन न करें.
  • केले और चावल का सेवन आंतों की गति को नियंत्रित करने में मददगार होता है.
  • दूषित व अस्वच्छ भोजन का सेवन न करें.

आजकल भाग दौड़ की जिंदगी में हम अपने खानपान पर सही प्रकार से ध्यान नहीं दे पाते. इस कारण हमारा पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है और हम अतिसार से ग्रस्त हो जाते हैं. इससे बचाव का सर्वश्रेष्ठ उपचार है स्वच्छ, संतुलित आहार लेना व आवश्यक मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करना. उचित सावधानियां रखने से इस रोग से बचाव संभव है.

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